पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Karnal News Haryana News 7776 Children Are Malnourished 127 Very Malnourished

पोषण आहार न मिलने से जिले में 7776 बच्चे कुपोषित, 127 अति कुपोषित मिले

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

महिला एवं बाल विभाग की ओर से 8 मार्च से 22 मार्च तक पोषण पखवाड़ा चलाकर पोषण अभियान के पांच सूत्र पहले सुनहरे एक हजार दिन, पौष्टिक आहार अनीमिया, डारिया, स्वच्छता और साफ-सफाई से अभिभावकों काे बच्चों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, क्योंकि महिला एवं बाल विभाग की रिपोर्ट अनुसार अतिकुपोषित बच्चों की संख्या पिछले साल दिसंबर से भी ज्यादा बढ़ गई है। अभिभावकों को अपने छोटे बच्चों की ओर ध्यान देना चाहिए। महिला एवं बाल विभाग की रिपोर्ट अनुसार फरवरी में जिले से 0 से 5 साल के 1 लाख सात हजार 65 बच्चों में से 99 हजार 162 बच्चे नॉर्मल पाए गए हैं। जबकि 7 हजार 776 बच्चे कुपोषित यानि उम्र के हिसाब से बच्चों में कम वजन पाया गया है। 127 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए हैं जो बिलकुल ही कमजोर हैं। अभिभावकों की ओर से बच्चों को पोष्टिक आहार समय अनुसार न देने से बच्चों का वजन कम होता जा रहा है।

लड़कियाें की अतिकुपोषित में हो रही दोगुनी संख्या : फरवरी में 4250 लड़कियां व 3526 लड़के कुपोषित पाए गए है। जबकि अतिकुपोषित में 83 लड़कियां व 44 लड़के पाए गए। यानि लड़कियों की संख्या दोगुनी होती जा रही है। नीलोखेड़ी ब्लॉक में सबसे ज्यादा बच्चे कुपोषित व अतिकुपोषित का शिकार है। नीलोखेड़ी में 28 लड़कियां व 18 लड़के अतिकुपोषित पाए गए है। जिसका ग्राफ 0.3 प्रतिशत पहुंच चुका है।

अभिभावक इन बातों का रखे विशेष ध्यान

पहले सुनहरे 1 हजार दिन : पहले एक हजार दिनों में तेजी से बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है। जिसमें गर्भावस्था की अवधि से लेकर आैर बच्चे के जन्म से 2 साल की उम्र तक की अवधि शामिल है। इस दौरान उचित स्वास्थ्य, पर्याप्त पोषण, प्यार भरा व तनाव मुक्त माहौल तथा सही देखभाल बच्चे का पूरा विकास करने में मदद करे।

पौष्टिक आहार : सभी उम्र के लोगों के साथ-साथ बच्चों को 6 माह के होेने पर पर्याप्त मात्रा में तरह-तरह का आहार अवश्य खिलाना चाहिए। जैसे कि रोटी, चावल और साथ ही पीले व काले रंग की दाले, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, चौलाई और सरसों, पीले फल जैसे आम व पक्का पपीता भी लें। जब बच्चा 6 माह का हो जाए तो मां के दूध के साथ घर का बना मसला और गाढ़ा ऊपरी आहार भी शुरु करें। खाने में नमक, चीनी, मसाला कम डालें।

एनीमिया : अनिमीया से रोकथाम के लिए आयरन युक्त आहार खाएं। व्यक्ति अलग से आयरन युक्त पूरक लें। 6- 59 माह के बच्चों हफ्ते में 2 बार 1 मिली. आई एफए सिरप देनी चाहिए। 5-9 वर्ष की उम्र में आईएफए की एक पिंक गोली खानी चाहिए। 10-19 वर्ष तक की उम्र में हफ्ते में एक बार आईएफए की नीली गोली खानी चाहिए।

डायरिया : माताएं 6 माह तक बच्चे को केवल स्तनपान ही करवाएं। कोई और खाद्य पदार्थ यहां तक पानी भी नहीं देना चाहिए। वह भी बच्चे में डायरिया का कारण बन सकता है। डायरिया होने पर भर मां को स्तनपान नहीं रोकना चाहिए बल्कि बार- बार स्तनपान करवाना चाहिए। डारिया होने पर तुरंत ओआरएस तथा तरल पदार्थ देना चाहिए।

महिला एवं बाल विभाग की रिपोर्ट


माह कुल नॉर्मल कुपोषित अतिकुपोषित

दिसंबर 104688 96473 8099 116

जनवरी 107354 99537 7703 114

फरवरी 107065 99162 7776 127

अभिभावक बच्चाें के पाेषण पर जरूर ध्यान दें

महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 8 से 22 मार्च तक पोषण पखवाड़ा हर ब्लॉक में मनाया जा रहा है। जिससे अभिभावकों काे छोटे बच्चों के प्रति स्वास्थ्य व पौष्टक आहार काे लेकर जागरूक किया जा रहा है। अभिभावक छोटे बच्चों पर पोषण काे लेकर ध्यान जरुर दें।
राजबाला, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, करनाल।

करनाल. पोषण आहार अभियान को लेकर गांव नसीरपुर में जागरूकता रैली निकालती महिलाएं।
खबरें और भी हैं...