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11 हजार वोल्ट की चपेट में संचित, हाथ कटने की नौबत

एक वर्ष पहले
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सोनीपत| बड़ी मिन्नतों के बाद घर में खुशियों की रोशनी बनकर आया संचित बिजली विभाग की लापरवाही के चलते मौत के करीब पहुंच गया। छत पर खेलते समय ढीले होकर छज्जे से टकरा रहे 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में अा गया। बुरी तरह झुलसे मासूम को परिजन दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले गए, जहां डाॅक्टरों ने उसकी जान तो बचा ली़, लेकिन बुरी तरह झुलसे उसके एक हाथ को काटने की बात कही है। इससे परिवार पर मानों दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रयास किया जा रहा है कि यह नाैबत न अाए। उधर परिजनों ने बिजली निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने जेई सहित अन्य पर केस दर्ज कर लिया है।

विभाग ने दी सफाई : छज्जा गलत तरीके से आगे बढ़ाया

घटना स्थल का बिजली निगम टीम ने दौरा किया है। लाइन दूर थी, लेकिन मकान का छज्जा गलत तरीके से आगे बढ़ाया गया है। यही हादसे का कारण बना। जहां लाइन खतरनाक हालत में है, वहां निगम लगातार सुधार कर रहा है। नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुसार मकान मालिक गली में छज्जा नहीं निकाल सकता। जेसी शर्मा, एक्सईएन, बिजली निगम सोनीपत।

खानापूर्ति : सुरक्षा के नाम पर और खतरा

कई इलाकों में सुरक्षा के लिए तारों में प्लास्टिक की पाइप काटकर मात्र फंसा दी गई। इससे खतरा कम नहीं हुअा है। बिजली निगम के अधिकारी इसकी जानकारी से ही इनकार कर रहे हैं। लेकिन, यह मान रहे हैं कि यह बिना लाइनमैन के मिलीभगत के नहीं हो सकता है, क्योंकि इसके लिए बिजली अापूर्ति बंद करनी पड़ेगी।


लापरवाही की हद : इतना खतरा और निगम सुनता नहीं

यहां मकान की लाेहे की रेंलिग के साथ बिजली की तारें गुजर रहीं है। यह तार बहुत ढीले हैं। तेज हवा, आंधी चलती है तो यह तारें रेलिंग से टकराती हैं। इनकी शिकायत बिजली निगम के अधिकारियाें कई बार की जा चुकी है। अादर्श नगर के कृष्ण का कहना है कि उन्होंने भी कई बार शिकायत की है। एक बार दाे कर्मचारी अाए, परंतु समाधान नहीं किया। नाना कुलदीप ने बताया कि कई बार शिकायत के बाद यहां केबल लगाना तो दूर ढीले तारों को कसा भी नहीं गया।


मिन्नतें मांगी थी परिवार ने, तब हुआ था संचित पैदा


संचित इकलौता पुत्र है। करीब दस साल तक मिन्नते मांगने के बाद संचित का जन्म हुआ था। पिता कपिल भारद्वाज निजी कॉलेज में अकाउंटेंट हैं। बेटे को लेकर पूरा परिवार दुखी है। संचित की नसो पर सबसे ज़्यादा असर हुआ है। इलाज पर करीब 40 लाख खर्च आने की बात परिवार का बताई है। परिवार पर इससे आर्थिक संकट आन पड़ा है। एक अस्पताल ने हाथ को काटने की बात कही। लेकिन संचित का हाथ सुरक्षित रहे इसलिए अच्छे अस्पताल में इलाज करवाया जा रहा है।

छत पर खेल रहा मासूम हाइटेंशन लाइन की चपेट में आया, जेई पर केस दर्ज

बिजली के नंगे तार हुए जानलेवा

40 साल से नहीं हटाए गए हाइटेंशन के तार : शहर के विकास नगर, इंडियन कॉलोनी, मयूर विहार, आरके कॉलोनी, एकता नगर व एसई कार्यालय सहित कई कॉलोनियों में मकानों से काफी सट कर या छत बहुत कम ऊंचाई पर 11 हजार वोल्ट व दूसरे हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं। करीब 40 साल से इन तारों को नहीं हटाया गया है।

शिकायत पर जेई सहित अन्य पर एफअाईअार दर्ज कर ली गई है। जांच में जो तथ्य सामने अाएंगे, उसके अाधार पर कार्रवाई की जाएगी। -सुरेंद्र, एसअाई थाना सदर।

अपाेलाे अस्पताल दिल्ली में भर्ती, डॉक्टरों ने इलाज पर 40 लाख बताया खर्च

हवा से तार रेलिंग से टकराया, फिर बच्चे को अपनी ओर खींच लिया


संचित के मामा हितेश पुत्र कुलदीप सिंह ने बताया कि अादर्श नगर गली नंबर-7 में एक साल से राजेंद्र धीमान के मकान में किराए पर रहते हैं। कुछ दिन पहले विकास नगर िनवासी नौ वर्षीय भांजा संचित अाया था। दो दिन पहले शाम करीब पांच बजे छत पर खेल रहा था। हवा चलने से छज्जे से करीब सटकर निकले 11 हजार वोल्ट के तार रेलिंग से टकरा रहे थे। संचित रेलिंग के पास गेंद उठाने गया तो तार से चिपक गया। कुछ देर तड़पने के बाद करंट के झटके से बेसुध होकर छज्जे पर जा गिरा। चीख सुनकर परिजन पहुंचे तो बुरी तरह झुलसा था। हाथ पैर स्किन जल चुकी थी। परिजन उसे लेकर गिरधर अस्पताल पहुंचे। जहां से गंगाराम अस्पताल दिल्ली ले गए। यहां से अपोलो अस्पताल दिल्ली में ले गए।


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