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डिस्ट्रीब्यूटरी से पानी बहने से गाेशाला की 300 एकड़ में फसल जलमग्न

एक वर्ष पहले
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हालुवास गेट स्थित नंदीशाला में बेसहारा पशुओं की उचित देखभाल न होने से पशुओं के बीमार होने की आशंका बनी हुई है। बरसात के बाद नंदीशाला में जमा गोबर को निकाला नहीं गया है, इससे लगभग दो हजार बेसहारा पशु पिछले तीन दिनों से गोबर में ही खड़े हुए हैं। इसके अलावा नंदीशाला में घायल पशुओं को कौवे नोच रहे हैं। घायल पशुओं को भी कौवों से बचाने की कोई व्यवस्था नहीं है। नंदीशाला में 15 बेसहारा पशु बीमार हैं।

हालुवास गेट स्थित नंदीशाला शहर के समाजसेवी अाैर जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित है। सफाई व्यवस्था का जिम्मा नगरपरिषद का है। नंदीशाला में मौजूदा समय में लगभग दो हजार बेसहारा पशु हैं।

नंदीशाला में सांड, गाय व बछड़ी एक ही स्थान पर रखी गई है। सांड आपस में लड़ते हैं तो घायल हो जाते हैं। चोट लगने से बने जख्म को दिनभर कौवे पशु पर बैठकर नोचते हैं। इससे घायल पशुओं को परेशानी होती है। नंदीशाला में लगभग 200 घायल पशु हैं, जिन्हें कौवे नोच रहे हैं।

कर्मियों को दिए गए हैं कई निर्देश: नप सचिव

नगरपरिषद के पांच कर्मचारी गोशाला में सफाई का काम रहे हैं। इसके अलावा चार अन्य प्राइवेट कर्मचारी तैनात हैं। एक-दो दिन के बाद गोबर सूखने के बाद गोबर को इक्कठा किया जाएगा। गोशाला से कौवे उड़ाने के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए जाएंगे।\\\'\\\'

-राजेश मेहता, नप सचिव।

ये हो सकता है समाधान

{ टीन शेड के नीचे कस्सी व कर्मचारियों के माध्यम से गोबर को एक स्थान पर इक्कठा किया जा सकता है।

{ गोशाला के शेष हिस्से में फैले गोबर को भी ट्रैक्टर व मशीन की मदद से इक्कठा करने का प्रयास किया जाए।

{ जो पशु घायल है उन्हें अलग से रखा जाए और कौवों को उड़ाने के लिए पटाखे का प्रयोग किया जाए।

इसलिए बनी है समस्या

1. तीन दिन पहले बरसात से गोशाला में कई स्थानों पर पानी जमा हो गया था। गोशाला में जमा गोबर को ट्रैक्टर व मशीन की मदद से एक स्थान पर इक्कठा नहीं किया जा सका।

2. नंदी में कार्यरत सफाई कर्मचारियों का तर्क है कि जब तक गोबर सूखेगा नहीं तक उसे ट्रैक्टर व मशीन की मदद से एक स्थान पर इक्कठा नहीं किया जा सकता है।

गोशाला संचालक ने नहीं बंद किया पानी : एसडीओ

डिस्ट्रीब्यूटरी ओवरफ्लो नहीं हुई। इसमें 180 क्यूसेक पानी निर्धारित है व शनिवार को भी वहीं पानी चल रहा था। अगर शनिवार को गोशाला संचालक पानी बंद करने को कहते तो पानी बंद कर देते। उन्होंने आज कहा, जिसके बाद पानी बंद करने को कह दिया है।\\\'\\\' -प्रियव्रत, एसडीओ, सिंचाई विभाग।

फसल डूबने का ये रहे है मुख्य कारण

भिवानी डिस्ट्रीब्यूटरी की टेल का आखरी मोगा भिवानी गोशाला की जमीन पर है। लगातार तीन दिन तक बरसात या बूंदाबांदी होने से किसानों ने अपने अपने खेतों के सभी मोगे बंद कर दिए जिसके चलते आखरी मोगे पर पानी का अधिक दवाब बन गया। इससे पहले की अपेक्षा पानी अधिक प्रेशर से खेतों में बहा। इसके अतिरिक्त तीन दिन के दौरान 30 एमएम से अधिक बरसात होने व गोशाला संचालकों द्वारा 24 घंटे बाद डीसी को लिखित में मोगे बंद करने की मांग की जिसके चलते खेतों में लगातार पानी बहता रहा।

