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नकल के आगे सब नतमस्तक

एक वर्ष पहले
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18 दिनों में 20 पेपर और होने हैं, पर यह जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है कि आगे के पेपर वायरल नहीं होंगे


नकल के आगे पूरा सिस्टम नतमस्तक है, क्योंकि गुरुवार को हरियाणा बोर्ड का लगातार सातवां पेपर भी परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट में ही वायरल हो गया। यह दसवीं का अंग्रेजी का पेपर था, लिहाजा हर जिले में बेरोक-टोक नकल का अभियान जैसा चलता दिखा। कहीं स्कूल की पूरी बाउंड्री नकल कराने वालों से अटी दिखी तो कहीं मोबाइल से स्टूडेंट पेपर साल्व करते दिखे। इस पर बोर्ड के चेयरमैन डॉ जगबीर सिंह ने कहा कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं, पर टीचर ही नकल करा रहे हैं तो क्या करें, जबकि शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर का कहना है कि हम काफी सख्त हैं। फिर भी वाट्सएप से पेपर बाहर आ रहे हैं, पक्का इलाज अगली बार करेंगे। अब अलगे 18 दिनों में 20 पेपर और होने हैं। यह जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है कि आगे के पेपर वायरल नहीं होंगे। पहले दिन से लेकर अब तक सभी पेपर परीक्षा शुरू होते ही कुछ देर में फोन पर बाहर आते हैं। इसी के आधार पर नकल चलती रहती है।

बोर्ड का यह तर्क नकल में मददगार: बोर्ड का तर्क है कि परीक्षा शुरू होने के बाद पेपर वायरल होता है तो उसमें हम कुछ नहीं कर सकते। परीक्षा शुरू होने से पहले पेपर बाहर आता है तो उसे लीक मानकर पेपर रद्द किया जाता है।

किसी ने खिड़की से फोटो खींचकर वायरल किया: शिक्षा मंत्री

Q. सभी प्रश्नपत्र बाहर आए हैं, ऐसा कैसे हो पा रहा है?

A. यह पेपर आउट नहीं हुआ है। किसी ने खिड़की से मोबाइल से फोटो खींचा और सोशल मीडिया पर वायरल किया है। हम सख्ती कर रहे हैं। आगे से सुझाव मांग कर ठोस प्लानिंग की जाएगी।

जबकि होना ये चाहिए... नकल में संलिप्त पाए गए शिक्षकों पर कठोर कार्रवाई कर तत्काल प्रभाव से नकल को रोका जा सकता है।

जब बाड ही खेती को खाने लगे ताे क्या कहा जाए: बोर्ड चेयरमैन

Q. 7 पेपर आउट हो चुके हैं। बचे पेपर आउट नहीं होंगे, क्या गारंटी है?

A. बोर्ड पूरा प्रयास कर रहा है। जब बाड ही खेती खाने लगे ताे क्या कहा जा सकता है। आज ही हमने महेंद्रगढ़ में 9 मोबाइल समेत 12 सेल फोन जब्त कर पुलिस को सौंपे गए हैं। पुलिस पता करेगी कि पेपर आउट करने वाले कौन हैं।

जबकि होना ये चाहिए... 20 पेपर अभी और होने हैं। इनमें नकल रोकने के लिए तालमेल के साथ काम करके उदाहरण पेश करने की जरूरत है।

एक्सपर्ट ने सुझाए नकल रोकने के दो तरीके

दिलबाग सिंह, पूर्व वाइस चेयरमैन, हरियाणा शिक्षा बोर्ड।


... और रोल नंबर के साथ वायरल हो गया पेपर

गुरुवार को दोपहर 12:30 बजे 10वीं का अंग्रेजी का पेपर शुरू हुआ। 12:45 बजे पानीपत के इसराना तो चरखीदादरी में छात्रा के रोल नंबर सहित पेपर वायरल हो गया। नकल के 401 मामले दर्ज भी किए गए। 15 सुपरवाइजर ड्यूटी से रिलीव किए गए। 4 केंद्रों की परीक्षा रद्द की गई है। 2 ऐसे लोगों पर केस दर्ज किया गया है जो दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे थे। गुरुवार को 12 मोबाइल भी जब्त किए गए हैं। अब तक कुल 1683 केस दर्ज किए जा चुके हैं।


डॉ जगबीर सिंह

कंवरपाल गुर्जर

दो जिम्मेदार, वह नहीं कर रहे जो करना चाहिए

वाट्सएप पर देख कर बन रही पर्ची

रेवाड़ी के हांसाका स्थित राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल के बाहर मोबाइल में पेपर देखकर पर्ची फाड़ते रहे युवक।

िवस्तार से सवाल जवाब पेज | पेज 2 पर

{चेयरमैन हताश, बोले- टीचर ही करा रहे नकल हम क्या करें {मंत्री ने माना- वाट्सएप से पेपर बाहर आ रहे हैं... पर पक्का इलाज अगली बार करने को कहा**

2 सीबीएसई की तरह की ठोस प्लानिंग चाहिए। हमारी प्लानिंग ग्राउंड पर लागू ही नहीं होती। बोर्ड व विभाग में तालमेल जरूरी है।

1 नकल में शामिल शिक्षकाें पर कठोर कार्रवाई होगी तो खुद नकल रुक जाएगी। पेपर परीक्षा केंद्रों से ही आउट हो रहे हैं।

भिवानी बोर्ड की परीक्षाएं बनी मजाक, 7वां पेपर भी 15 मिनट में वायरल**
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