नपा की दुकानों के किराये को लेकर डीसी काे दी शिकायत
नगर पालिका की दुकानों का न तो किराया लिया जा रहा है, न ही दुकानों को दोबारा से किराए पर देने के लिए कोई प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जिसके चलते प्रशासन को हर महीने 5 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। भूना के लोगों ने डीसी को शिकायत देकर मामले की जांच करने की मांग की है। डीसी ने एसडीएम को जांच के आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता ओम प्रकाश बिश्नोई व बलवीर सिंह ने बताया कि नगर पालिका हिसार रोड व सब्जी मंडी की दुकानों की खुली पट्टा नीलामी पिछले कई वर्षों से नहीं हुई है। न ही दुकानदारों से किराया वसूला जा रहा है। जिससे सरकार को प्रति वर्ष पांच करोड से भी अधिक का आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका की सब्जी मंडी हिसार रोड पर 50 दुकानें हैं। जिनका प्रति महीना दस हजार से अधिक किराया है। दुकानदार पिछले कई वर्षों से उपरोक्त दुकानों पर काबिज है। नगर पालिका ने जब भी सार्वजनिक दुकानों की बोली के विज्ञापन जारी किए तो दुकानदारों ने इसका विरोध कर दिया। 5 साल से दुकानदार किराया भी नहीं दे रहे है। इसलिए शिकायतकर्ता ने अधिकारियों की दुकानदारों से मिलीभगत की उच्च स्तरीय जांच करवाने की गुहार लगाई है। हिसार रोड व सब्जी मंडी में नगर पालिका की जो दुकानें हैं। उनमें एक व्यक्ति के पास तीन से चार दुकानें है। जिसने अपने बेटे व भाइयों के नाम से दुकानें ली हुई है।
कोर्ट में पेंडिंग है दुकानों का मामला : सचिव
नगरपालिका के सचिव संदीप सोलंकी ने बताया कि दुकानों के किराए से संबंधित कुछ दुकानदारों का मामला अदालत में विचाराधीन है जिसके कारण सार्वजनिक रूप से दुकानों की पट्टा नीलामी में अड़चन आ रही है लेकिन दुकानदारों का किराया भी बकाया चल रहा है। न्यायालय के फैसले के बाद दुकानों की खुली बोली करवाई जाएगी। दुकानों की बोली ना होने से नगरपालिका को भी करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है।