पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Pundri News Haryana News Department Will Take Action After March 15 If Stubble Is Not Raised

पराली नहीं उठाई तो 15 मार्च के बाद होगी विभागीय कार्रवाई

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

प्रशासनिक उच्चाधिकारियों के निर्देश के बावजूद पूंडरी में पराली का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। कैथल-करनाल व पूंडरी-ढांड मार्ग पर हजारों एकड़ की पराली के बड़े-बड़े स्टाक लगे हुए हैं जिनका न तो कोई सरकारी रिकॉर्ड है और न ही कोई बड़ी घटना घटने पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।

पराली से सबसे अधिक समस्या वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को उठानी पड़ रही है। पराली से फैलने वाले वायु प्रदूषण से आसपास के लोग काफी प्रभावित हो रहे हैं। इनके पास ट्रैक्टर-ट्राॅलियों में ओवर लोड पराली भरकर लाने वालों से वाहन चालकों को बहुत परेशानी होती है, कई बार तो इनसे जाम की स्थिति बन जाती है।

इससे सरकार को भी कोई कर वगैरह नहीं प्राप्त होता है, जबकि अकेले पूंडरी से ही लगभग 10 करोड़ रुपए का व्यापार होता है और कोई भी घटना घटने पर प्रशासन को इसकी जवाबदेही होती है और सुरक्षा के इंतजाम भी प्रशासन को ही करना पड़ता है। पराली से सबसे विकट स्थिति गर्मियों में गेहूं सीजन के दौरान होती है, उस समय में पराली में आग लगने का भय बना रहता है और उस समय में पराली विस्फोट का रूप धारण कर लेती है।

गत वर्ष पराली में लगी आग पर 24 अग्निशमन की गाड़ियाें से पाया गया था काबू : 2 अप्रैल 2019 को कैथल-करनाल पर लगी पराली के स्टाक में अचानक आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि उसने आसपास में लगे चार स्टाॅकों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें लगभग 20 हजार क्विंटल पराली लगी हुई थी जिसकी कीमत भी लगभग 80 लाख रुपए थी।

प्रशासन द्वारा दो दिनों में आसपास के जिलों से अग्निशमन की 24 गाड़ियाें की मदद से आग पर काबू पाया गया। आग की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को भी डर था कि कहीं आग खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को न अपनी चपेट में ले ले। इसके लिए प्रशासन द्वारा आग को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। उसके बाद भी प्रशासन कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। जिला प्रशासन द्वारा पराली व्यापारियों को बार-बार अल्टीमेटम दिया गया है कि वे पराली उठा लें, लेकिन शायद प्रशासन की चेतावनी का कोई असर नहीं है या फिर प्रशासन की मिलीभगत है।

पराली व्यापारियों ने पराली उठाने के लिए 15 मार्च तक का समय मांगा था। इसके बाद भी अगर कोई पराली को नहीं उठा रहा है तो उसके खिलाफ उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार उचित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ओमप्रकाश, चौकी इंचार्ज, पूंडरी।

पूंडरी | करनाल-कैथल मार्ग के पास लगे पराली के स्टाक।
खबरें और भी हैं...