घायल पशुओं को दिनभर कौवे नोच रहे, नंदीशाला में 15 बीमार

सफाई न होने से जमा गोबर, दो हजार पशु तीन दिन से खड़े है गंदगी में, बीमारी की आशंका

भास्कर न्यूज | भिवानी

गांव पालुवास स्थित भिवानी डिस्ट्रीब्यूटरी की टेल का आखरी मोगा ट्रस्ट की 300 एकड़ भूमि पर खड़ी फसल जलमग्न हो गई। इसमें 100 एकड़ में खड़े पशु चारा और फसल में ढाई से तीन फीट तक पानी जमा रहने से जौ व जई आदि पूरी तरह से नष्ट हो गई। गोशाला संचालक ने इसका कारण डिस्ट्रीब्यूटरी का ओवरफ्लो होना बताया, जबकि सिंचाई विभाग के अधिकारी ने कहा कि कहीं से भी डिस्ट्रीब्यूटरी आेवरफ्लों नहीं हुई। फसलों में पानी बरसात का लगातार खेतों में चल रहा पानी है। इस मामले को लेकर गोशाला समिति सदस्यों ने डीसी से मुलाकात कर जल्दी नहर में पानी बंद करवाने की मांग की है। डीसी ने इस संबंध में जिला राजस्व अधिकारी को निर्देश दिए वहीं डीआरओ ने ट्रस्ट पदाधिकारियों को जल्द नहर में पानी बंद कराने का आश्वासन दिया। महम रोड स्थित भिवानी आदर्श गोशाला ट्रस्ट के प्रधान मोहनलाल अग्रवाल, सचिव विजय कुमार गोयल, ट्रस्टी रामनिवास गुप्ता ने बताया कि गांव पालुवास के समीप 300 एकड़ कृषि भूमि है। जिस पर फिलहाल पशु चारा के लिए जई, बरसीम, मक्का, ज्वार, जौ और सरसों की फसल खड़ी थी। भिवानी डिस्ट्रीब्यूटरी नहर के अंतिम छोर पर मोगा नंबर 189600 आर पर पानी ओवरफ्लो हो गया। गोशाल ट्रस्ट प्रधान मोहनलाल अग्रवाल ने बताया कि पिछले दो दिन तक बारिश के दौरान किसानों ने नहरी रास्ते में सभी मोगे बंद कर दिए। इससे टेल पर लगने वाले मोगा में पानी ओवरफ्लो हो गया। इसकी सूचना शनिवार रात को ही गोशाला कर्मचारियों ने दी। रविवार सुबह मौके पर पहुंचकर देखा तो फसल में ढाई से तीन फीट तक पानी जमा हो चुका था। उन्होंने बताया कि करीब सौ एकड़ में फसल बर्बाद हो गई है। जबकि तीन सौ एकड़ की फसल में पानी जमा हो गया है। मोहनलाल ने बताया कि इस मामले में ट्रस्ट के सचिव विजय कुमार गोयल व ट्रस्टी रामनिवास गुप्ता ने विधायक घनश्याम सर्राफ के साथ डीसी से मुलाकात की। इस पर डीसी ने इस संबंध में जिला राजस्व अधिकारी को तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए। जिला राजस्व अधिकारी ने मौके पर ही सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता से बात कर नहर में पानी बंद कराने के निर्देश दिए हैं। गोशाला ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बर्बाद हुई फसल का भी प्रशासन और सरकार से नुकसान भरपाई की मांग की है।

भिवानी। भिवानी। हालुवास रोड मुक्तिधाम रोड पर नंदीशाला में पशुओं के बाड़े में जमा गोबर व कीचड़।

भिवानी। हालुवास रोड स्थित मुक्तिधाम रोड पर नंदीशाला में घायल पशुओं पर बैठे कौवे।

भिवानी। गांव पालुवास स्थित भिवानी गोशाला ट्रस्ट की भूमि पर खड़ी फसल में जमा पानी को दिखाते भिवानी आदर्श गोशाला ट्रस्ट के प्रधान मोहनलाल अग्रवाल व अन्य।
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