72 से घटकर 57 हुई बसें, यात्रियों की मांग के बाद भी ग्रामीण रूटों पर नहीं बढ़ रहे बसों के चक्कर

Sonipat News - आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन रोडवेज के गोहाना सब डिपो में आबादी के हिसाब से बस बढ़ाने की बजाए बसों की संख्या कम की जा...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:42 AM IST
Gohana News - haryana news buses reduced from 72 to 57 buses not moving on rural routes despite the demand of passengers
आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन रोडवेज के गोहाना सब डिपो में आबादी के हिसाब से बस बढ़ाने की बजाए बसों की संख्या कम की जा रही हैं। सब डिपो में बसों की संख्या 72 से घटकर करीब 57 रह गई है। कुछ बसें कंडम हो गई तो कुछ बसों को सोनीपत डिपो में कमी पूरा करने के लिए मंगा लिया गया। बसों की कमी के कारण अधिकारी नए रूट शुरू करना तो दूर, चल रहे रूटों पर भी चक्कर नहीं बढ़ा पा रहे। इसलिए सब डिपो की यूनियन लगातार अधिकारियों से डिपो में बसों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रही है।

दो वर्ष पहले गोहाना डिपो को पांच बसें मिली थी। जिसके बाद डिपो में बसों की संख्या बढ़ गई थी। अधिकारियों ने लोकल रूटों पर बसें लगाई थी। परंतु पुरानी बसें कंडम होती गई और नई बसें बेड़े में शामिल नहीं की गई। पिछले दिनों सोनीपत डिपो में बसों की जरूरत को पूरा करने लिए डिपो से चार बसें को सोनीपत भेजा गया था। सोनीपत भेजी गई बसें वापस नहीं आई। लगातार बसें कम होने से डिपो में करीब 57 बसें ही रह गई हैं। रोडवेज कर्मचारी लगातार मुख्यालय से बसों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, जिससे लोगों को बेहतर सेवाएं दे सकंे।

गोहाना. डिपो परिसर में खड़ी कंडम की गई बसें। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रूट पर चक्कर बढ़ाए हैं


भास्कर न्यूज | गोहाना

आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन रोडवेज के गोहाना सब डिपो में आबादी के हिसाब से बस बढ़ाने की बजाए बसों की संख्या कम की जा रही हैं। सब डिपो में बसों की संख्या 72 से घटकर करीब 57 रह गई है। कुछ बसें कंडम हो गई तो कुछ बसों को सोनीपत डिपो में कमी पूरा करने के लिए मंगा लिया गया। बसों की कमी के कारण अधिकारी नए रूट शुरू करना तो दूर, चल रहे रूटों पर भी चक्कर नहीं बढ़ा पा रहे। इसलिए सब डिपो की यूनियन लगातार अधिकारियों से डिपो में बसों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रही है।

दो वर्ष पहले गोहाना डिपो को पांच बसें मिली थी। जिसके बाद डिपो में बसों की संख्या बढ़ गई थी। अधिकारियों ने लोकल रूटों पर बसें लगाई थी। परंतु पुरानी बसें कंडम होती गई और नई बसें बेड़े में शामिल नहीं की गई। पिछले दिनों सोनीपत डिपो में बसों की जरूरत को पूरा करने लिए डिपो से चार बसें को सोनीपत भेजा गया था। सोनीपत भेजी गई बसें वापस नहीं आई। लगातार बसें कम होने से डिपो में करीब 57 बसें ही रह गई हैं। रोडवेज कर्मचारी लगातार मुख्यालय से बसों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, जिससे लोगों को बेहतर सेवाएं दे सकंे।

सोनीपत गए परिचालकों के स्थान पर नहीं भेजे परिचालक

पिछले माह गोहाना डिपो के परिचालकों को सोनीपत डिपो में भेज दिया था। कुछ परिचालक वापस आ गए, लेकिन कुछ अभी भी सोनीपत डिपो में ही कार्यरत हैं। उनके स्थान पर परिचालक भी नहीं भेजे गए। विभाग ने आठ घंटे की ड्यूटी कराने के निर्देश दिए हुए हैं। इसलिए परिचालक भी नियमानुसार ही ड्यूटी करके चले जाते हैं। परिचालकों की कमी के कारण अधिकारियों को बस चलाने में दिक्कतें आ रही है।

इस माह होंगी 6 बसें कंडम

वर्ष 2017 में सब डिपो में सीएनजी की 14 बसें हो गई थी। सभी बसें पिछले वर्ष ही कंडम घोषित कर दी गई। जिसके बाद ये बसें डिपो में ही खड़ी हुई हैं। इसके अलावा अन्य बसें भी कंडम हुई हैं। 6 बसें इस माह में कंडम हो जाएंगी। इसके बाद सब डिपो में बसों की संख्या कम होकर करीब 51 ही रह जाएगी।

यात्री रूटों पर चक्कर बढ़ाने की कर रहें हैं मांग : गोहाना से शामड़ी, मतलौडा, भावड़, खानपुर कलां, जुलाना, सफीदो आदि रूटों के यात्रियों द्वारा रोडवेज बस के चक्कर बढ़ाने मांग की है। इन रूटों पर छात्राओं को बसों के चक्कर कम होने से परेशानी हो रही है। यात्री संगीता, पिंकी, सुमन, कविता का कहना कि रोडवेज बस के चक्कर रूट पर बढ़ाने की मांग कई बार अधिकारियों से कर चुके हैं। लेकिन रूट नहीं बढ़ रहे। प्राइवेट बस में बैठती हैं तो किराया मांगता है। जबकि रोडवेज ने उनका पास बनाया हुआ है।

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