बसें मिलने से होगा लाभ
छात्राओं को गांव से कॉलेज तक छोड़ने के लिए सब-डिपो को मिलेंगी 3 मिनी बसें
गोहाना | उच्च शिक्षा के लिए गांवों से शहर के कॉलेजों में पढ़ने के लिए आने वाली छात्राओं को प्राइवेट बसों और दूसरे निजी वाहनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। छात्राओं की सुविधा के लिए गोहाना सब-डिपो के बेड़े में तीन मिनी बसें शामिल होंगी। मिनी बसें केवल छात्राओं के लिए ही चलाई जाएंगी। स्पेशल मिनी बसें चलने से कॉलेज की करीब एक हजार छात्राओं को फायदा होगा। शहर में छात्राओं के लिए एकमात्र महिला कॉलेज है। कॉलेज में शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी छात्राएं पढ़ने के लिए आती हैं। गांवों से कॉलेज में आने वाली सभी छात्राओं को रोडवेज बसों की सुविधा का लाभ नहीं मिलता है। ऐसे में छात्राओं को प्राइवेट वाहनों का रूख करना पड़ता है। प्राइवेट वाहन में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने से छात्राओं को असुविधा होती है।
कॉलेज से मांगी हुई है छात्राओं की संख्या और उनके गांव की लिस्ट : ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को रोडवेज बसों की सुविधा का लाभ देने के लिए रोडवेज अधिकारियों ने कॉलेज प्रशासन से छात्राओं की संख्या और उनके गांवों की लिस्ट मांगी हुई है। लिस्ट के आधार पर रोडवेज अधिकारी कॉलेज अधिकारियों के साथ मिलकर रूट तैयार करेंगे।
छात्राओं के लिए स्पेशल बस चलाने की योजना है। मुख्यालय से सब-डिपो को तीन मिनी बसें मिलेंगी। इनके आने पर तैयार किए गए रूटों पर बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। सुरेश सैनी, डीआई, बस अड्डा, गोहाना।