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- Sirsa News Haryana News 97 Cases Of Physical Abuse Filed In Women Police Station So Far
महिला थाने में अब तक 97 केस दर्ज शारीरिक शोषण के मामले सबसे ज्यादा
शहर में करीब डेढ़ वर्ष पहले स्थापित महिला थाना में अब तक 97 केस दर्ज हुए हैं। जिनमें सबसे अधिक मामले महिलाओं के शारीरिक शोषण से संबंधित पाए गए हैं। महिला थाना स्थापित होने से पीड़िताएं अपनी बात महिला पुलिसकर्मियों के सामने निडर होकर रख रही हैं। जिससे अधिकतर मामलों में उनके जानकार और अपने ही आरोपी निकले हैं। जिनके खिलाफ सामान्य थाना में प्राथमिकी दर्ज कराना महिलाओं के लिए काफी मुश्किल होता है।
शहर में 2 नवंबर 2018 को महिला थाना शुरू हुआ। महिला थाने के लिए नई बिल्डिंग नहीं मिलने से सिटी थाना के नए बने भवन परिसर में ही महिला थाने के लिए जगह दी हुई है। जिसमें 2018 में 7 एफआईआर दर्ज हुई और 2019 में कुल 78 जबकि अब तक वर्ष 2020 में 12 एफआईआर दर्ज हुई है। इसके अलावा महिला विरुद्ध अपराध के काफी मामले जनरल थानों में भी दर्ज हुए हैं। शहर थाना प्रभारी कमलेश रानी ने बताया कि महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराना महिलाओं के लिए सुविधाजनक है।
बिना हिचक पीड़ित रखते हैं अपनी बात
उल्लेखनीय है कि महिला थाना एसएचओ कमलेश रानी नियुक्त हैं और उनके पिता भिवानी के गांव कदवां निवासी हरी सिंह इंस्पेक्टर थे । गांव में 10 जनवरी 1968 को जन्मी कमलेश रानी को मैट्रिक की पढ़ाई उपरांत पुलिस कांस्टेबल के तौर पर 1988 में नौकरी मिली। अपने करीब 30 वर्ष की पुलिस सेवा में सिरसा जिला के थानों में उनकी नियुक्ति रही है। महिला थाना प्रभारी कमलेश रानी ने बताया कि महिला थाने में पीड़ितों को अपनी बात रखने में कोई हिचक नहीं होती और दोनों पक्षों की बात ध्यान से सुनी जाती है। दुष्कर्म और पोस्को एक्ट सहित संगीन मामलों में दर्ज केसों में यह सामने आया है कि उनके जानकार भी
आरोपी निकलते हैं।