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ओलिंपिक से 49 दिन पहले भारत को झटका:कॉमनवेल्थ गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट पहलवान सुमित डोप टेस्ट में फेल; 2016 ओलिंपिक से पहले नरसिंह भी हुए थे शिकार

नई दिल्ली2 महीने पहले
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टोक्यो ओलिंपिक में अब बस 49 दिन बचे हैं। इससे पहले इंडियन रेसलिंग को एक और झटका लगा है। ओलिंपिक कोटा हासिल कर चुके पहलवान सुमित मलिक डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। उन पर कोई प्रतिबंधित पदार्थ लेने का आरोप है। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने एंटी डोपिंग के नियम का उल्लंघन करने के लिए फिलहाल इस रेसलर को सस्पेंड कर दिया है। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर ने इसकी पुष्टि की।

सुमित 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडलिस्ट रहे थे। उन्होंने 125 किग्रा भार वर्ग में ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया था। सुमित की ओलिंपिक में भागीदारी अब अनिश्चित है। इससे पहले 2016 रियो ओलिंपिक से 10 दिन पहले कोटा हासिल कर चुके पहलवान नरसिंह यादव भी डोप टेस्ट में फेल हुए थे। इसके बाद वे ओलिंपिक में भाग नहीं ले सके थे। नरसिंह पर 4 साल का बैन भी लगा था।

''10 जून को एक और टेस्ट में पॉजिटिव आए, तो बैन लगेगा''
विनोद ने कहा- सुमित की B सैंपल की जांच 10 जून की जाएगी। उन्हें अस्थाई तौर पर सस्पेंड कर दिया गया है। जांच के बाद उन पर सुनवाई होगी। सुमित ने बताया है कि उन्होंने जानबूझकर कोई प्रतिबंधित पदार्थ नहीं लिया है। वे पिछले कुछ समय से चोटिल थे और इस वजह से दवा ले रहे थे। इसकी वजह से वे डोप टेस्ट में फेल हो सकते हैं। अगर उनका B सैंपल भी पॉजिटिव आता है, तो उन पर बैन लगाया जाएगा।

भारत के 100 एथलीट ने ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया
नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने इस पर कोई बात करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही भारत पर एक कोटा गंवाने का भी खतरा मंडरा रहा है। 11 स्पोर्ट्स में भारत के 100 एथलीट ने ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया है। इसके अलावा 25 और एथलीट के जाने की संभावना है। टोक्यो ओलिंपिक का आगाज 23 जुलाई से होगा।

बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट से इस बार देश को ओलिंपिक में मेडल की काफी उम्मीद है।
बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट से इस बार देश को ओलिंपिक में मेडल की काफी उम्मीद है।

रेसलिंग में 8 खिलाड़ियों ने ओलिंपिक कोटा हासिल किया
रेसलिंग में 8 खिलाड़ियों का अब तक का सबसे बड़ा भारतीय दल ओलिंपिक में जा रहा है। इसमें 4 पुरुष और 4 महिला पहलवान हैं। इससे पहले 2016 में रियो में 7 रेसलर गए थे। सुमित के अलावा इस बार रवि कुमार दहिया, बजरंग पूनिया, दीपक पूनिया, सीमा बिस्ला, विनेश फोगाट, अंशु मलिक और सोनम मलिक ओलिंपिक कोटा हासिल कर चुके हैं। इनमें बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और दीपक पूनिया वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप थ्री में शामिल हैं। इन तीनों से पदक की उम्मीद की जा रही है।

2019-20 में रेसलिंग में डोप टेस्ट फेल होने के 12 मामले सामने आए
रेसलिंग ओलिंपिक में भारत के सबसे अहम खेलों में से एक रहा है। भारत ने 2008, 2012 और 2016 यानी लगातार 3 ओलिंपिक में मेडल अपने नाम किए थे। 2008 और 2012 में पहलवान सुशील कुमार और 2016 में योगेश्वर दत्त ने भारत के लिए मेडल जीता था। हालांकि, इस खेल में डोपिंग में फेल होने के भी सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। NADA के 2019-2020 के रिकॉर्ड के मुताबिक, रेसलिंग एंटी डोपिंग के नियम का उल्लंघन करने वाला तीसरा सबसे बड़ा स्पोर्ट है। इससे आगे सिर्फ एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग ही है। 2019-20 में रेसलिंग में डोप टेस्ट फेल के 12 मामले सामने आए।

सुशील और नरसिंह की ये तस्वीर लंदन ओलिंपिक से पहले की है।
सुशील और नरसिंह की ये तस्वीर लंदन ओलिंपिक से पहले की है।

लगातार दूसरे ओलिंपिक से पहले भारतीय पहलवान फेल
यह लगातार दूसरी बार है, जब ओलिंपिक से पहले कोई भारतीय रेसलर डोप टेस्ट में फेल हुआ हो। इससे पहले 2016 में रियो ओलिंपिक से पहले पहलवान नरसिंह यादव का मामला सामने आया था। 2016 में 74 किलो वेट में नरसिंह और 2 बार के ओलिंपिक मेडलिस्ट सुशील कुमार दावेदार थे। सुशील ओलिंपिक क्वालिफायर्स के ट्रायल में हिस्सा नहीं ले पाए। इसके बाद नरसिंह को ओलिंपिक क्वालिफायर्स इवेंट के लिए भेजा गया। नरसिंह ने अपनी प्रतिभा से कोटा हासिल भी कर लिया।

जो खिलाड़ी कोटा हासिल करता है, वही ओलिंपिक जाता है
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के नियमों के मुताबिक जो खिलाड़ी जिस वेट कैटेगरी में कोटा हासिल करता है, वही ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करता है। सुशील चाहते थे कि वे दो बार के ओलिंपिक मेडलिस्ट हैं, इसलिए उन्हें जाने का मौका दिया जाना चाहिए। वे फिर से ट्रायल कराने को लेकर कोर्ट भी गए, जहां उनकी याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद नरसिंह ने सोनीपत में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) में ट्रेनिंग शुरू कर दी।

सुशील कुमार VS नरसिंह यादव।
सुशील कुमार VS नरसिंह यादव।

नरसिंह ने सुशील पर लगाए थे गंभीर आरोप
ओलिंपिक से 10 दिन पहले नरसिंह की नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) की ओर से डोपिंग के लिए भेजा गया सैंपल पॉजिटिव आया। हालांकि, NADA ने उन्हें क्लीन चिट दे दी, लेकिन वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA ) ने न सिर्फ ओलिंपिक में उन्हें भाग लेने से रोक दिया, बल्कि 4 साल के लिए बैन भी कर दिया। इस मामले में नरसिंह भी खुलकर सामने आए और उन्होंने सुशील पर गंभीर आरोप लगाए थे।

उन्होंने कहा था कि सुशील के इशारे पर उन्हें डोपिंग में फंसाया गया। उनका आरोप था कि सोनीपत में ट्रेनिंग के दौरान सुशील के इशारे पर ही उनके खाने में कुछ मिलाया गया। इस मामले में प्रधानमंत्री की पहल पर मामले के लिए जांच कमेटी भी गठित की गई थी। वहीं, इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) ने नरसिंह की जगह किसी अन्य खिलाड़ी को कोटा देने से इनकार कर दिया था और भारत ने अपना एक कोटा गंवा दिया था।

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