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10 महीने बाद प्राेजेक्ट डायरेक्टर ने दोनों आरोपी कर्मियों का काॅन्ट्रैक्ट रिन्यू न करने के दिए आदेश

एक वर्ष पहले
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सिविल अस्पताल के ओएसटी (ओपीयोड सबस्टीट्यूट थैरेपी) सेंटर पर नशा छुड़ाने की सरकारी दवा के बेचने के मामले में करीब 10 माह बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी के प्राेजेक्ट डायरेक्टर डाॅ. वीना सिंह ने दोनों आरोपी कर्मचारियों एएनएम सुमन व अमनप्रीत सिंह (जीएनएम स्टॉफ नर्स) का काॅन्ट्रैक्ट 31 मार्च से आगे रिन्यू न करने के सिविल सर्जन को आदेश दिए हैं। इसके साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले की पुलिस को की गई शिकायत की भी सिविल सर्जन से 10 दिन के अंदर स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है।

बता दें कि दोनों कर्मचारियों को स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी द्वारा नशा छुड़ाने के लिए काॅन्ट्रैक्ट बेस पर ओएसटी सेंटर पर नियुक्त किया गया था। पिछले वर्ष दोनों कर्मचारियों पर ओएसटी सेंटर पर नशा छुड़ाने के लिए आने वाली दवा को पैसे में बेचने के आरोप लगे थे। सिविल सर्जन द्वारा गठित की गई कमेटी ने भी अपनी जांच रिपोर्ट में दोनों काे सरकारी दवा बेचने का दोषी करार दिया था लेकिन मामले में इसके बाद भी लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

आरोप होने के बाद भी महिला कर्मचारियों को फिर लगाया ओएसटी सेंटर में

ओएसटी सेंटर पर आने वाली सरकारी दवा के बेचने के आरोप लगने के बाद एएनएम सुमन की ड्यूटी ओएसटी सेंटर से हटा दी गई थी। लेकिन फिर से एएनएम सुमन की ड्यूटी ओएसटी सेंटर पर लगा दी गई। इस पर सवाल उठ रहे थे कि जिनको विभाग पहले जांच में दोषी करार दे चुका है, उसकी ड्यूटी फिर से सेंटर पर क्यों लगाई गई।

मरीजों ने शपथ देकर की थी पैसे लेने की शिकायत


नशा छोड़ने के लिए ओएसटी सेंटर आने वाले मरीजों ने सिविल सर्जन को शपथ पत्र सौंपकर बताया था कि ओएसटी सेंटर के दो कर्मचारी जिनमें एक महिला भी शामिल है। जब वे दवा लेने के लिए ओएसटी सेंटर पर आते हैं तो उन्हें टेबलेट खिलाने में आनाकानी करती है। वो उन्हें कहती है कि यदि अच्छी दवा लेनी है तो उसका एक पत्ता 500 रुपए में आएगा। इसके बाद उसने वही दवा जो उन्हें खिलाई जाती है उसका का एक पत्ता 500 रुपए में दिया।

17 मई 2019 को छपी खबर

15 मई 2019 को छपी खबर

इस संबंध में स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर की अाेर से आदेश आए हैं। इसमें दोनों कर्मर्चारियों का काॅन्ट्रैक्ट आगे से रिन्यू न करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा 10 दिन में मामले की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी गई है। डाॅ. जयभगवान जाटान, सिविल सर्जन जींद।

भास्कर इंपेक्ट**

सिविल अस्पताल के ओएसटी सेंटर पर नशा छुड़ाने की सरकारी दवा के बेचने के मामले को दैनिक भास्कर द्वारा 15 मई के अंक में समाचार प्रकाशित कर उजागर किया गया था। इस पर सिविल सर्जन ने 2 सदस्यीय चिकित्सकों की कमेटी गठित कर मामले की जांच करवाई। 14 जून को जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले की जांच रिपोर्ट स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी के प्राेजेक्टर डायरेक्टर को भेजी गई और इसके साथ-साथ पुलिस को भी मामले की शिकायत कर इसकी विजिलेंस जांच कराने की मांग की गई लेकिन करीब 10 माह बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई थी।


दैनिक भास्कर ने 15 मई को उजागर किया था मामला

ओएसटी सेंटर की
दवा बेचने का मामला**
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