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मांगों को लेकर आशा वर्करों ने सिविल अस्पताल के बाहर दिया धरना, नारेबाजी कर जताया रोष
आशा वर्करों को पूरा मेहनताना देने, हेल्थ कार्ड बनाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को आशा वर्कर यूनियन के बैनर तले आशा वर्करों ने सिविल अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन कर सरकार व विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। अनिश्चितकालीन धरने की अध्यक्षता यूनियन की जिला प्रधान सुषमा जडौला ने की, जबकि संचालन जिला सचिव सरबजीत कौर ने किया। आशा वर्करों को संबोधित करते हुए जिला प्रधान ने कहा कि आशा वर्कर यूनियन हरियाणा द्वारा राज्य सरकार और नोडल अधिकारियों को बार-बार पत्र लिखकर बातचीत के लिए गुहार लगाई, लेकिन सरकार और उच्च अधिकारियों का रुख बातचीत करने का नहीं है। इसलिए हमें आंदोलन करने की जरूरत है। फिलहाल ये आंदोलन सीएचसी वार जिला हेडक्वार्टर पर शुरू किया गया है। इन सभी मांगों को लेकर सभी जिलों में राज्य स्तरीय आंदोलन किया जा रहा है। धरने को चरणजीत कौर, दुर्गा देबवन, जिला सहसचिव मेनका शर्मा, अनिता बालू, नीलम, ममता आदि पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।
ये हैं मुख्य मांगें| आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान सुषमा जडौला ने यूनियन की मांगों बारे जानकारी देते हुए बताया कि एक्टिविटी के काटे गए 50 प्रतिशत को लागू करवाने तथा सभी आशा वर्करों का परिवार समेत हैल्थ कार्ड बनवाया जाए, ताकि वर्कर का फ्री इलाज हो सके। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान हर महीने की 10 तारीख तक एक साथ किया जाए और भुगतान की आशा वर्कर को स्लीप दी जाए। आशा वर्करों से बेगार बंद कराई जाए। पिछले 21 जुलाई 2018 के पत्र को पूर्ण रूप से लागू किया जाए, सब सेंटरों पर आशा को रिकॉर्ड मेनटेन रखने के लिए अलमारी व बैठने के लिए कुर्सी उपलब्ध कराई जाए। आशा फैसिलिटेटर और आशा कॉ आर्डिनेटर के खाली पड़े पदों पर भर्ती की जाए और भर्ती प्रक्रिया में आशा की योग्यता के अनुसार फेसिलिटेटर और को-ऑर्डिनेटर बनाया जाए। आशा वर्क फेसिलिटेटर को विजिट करने का किराया भत्ता दिया जाए तथा आशा वर्कर को गर्भवती महिला या किसी भी पेसेंट के साथ पीएचसी, सीएचसी व जिला अस्पताल आने जाने का किराया भत्ता शुरू किया जाए। हरियाणा सरकार द्वारा एएनसी विजिट पर बढ़ाए गए 100 रुपए को तीन भागों में ना बाटा जाए तथा आशा वर्करों को सभी पांच कार्यों के रजिस्टर अलग छपवाकर दिए जाएं। इस मौके पर तीन ब्लॉकों की आशा वर्करों ने हिस्सा लिया।