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वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर आरोही स्कूल कर्मियों का शिक्षा मंत्री निवास के बाहर प्रदर्शन
प्रदेश के आरोही स्कूलों में कार्यरत ठेका कर्मियों ने स्थाई रोजगार व 24 हजार वेतन की मांग के लिए शनिवार को शिक्षा मंत्री निवास के बाहर प्रदर्शन किया। शिक्षा मंत्री कंवरपाल नहीं मिले, इस पर उनके बेटे निश्चल चौधरी को ज्ञापन दिया। उनसे मुलाकात के लिए 20 मार्च तय की गई।
सीटू के प्रदेश महासचिव जयभगवान ने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश में 36 आरोही स्कूल खोले गए हैं। पिछड़े इलाकों में खोले गए इन अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के परिणाम बहुत बेहतर हैं परंतु इनमें काम करने वाला पूरा स्टाफ ठेके पर है जबकि सरकार ने 2018 में वादा किया था कि वह पूरे स्टाफ को स्थाई करेंगे परंतु अब तक नहीं किया गया। ठेका कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। जब ये स्कूल निरंतर जारी रहने हैं तो इनका स्टाफ नियमित भर्ती क्यों नहीं कराया जा रहा। यूनियन नेता विनोद कुमार, कुलदीप, अमित, असलम व मोनू ने कहा कि आरोही स्कूलों में आउटसोर्स पॉलिसी के तहत स्कूलों में 400 के करीब ठेका कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी के पद हैं, जिन पर स्वीपर, चौकीदार, माली लगे हैं। ठेके पर लगे कर्मचारियों की हालत दयनीय है। पांच माह से वेतन नहीं मिल रहा। ईएसआई, पीएफ का पैसा काट लिया जाता है, परंतु उसके जमा होने की भारी समस्या है। इस हालात में हमारे परिवार भूखे मरने के कगार पर हैं। सरकार को हमारी मांगों का समाधान करना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री के बेटे निश्चल चौधरी ने मांग पत्र लिया। 20 मार्च को 11 बजे शिक्षा मंत्री से बातचीत का समय निर्धारित किया।
ये हैं आरोही स्कूल कर्मियों की मुख्य मांगें
आरोही स्कूलों में कार्यरत सभी कैटेगरी के ठेका कर्मचारियों की सेवाएं जारी रहनी चाहिए चाहे ठेकेदार बदले या न बदले। किसी भी ठेका कर्मचारी का वेतन 24 हजार रुपए से कम न हो। पूरा वेतन हर माह की 7 तारीख से पहले मिले। सरकार हमें अपने पे रोल पर रखे। पीएफ व ईएसआई का कटना व जमा होना तय हो। शिक्षा विभाग के पक्के कर्मचारियों की तरह स्वास्थ्य सुविधा व आकस्मिक सहित तमाम अवकाश मिले।
यमुनानगर |शिक्षा मंत्री निवास के बाहर मांगों को लेकर प्रदर्शन करते आरोही स्कूल के कर्मी व संगठनों के पदाधिकारी।