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- Faridabad News 10 Bed Sncu To Be Built In Fru Of Sector 3 10 Warmers Will Be Provided Neonatal Treatment Will Be Done For 28 Days People Around Will Benefit
सेक्टर-3 के एफआरयू में बनेगी 10 बेड की एसएनसीयू, लगेंगे 10 वार्मर, 28 दिन तक नवजात का होगा उपचार, आसपास के लोगों को फायदा
सेक्टर-3 स्थित फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू)-2 में 10 बेड की सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) बनेगी। स्वास्थ्य विभाग इसकी योजना तैयार कर रहा है। यहां 28 दिन तक के प्री-मैच्योर्ड बेबी यानी नवजात के उपचार किया जाएगा। इसके लिए 10 वार्मर लगाए जाएंगे। इससे बल्लभगढ़ समेत आसपास के 2 लाख से अधिक लोगों के नवजात का उपचार सुनिश्चित हाे सकेगा। है। सेक्टर-3 स्थित एफआरयू 30 बेड का अस्पताल है। यहां की ओपीडी में रोज 300 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। लोगांे की सुविधा के लिए अस्पताल में गायनी वार्ड की भी व्यवस्था है। यहां 5 से 7 गर्भवती की रोज डिलीवरी हाेती है। लेकिन जिनके बच्चे का जन्म समय पूर्व या फिर उन्हें जन्म लेते ही कोई परेशानी हो जाती है तो ऐसे बच्चे को बीके अस्पताल रेफर किया जाता है। ऐसे में एफआरयू-दो व बल्लभगढ़ स्थित सब-सिविल अस्पताल से बीके अस्पताल आने में काफी दिक्कत होती है। ऐसे में बच्चों की मौत भी हो जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार यूनिट अगले महीने तक तैयार हो जाएगी। इसकी तैयारी चल रही है।
इसे कहते हैं प्री मैच्योर्ड बेबी
}37 सप्ताह से पहले डिलीवरी
}2.5 किलोग्राम से कम वजन
}एक से ज्यादा बच्चा होने पर
यह होती हैं समस्याएं
}रीढ़ की हड्डी में दिक्कत
}मंदबुद्धि, हाथ-पैर व हृदय में दिक्कत
}शारीरिक विकास नहीं होना
प्री मैच्योर्ड बेबी के कारण
}गर्भावस्था में रक्तचाप, } इंफेक्शन, - पेट में ज्यादा पानी होना, दस्त, यूरीन इंफेक्शन होना, - दिल व खून की कमी
फरीदाबाद। सेक्टर-3 स्थित फर्स्ट रेफरल यूनिट।
एफआरयू-दो में एसएनसीयू बनाई जाएगी। इसकी तैयारी चल रही है। अस्पताल की पहली मंजिल पर इस यूनिट को बनाया जाएगा। यहां कम से कम 10 वार्मर भी लगाए जाएंगे। इससे सेक्टर-3, बल्लभगढ़ समेत आसपास के लोगों को फायदा होगा।
-डॉ. रमेश, डिप्टी सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग
यहां एसएनसीयू में एक सीबीसी आटोमैटिक सेल काउंटर लगाया जाएगा। इससे उपचार के लिए भर्ती नवजात के ब्लड सैंपल को जांचने में आसानी हाेगी। यह एक ऑटोमेटिक कंप्यूटराइज्ड मशीन है। इसमें एक बूंद ब्लड सैंपल की जांच ऑटोमैटिकली हो जाएगी। एक मिनट के अंदर रिपोर्ट कंप्यूटर स्क्रीन पर आ जाती है। नवजात की बीमारियों को जानकर तुरंत उपचार शुरू हो सकेगा। इस मशीन से हीमोग्लोबिन, टीएलसी, ब्लड ग्रुप, एड्स, डेंगू, मलेरिया, हेपेटाइटिस ए, बी आदि जांचना आसान हो जाएगा।
लगाए जाएंगे सीबीसी आटोमैटिक सेल काउंटर, तुरंत मिल जाएगी रिपोर्ट