- Hindi News
- National
- Bahal News Haryana News Based On Dc Report Girdawari Tax Will Be Assessed In Only 52 Villages Kisan Sabha Objected To Khanapurti
डीसी की रिपोर्ट के आधार पर मात्र 52 गांवों में गिरदावरी कर होगा नुकसान का आंकलन, किसान सभा ने खानापूर्ति पर जताई आपत्ति
अखिल भारतीय किसान सभा ने ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों की गिरदावरी करने के नाम पर आपत्ति जताई है। सभा के सदस्यों ने कहा कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने ओलावृष्टि से प्रभावित जिला व गांवों के लिए विशेष गिरदावरी के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में सबसे अधिक महेंद्रगढ़-नारनौल जिले के ओलावृष्टि प्रभावित 29 तथा दूसरे नंबर पर भिवानी के 11, रोहतक जिले के 7 तथा हिसार के 5 गांवों में विशेष गिरदावरी के आदेश जारी किए गए हैं।
विभाग ने संबधित जिला उपायुक्तों के माध्यम से 1 जनवरी से 6 जनवरी के बीच जिन गांवों में प्राकृतिक आपदा ओलावृष्टि से हुई क्षति के बारे में रिपोर्ट मांगी थी। जिसके आधार पर विभाग ने इन गांवों में ओलावृष्टि होना माना है। उन्होंने बताया कि सात मार्च को डीसी की ओर से विभाग को भेजी रिपोर्ट के आधार पर कुल 52 गांवों में गिरदावरी करके फसलों के खराबे का आंकलन किया जाएगा। इस अधिसूचना में विभाग ने हिसार के शाहपुर, लुआस, आर्यनगर, टोकस, हिंदवान, रोहतक जिले के कन्हेटी, पहरावर, बालंद, करौंथा, शिमली, म्याना तथा सांपला तहसील के खेड़ी साध, भिवानी जिले की बहल उपतहसील में सिधनवा, हरियावास, गोपालवास, मंढोली कलां, कासनी कलां, कासनी खुर्द, सुरपुरा कलां, सुरपुरा खुर्द और शेरला, तोशाम के दुल्हेड़ी व धारण, महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल तहसील के घटाशेर, तलोत, मालोली, कालोली, कुलताजपुर, कोरियावास, थाना मुक्सुसपुर, रामबास, हसनपुर, धनोता, डंचोली, रघुनाथपुरा, हमिन्दपुर, नूनी कलां, सलूनी, बरकोदा, मुकंदपुरा, शाहपुर, तहसील कनीना के पथेरा, मानपुरा, ढाणा और नांगल चौधरी के अजमबाद मकोता, बामनवास नया, नरहेड़ी, निजामपुर, नापला, छिलारो तथा पवेरा को शामिल किया गया है। इसके अलावा अन्य गांवों में हुए नुकसान के बारे में विभाग ने आंख बंद कर ली। अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश सचिव बलबीर सिंह ठाकन और दयानंद पूनिया ने बताया कि इस आदेश को देखते हुए लगता है कि सरकार सिर्फ खानापूर्ति करने का काम कर रही है। इसको लेकर अखिल भारतीय किसान सभा किसानों को जागरूक करके आगामी आंदोलन की रूपरेखा बनाएगी और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को उनका हक दिलवाने के लिए संघर्ष करेगी।
आरोप: सरकार ने लोहारू हलके के मात्र नौ गांवों में ही नुकसान की दी है रिपोर्ट
भास्कर न्यूज | लोहारू
लोहारू व बहल क्षेत्र के अनेक गांवों में प्राकृतिक आपदा ओलावृष्टि ओर बारिश व तेज हवाओं के कारण करीबन चार दर्जन से अधिक गांवों में किसानों की फसलों में नुकसान हुआ था। परन्तु सरकार ने लोहारू हलके के सिर्फ 9 गांवों में नुकसान की रिपोर्ट दी है जो किसानों के साथ छलावा है। बीमा कंपनियों को नुकसान की भरपाई करनी थी तो सरकार ने इसमें हस्तक्षेप करके गलत रिपोर्ट बनवाई है जो गलत है।
सरकार और प्रशासन पर यह आरोप किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मेवासिंह आर्य, खंड प्रधान धर्मपाल बारवास, आजादसिंह भूंगला, सूबेदार इन्द्राज सिंह दमकोरा, किसान मजदूर शोषण मुक्ति मोर्चा के उपाध्यक्ष पृथ्वी सिंह गोठड़ा, रोहताश झुप्पा, शेरसिंह यादव सहित अनेक किसान नेताओं ने लगाए है। किसान नेताओं का आरोप है कि लोहारू हलके के करीबन चार दर्जन गांवों में किसानों की फसलों में 20 से 80 फीसदी तक नुकसान हुआ है। किसानों को उम्मीद जगी थी कि करोड़ों रुपये फसल बीमा के नाम पर कटवाए गए हैं और इस आपदा की स्थिति में उनकी आर्थिक मदद बीमा कंपनियों से सरकार करवाएगी। परन्तु किसानों की मदद करने की बजाए सरकार ने भिवानी जिले के कुल 11 गांवों में ही नुकसान की रिपोर्ट तैयार की है जिसमें से 9 गांव बहल क्षेत्र और दो गांव तोशाम क्षेत्र के हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए था कि कहीं कम व कहीं पर्याप्त मुआवजा बीमा कंपनियों से किसानों को दिलवाए परन्तु इसके विपरीत किसानों की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया जो गलत है। किसान नेताओं ने सरकार ओर प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि किसानों की फसलों में हुए नुकसान का सही आंकलन करवाकर मुआवजा नहीं दिलवाया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।