पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Gohana News Haryana News Drinking Water Will Not Be A Problem In Villages In Summer Task Team Formed For Better Supply

गर्मी में गांवों में पेयजल की नहीं होगी दिक्कत, बेहतर आपूर्ति के लिए बनी टास्क टीम

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

गर्मी के सीजन में पेयजल की मांग अधिक रहती है। गर्मी सीजन में शहर और ग्रामीण उपभोक्ताओं को नियमित रूप से पेयजल सप्लाई देने के लिए जलापूर्ति विभाग एक टास्क टीम तैयार करेगा। टास्ट टीम में पेयजल सप्लाई की निगरानी जेई द्वारा रखी जाएगी। प्रथम चरण में टास्क टीम उन गांवों के लिए तैयार की जाएगी, जिन गांवों में अधिकारियों को बीते वर्षों में विरोध का सामना करना पड़ा है।

जलापूर्ति विभाग द्वारा शहर और गांवों में पेयजल सप्लाई दी जाती है। विभाग ने अधिकांश गांवों में पेयजल सप्लाई के लिए जलघरों का निर्माण किया हुआ है। जिन गांवों में जलघर नहीं बने हैं, उन गांवों में पेयजल सप्लाई के लिए दो से तीन ट्यूबवैल लगे हुए हैं। गर्मी के सीजन में पेयजल की खपत अधिक बढ़ जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग ने पेयजल सप्लाई के लिए दो से तीन दिनों का शैड्यूल बनाया हुआ है। गर्मी शुरू होने पर गांवों में पेयजल किल्लत बढ़नी शुरू हो जाती है। पेयजल किल्लत को लेकर विभाग के अधिकारियों को कई गांवों में लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ता है। पेयजल किल्लत का मुख्य कारण जलघर में पानी खत्म होना अथवा पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त होना है। कई दिनों तक पेयजल की सप्लाई नहीं होने पर ग्रामीण रोड जाम भी कर देते हैं। इससे निपटने के लिए अधिकारियों ने सीजन शुरू होने से पहले ही अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। गांवों में पेयजल सप्लाई का निरीक्षण विभाग की एक टास्ट टीम देखेगी। टीम के अधिकारी गांव में पेयजल सप्लाई में हो रही देरी के कारणों की जांच कर उनका समाधान करेंगे।

नहरी पानी केे शैड्यूल से होती है पेयजल सप्लाई प्रभावित


जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सप्लाई नहर में पानी का शैड्यूल प्रभावित करता है। सिंचाई विभाग ने नहर में पानी छोड़ने का शैड्यूल आठ और 32 दिनों का बनाया हुआ है। नहर में आठ दिनों के लिए पानी छोड़ा जाता है। इसके बाद 32 दिनों तक नहरों में पानी नहीं होता है। गांवों में बने जलघरों के तालाबों की पानी एकत्र करने की क्षमता केवल 24 दिनों की होती है। ऐसे में तालाब का पानी जल्दी खत्म हो जाता है, जिससे गांवों में उपभोक्ताओं को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता है।


गर्मी में आने वाली समस्या को ध्यान में रखकर बनी योजना

गर्मी सीजन में प्रत्येक उपभोक्ता को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा। पेयजल सप्लाई को सूचारू रखने के लिए टास्क टीम तैयार की जाएगी। टीम के कर्मचारी पेयजल सप्लाई पर निगरानी रखेंगे। किसी गांव में सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, तो कर्मचारी समस्या का समाधान कर सप्लाई व्यवस्था को दुरुस्थ करेंगे। विक्रम सिंह मोर, एक्सईएन, जलापूर्ति विभाग, गोहाना।

प्रथम चरण में इन गांवों को किया है शामिल

जलापूर्ति विभाग ने प्रथम चरण में संवेदनशील गांवों बरोदा, बनवासा, कथूरा, रिंढाणा को शामिल किया है। गांवों के साथ-साथ शहर की भी कुछ कॉलोनियां हैं, जिनमें लोगों की पेयजल सप्लाई को लेकर अक्सर शिकायतें रहती हैं। इनमें गांधी नगर, मीनाक्षी कॉलोनी, देवीपुरा आदि शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीजन के दौरान दूसरे गांवों में भी बेहतर पेयजल सप्लाई देने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।


खबरें और भी हैं...