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टोक्यो में ओलिंपिक से 11 हफ्ते पहले इमरजेंसी:जापानी प्रधानमंत्री और दूसरी संस्थाओं को गेम्स रद्द की याचिका, 2 दिन में 2 लाख से ज्यादा लोगों ने साइन कर विरोध जताया

टोक्यो2 महीने पहले
याचिकाकर्ता केंजी उत्सुनोमिया का मानना है कि कोरोना जैसी महामारी के बीच में टोक्यो ओलिंपिक कराना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।

टोक्यो ओलिंपिक जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है। उस पर कोरोना संकट छाने लगा है। गेम्स इसी साल 23 जुलाई से 8 अगस्त तक होने हैं, लेकिन इसको रद्द करने के लिए जापान में एक ऑनलाइन याचिका दायर की गई है। यह अभियान शुरू होने के 2 दिन के अंदर ही 2 लाख से ज्यादा लोगों ने साइन कर टूर्नामेंट का विरोध जताया है। साथ ही टोक्यो में ओलिंपिक से 11 हफ्ते पहले 31 मई तक कोरोना इमरजेंसी लगा दी गई है।

जापानी क्योदो न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह ऑनलाइन याचिका इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी के प्रेसिडेंट थॉमस बाक, जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदो सुगा और टूर्नामेंट से जुड़ी दूसरी संस्था और अधिकारियों को भेजी गई।

कई शहरों में मेडिकल सुविधाओं की बेहद कमी
यह याचिका लॉयर केंजी उत्सुनोमिया ने बुधवार को दायर की है। वे टोक्यो सरकार के खिलाफ इससे पहले भी कई बार याचिकाएं लगा चुके हैं। केंजी ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि 17 मई को ओलिंपिक टॉर्च रिले इवेंट है। इसी दिन थॉमस बाक जापान आएंगे और अगले दिन प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग करेंगे। इससे पहले हम ज्यादा से ज्यादा अभियान के सपोर्ट में लोगों के साइन कलेक्ट करना चाहते हैं।

याचिकाकर्ता केंजी का मानना है कि कोरोना जैसी महामारी के बीच में टोक्यो ओलिंपिक कराना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि जापान के कई शहरों में मेडिकल सुविधाओं की बेहद कमी है। लोग कोरोना से जूझ रहे हैं। ऐसे में टूर्नामेंट कराना हेल्थ वर्कर्स, नागरिकों और गेम्स में शामिल होने वाले लोगों के लिए घातक साबित होगा।

ओलिंपिक में अभी तीन महीने से भी कम का समय बचा है। फिलहाल, टोक्यो शहर कोरोना के चलते इमरजेंसी की दौर से गुजर रहा है। यहां अस्पतालों में हालात सुधारने पर काम किया जा रहा है।

सभी संस्थाएं ओलिंपिक कराने के पक्ष में
थॉमस बाक और जापानी ऑर्गनाइजिंग कमेटी शुरुआत से ही कहते आ रहे हैं कि टूर्नामेंट को सफलतापूर्वक करा लिया जाएगा। जबकि मीडिया पोल्स में बताया जा रहा है कि ज्यादातर लोग टूर्नामेंट के खिलाफ हैं। जापान के लोग इस टूर्नामेंट को एक साल के लिए टालने के पक्ष में हैं।

टोक्यो गवर्नर युरिको कोइके और वर्ल्ड एथलेटिक्स ऑर्गनाइजेशन के प्रेसिडेंट सेबस्टियन कोए ने हाल ही में टोक्यो में एक मीटिंग की थी। इस दौरान दोनों के बीच आपसी सहयोग पर सहमति भी बनी थी। लोगों के विरोध को लेकर उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट इस मुश्किल समय में लोगों के एक नई उम्मीद और पॉजिटिविटी देगा। सेबस्टियन कोए 2012 लंदन ओलिंपिक का भी सफल आयोजन कर चुके हैं।

124 साल के इतिहास में ओलिंपिक 3 बार रद्द हुए और पहली बार टले
टोक्यो ओलिंपिक पिछले साल होने थे, जो कोरोना के कारण एक साल के लिए टाल दिए गए थे। ओलिंपिक में कुल 11000 खिलाड़ी उतरेंगे। यह पहला मौका नहीं था, जब टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक को टाला गया। 1940 में इस शहर को पहली बार इन खेलों की मेजबानी मिली थी, लेकिन चीन से युद्ध की वजह से यह गेम्स रद्द कर दिए गए थे।

ओलिंपिक के 124 साल के इतिहास में ओलिंपिक 3 बार रद्द हुए हैं और पहली बार टाले गए। इससे पहले वर्ल्ड वॉर के कारण बर्लिन ओलिंपिक (1916), टोक्यो (1940) और लंदन गेम्स (1944) को कैंसिल करना पड़ा था। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, यदि इस बार टोक्यो ओलिंपिक रद्द होते हैं, तो करीब 25 अरब डॉलर का नुकसान होगा।