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पंजाबी विषय को अनिवार्य बनाए जाने के लिए सौंपे जाएंगे मांग पत्र
केंदरी पंजाबी लेखक सभा (रजि.) हरियाणा चैप्टर कार्यकारिणी की मीटिंग सभा के संरक्षक डॉ. रतन सिंह ढिल्लों, अध्यक्ष डाॅ. अमरजीत सिंह व उपाध्यक्ष डाॅ. गुरप्रीत कौर गिल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। यह जानकारी देते हुए सभा के प्रैस-सचिव डा. हरविंदर सिंह ने बताया कि महासचिव प्रो. गुरदेव सिंह देव ने मीटिंग की कार्यवाही का संचालन करते हुए पिछले हुए आम इजलास की रिपोर्ट प्रस्तुत की और मीटिंग के एजेंडे की जानकारी प्रदान की। मीटिंग में सर्वसम्मति से पारित निर्णयानुसार 12 अप्रैल को अम्बाला में ‘हरियाणा में लेखक संगठनों की दशा व दिशा’ के बारे में चर्चा करते हुए केंदरी पंजाबी लेखक सभा (रजि.) के संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ बनाए जाने हेतु विचार-विमर्श उपरांत उपस्थित कवियों पर आधारित काव्य-गोष्ठी की जाएगी। जुलाई-अगस्त में ‘संतोख सिंह धीर जन्म शताब्दी सेमिनार’ व ‘हरियाणा पंजाबी भाषा सम्मेलन’ का आयोजन किया जाएगा। मीटिंग में सभा का मांग-पत्र भी तैयार किया गया।
हरियाणा में तीसरी कक्षा से दसवीं कक्षा तक पंजाबी विषय को अनिवार्य बनाए जाने, हरियाणा के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में पंजाबी विषय के अध्ययन की उचित व्यवस्था व फैकल्टी को पूरा किए जाने, हरियाणा के सरकारी, गैर-सरकारी संस्थानों में पंजाबी भाषा में किए गए आवेदन का पंजाबी भाषा में उत्तर दिए जाने, हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी के पदों पर सुयोग्य एवं विशेषज्ञ साहित्यकारों को नियुक्त किए जाने व हरियाणा में हर जगह लगे होर्डिंग, नेम प्लेट, सूचना पट्ट, साइन बोर्ड इत्यादि पर पंजाबी भाषा को उचित स्थान प्रदान किए जाने आदि मांगों पर आधारित मांग-पत्र संबंधित अधिकारियों, मंत्रियों, मंत्रालयों को सौंपा जाएगा।
मीटिंग में पारित एक शोक-प्रस्ताव के माध्यम से वरिष्ठ साहित्यकारों डाॅ. दलीप कौर टिवाणा, जसवंत सिंह कंवल, प्रबुद्ध जनवादी चिंतक का. हरनाम सिंह सन्धु व पंजाबी अकादमी, दिल्ली के सचिव गुरभेज सिंह गुराया के पिता बली सिंह गुराया के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में डाॅ. अमरजीत सिंह ने मीटिंग की व्यवस्था के लिए यादव धर्मशाला कुरुक्षेत्र उपलब्ध करवाने व जलपान की व्यवस्था के लिए डाॅ. अतुल यादव व दोपहर भोज की व्यवस्था के लिए सुखदेव सिंह गिल एडवोकेट व डाॅ. गुरप्रीत कौर गिल का योगदान रहा।
मीटिंग में सुखदेव सिंह गिल, डाॅ. अतुल यादव, डाॅ. रामेश्वर दास, बीर सिंह, अनीता वर्मा, राजिंदर कौर, कुलविंदर सिंह, बलविंदर सिंह हुक्मावाली, अरवेल सिंह विर्क, गुरसाहिब सिंह सिद्धू, हरभजन सिंह बेदी, सुरजीत सिंह रेणु, डा. हरविंदर सिंह मौजूद थे।