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ओलिंपिक सिल्वर गर्ल की मां का इंटरव्यू:रियो में नाकामी के बाद हम शादी के लिए दबाव डालने लगे थे, लेकिन मीरा कहती थी- पहले मेडल फिर शादी

इंफाल3 महीने पहलेलेखक: राजकिशोर
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वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर परिवार, राज्य और देश का मान ऊंचा कर दिया। देश-विदेश से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। हालांकि, पांच साल पहले ऐसी स्थिति बनी थी जिसके बाद लगने लगा था कि मीराबाई अब शायद खेल को जारी न रख पाएं।

2016 रियो ओलिंपिक में एक बार भी सही वेट नहीं उठा पाने के कारण मीराबाई को डिसक्वालिफाई कर दिया गया था। इस विफलता के बाद परिवार वाले उन पर शादी का दबाव बना रहे थे। उनका कहना था कि अब खेल बहुत हुआ, शादी करो और घर बसाओ, लेकिन देश के लिए मेडल जीतने का जुनून रखने वाली मीरा ने साफ इनकार कर दिया। कहा- जब तक ओलिंपिक में मेडल नहीं जीतूंगी तब तक शादी नहीं करूंगी।

यह खुलासा खुद मीराबाई के माता-पिता ने किया। टोक्यो में मीराबाई की सफलता के बाद भास्कर ने मीराबाई के पिता सैखोम कृति और मां तोम्बी लीमा से बात की। मीरा ने टोक्यो में सिल्वर जीतने के बाद मां से कहा कि अब उनका टारगेट अगले ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है। आप भी पढ़िए पूरा इंटरव्यू...

सवालः आपको कब पता चला कि मीरा स्पोर्ट्स में अच्छा कर सकती हैं? कहा जाता है कि वे लकड़ी के भारी गट्ठर आसानी से उठा लेती थीं?
जवाबः मीराबाई बचपन से ही खेलों की ओर रुझान रखती थी। वह टीवी पर फिल्में और सीरियल की जगह स्पोर्ट्स देखती थी। ऊपरवाले ने उसके शरीर में ताकत भी दी है। जब वह 5-6 साल की थी तो वह पानी से भरी बाल्टी लेकर पहाड़ों पर चढ़ जाती थी। जब मीरा 10 साल की थी तब अपनी बड़ी बहनों के साथ खाना बनाने के लिए जंगल से लकड़ी के भारी गट्ठर उठा कर लाती थी। मीरा की बड़ी बहनें भी इतना वजन नहीं उठा पाती थीं।

मीरा ने टीवी पर देश की महान वेटलिफ्टर कुंजू रानी देवी को वेटलिफ्टिंग करते देखकर कहा था कि वह भी इस खेल में जाना चाहती है। मुझे पता था कि ये भारी वजन उठा सकती है इसलिए मैं तैयार हो गई। मीरा के पिता को शुरुआत में यह पसंद नहीं था, लेकिन बाद में वे भी मान गए।

सवालः मीराबाई को वेटलिफ्टिंग की ट्रेनिंग कराने के लिए आप लोगों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
जवाबः देखिए हमारा गांव इंफाल से करीब 20 किलोमीटर दूर है। हमारे लिए सबसे बड़ी दिक्कत ट्रेनिंग के लिए उन्हें अकेले इंफाल भेजने को लेकर थी। मीरा की जिद के आगे हमें झुकना पड़ा। हमने उसे समझाया कि इंफाल में जाकर ट्रेनिंग करने में दिक्कत आएगी, लेकिन वह रोजाना 40 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए तैयार थी। शुरुआत में गांव में वह बांस से बने वजन को उठाती थी। बाद में वह इंफाल ट्रेनिंग करने लगी। फिर नेशनल में मेडल जीतने पर उनका चयन साई में हो गया और वह वहीं पर रहने लगी।

सवालः वेटलिफ्टर की डाइट काफी यूनिक होती है? जब उन्होंने इस खेल में आने का फैसला किया तो उनकी डाइट को कैसे मैनेज किया?
जवाबः हमारा बड़ा परिवार है और आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी। हमारे पास खेती की थोड़ी बहुत जमीन थी। मीरा के पापा इस पर खेती करने के अलावा दूसरों के खेत में हल चलाते थे। ऐसे में हमारे लिए मीरा के खेल के मुताबिक डाइट मैनेज करना मुश्किल था। पैसे की कमी को दूर करने के लिए हमने गांव में चाय-नाश्ते की दुकान खोली। इससे हमें जो पैसा मिलता उससे मीरा के लिए डाइट का इंतजाम होता था।

सवालः रियो ओलिंपिक में मीराबाई एक बार भी सही तरीके से वेट नहीं उठा पाई थीं? इसके बाद उन्होंने खुद को कैसे मोटिवेट किया?
जवाबः
मीरा जब रियो ओलिंपिक में मेडल नहीं जीत पाई तो हमें लगा कि उसका करियर खत्म हो गया है। एक समय वह खेल छोड़ने का मन बनाने लगी थी। रियो से लौटने के बाद हमने उसकी शादी की बात की। हमने कहा कि खेल बहुत हो गया और शादी कर घर बसा लो, लेकिन फिर उसने खेल जारी रखने का फैसला किया। उसने कहा कि जब तक ओलिंपिक में मेडल नहीं जीतेगी शादी नहीं करेगी।

सवालः मेडल जीतने के बाद मीराबाई से क्या बात हुई?
जवाबः मेडल जीतने के तुरंत बाद चानू ने वीडियो कॉल किया था। हमसे आशीर्वाद लिया और घर पर टीवी देख रहे गांव के बड़े- बुजुर्गों से भी आशीर्वाद लिया। मेरे घर पर गांव के लोग मीरा का इवेंट देखने आए थे। मीरा ने केवल इतना कहा कि वह देश के लिए ओलिंपिक मेडल जीतकर खुश है। उसका सपना पूरा हो गया।

सवालः क्या चानू से टोक्यो जाने के बाद बात हुई थी? वे आखिरी बार घर कब आई थीं?
जवाबः मीरा से हमारी बातचीत ओलिंपिक के लिए रवाना होने से पहले हुई थी। उस समय भी उसने वीडियो कॉल किया था और हम सभी से मेडल जीतने का आशीर्वाद लिया था। अभी करीब चार महीने से मीरा घर नहीं आई हैं। इस बीच उससे वीडियो कॉल पर ही बात हो पाई है।

घर में कितने लोग हैं? क्या मीराबाई की तरह घर का और भी कोई सदस्य स्पोर्ट्स में जाना चाहता है?
जवाबः मेरे दो बेटे और चार बेटियां हैं। मीराबाई सबसे छोटी है। मीरा को छोड़कर सभी बच्चों की शादी हो चुकी है। मेरा बड़ा बेटा सेना में है। जबकि छोटा घर पर ही रहता है।

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