पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Kaithal News Haryana News Crop Cutting Will Be Used Online Through The App Agriculture Department Personnel Will Not Have To Take Help Of Patwaris To Find The Field

एप के जरिए ऑनलाइन होगा क्रॉप कटिंग का प्रयोग, कृषि विभाग कर्मियों को खेत ढूंढने के लिए नहीं लेनी पड़ेगी पटवारियों की मदद

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

किसी भी फसल की औसत पैदावर जांचने के लिए कृषि विभाग द्वारा हर क्रॉप कटिंग का प्रयोग किया जाता है। अब तक ये पूरा कार्य मैन्युअली किया जाता था, लेकिन इस बार एप के जरिए ऑनलाइन होगा। कृषि विभाग के कर्मचारियों को निदेशालय की तरफ से एप पर ही 12 लोकेशन भेजी जाएंगी और इनमें से चार लोकेशन पर क्रॉप कटिंग का प्रयोग एक-एक मरले में किया जाएगा। मैन्युअली ये कार्य करने में निदेशालय द्वारा कृषि कार्यालय को रैंडमली किला नंबर दिए जाते थे और फिर पटवारी को लेकर उन खेतों को ढूंढकर यह प्रयोग किया जाता था। अब एप से कृषि विभाग के कर्मचारियों को सुविधा होगी, क्योंकि ज्यादातर समय पटवारी नहीं मिलने से इस कार्य में देरी हो जाती थी। अब एप पर मिलने वाली लोकेशन सीधे कर्मचारियों को किसान के खेत में ले जाएगी। इसके अलावा पहले मैन्युअली रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए फार्म नंबर एक, दो व तीन भरने पड़ते थे, लेकिन इस बार यह सारा कार्य भी एप के जरिए ही किया जाएगा। इससे कागजी कार्रवाई का समय भी बचेगा।

लोकेशन सही नहीं निकली तो दूसरी पर होगा प्रयोग : एसडीओ डाॅ. सतीश नारा ने बताया कि विभाग द्वारा जिले के सभी 277 गांवों में यह प्रयोग किया जाना है। एक गांव में चार चार लोकेशन पर यह प्रयोग किया जाएगा। एप के जरिए प्रयोग होने के कारण 12 लोकेशन भेजी जाएंगी, ताकि अगर किसी लोकेशन में कोई तकनीकी खामी सामने आती है तो प्रयोग दूसरी जगह पर किया जा सकेगा।

क्रॉप कटिंग के जरिए ही मिलता है किसानों को बीमा का लाभ : क्रॉप कटिंग का प्रयोग पहले विभाग सिर्फ उत्पादन की औसत जांचने के लिए करता था, लेकिन अब क्रॉप कटिंग का प्रयोग प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ देने के लिए भी किया जा रहा है। मान लिजिए किसी गांव की गेहूं की औसत पैदावर पिछले सात साल में 36 क्विंटल थी, लेकिन इस बार वह 32 क्विंटल रही है। जिन किसानों का बीमा हो रखा है संबंधित इंश्योरेंस कंपनी सभी किसानों को चार क्विंटल के नुकसान का भुगतान करेगी। यह नुकसान दूसरी आपदाओं में हुए नुकसान से अलग होगा।

कर्मचारियों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण

क्रॉप कटिंग का प्रयोग गेहूं की फसल के साथ ही चना, जौं, सरसों तथा सूरजमुखी की फसल पर भी किया जाएगा, लेकिन जिले में इनकी पैदावर नाम मात्र ही है। एप के जरिए क्रॉप कटिंग के कार्य को करने के लिए विभाग के सभी कर्मचारियों को जिला परिषद स्थित एसडीओ कार्यालय में पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

इस बार एप के जरिए क्रॉप कटिंग का कार्य किया जाना है। इसके लिए विभाग के अधिकारी पहले ही प्रशिक्षण ले चुके हैं और संबंधित कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है। एप से कार्य करने में सुविधा होगी।
डाॅ. कर्मचंद, उप निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।

कैथल | एसडीओ कार्यालय में प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेते कृषि अधिकारी व कर्मचारी।
खबरें और भी हैं...