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58 सेंटरों पर 12वीं के 5862 परीक्षार्थियों ने दी शारीरिक शिक्षा की परीक्षा, नहीं बना कोई केस
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में परीक्षार्थियों ने शुक्रवार को शारीरिक शिक्षा की परीक्षा दी। परीक्षा दौरान जिला में कोई भी नकल का केस नहीं बना। जिला के 58 सेंटरों पर 5862 परीक्षार्थियों ने शांतिपूर्वक ढंग से परीक्षा दी। नकल को रोकने के लिए बोर्ड की ओर से बनाए गए उड़नदस्तों की टीमों ने स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कोई भी विद्यार्थी नकल करते हुए नहीं पाया। इसके अलावा गांव रघुआना के परीक्षा सेंटर पर गांव के प्रभावशाली लोगों द्वारा केंद्र अधीक्षक पर नकल के दबाव बनाने की कोशिशें की जा रही थी। इसको लेकर जिला प्रशासन व जिला शिक्षा अधिकारी को केंद्र अधीक्षक की ओर से पत्र भी लिखा गया था।
गांव के प्रभावशाली लोग भी जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर परीक्षा केंद्र अधीक्षक को हटाने की मांग कर रहे थे। लेकिन 12 मार्च को जिला शिक्षा अधिकारी ने उक्त परीक्षा केंद्र के अधीक्षक को सेंटर से रिलीव करने के आदेश जारी कर दिए थे। लेकिन तब तक परीक्षा शुरू हो चुकी थी और बाद में लेटर में नोट लिखकर उसे परीक्षा खत्म करवाने के आदेश दिए। इस मामले को हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के संज्ञान में लाया। 13 मार्च को बोर्ड की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को बोर्ड की परीक्षाएं खत्म होने तक केंद्र अधीक्षक रहने के आदेश जारी किए।
ये था पूरा मामला : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रघुआना के परीक्षा केंद्र अधीक्षक ने शिक्षा विभाग को बोर्ड परीक्षा में नकल करवाने का दबाव बनाने को लेकर जिला शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर सूचित किया था। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चक्कां में कार्यरत पीजीटी हिंदी के अध्यापक राजेंद्र ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखा और बताया कि बोर्ड परीक्षा में उसकी ड्यूटी बोर्ड द्वारा रिजर्व सेंटर सुपरिटेंडेंट के रूप में लगी थी।
जिसके अंतर्गत उनकी ड्यूटी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के परीक्षा केंद्र अधीक्षक के रूप में नियुक्त किया गया। 2 मार्च को परीक्षा के पहले ही दिन परीक्षा के दौरान उन पर विद्यालय प्रभारी जोकि सेंटर चीफ सुपरिंटेंडेंट भी है व साथ ही गांव के प्रभावशाली लोगों ने नकल करवाने का दबाव बनाने का प्रयास किया। इस दबाव को उन्होंने पूरी तरह से अनदेखा किया है। बोर्ड परीक्षाओं में नकल न करवाने को लेकर उक्त लोगों ने उनकी परीक्षा केंद्र पर पक्षपात करने का झूठा आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की थी कि उसे या तो उक्त परीक्षा केंद्र से सम्मान सहित कार्यभार मुक्त किया जाए या फिर उनकी जानमाल की हिफाजत के लिए पूर्ण सुरक्षा प्रधान की जाए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने एसपी को पत्र लिखकर परीक्षा केंद्र अधीक्षक की सुरक्षा के लिए मांग की थी। जिस पर पुलिस ने परीक्षा केंद्र अधीक्षक राजेंद्र को सुरक्षा प्रदान भी मुहैया करवा दी थी। लेकिन 13 मार्च को बोर्ड की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को लेटर जारी हुआ और परीक्षाएं खत्म होने तक राजेंद्र को केंद्र अधीक्षक रहने के आदेश जारी किए।
नकल रहित परीक्षाओं को संपन्न करवाने के निर्देश
नकलरहित परीक्षाओं को लेकर शिक्षा विभाग के अलावा प्रशासन भी सख्त हो गया है। उन्होंने उड़नदस्तों को हिदायत दी है कि जिला में नकल रहित परीक्षाएं संपन्न करवाएं। उड़नदस्तों की टीमों ने कई परीक्षा केंद्रों का आज निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कोई भी नकल करते नहीं मिला। बोर्ड चेयरमैन की विशेष फ्लाइंग टीम नंबर दो की कन्वीनर मनीषा नी दीपा व सदस्य बलवंत नैन, अमित मनहर ने 5 सेंटरों का निरीक्षण किया। उन्होंने भावदीन, भरोखां, नेजाडेला कलां व सिरसा के दो सेंटरों को औचक निरीक्षण किया। परीक्षा दौरान सेंटरों पर पुलिस भी गश्त करती रही।
सिरसा। परीक्षा केंद्र में लगी सिटिंग प्लान में अपना राेल नंबर देखते परीक्षार्थी।