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भिवानी में बनेगा ड्रोन ट्रेनिंग व डेवलपमेंट सेंटर

एक वर्ष पहले
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भिवानी में प्रदेश का पहला ड्रोन ट्रेनिंग एंड डेवलेपमेंट सेंटर बनाया जाएगा। फिलहाल सैद्धांतिक तौर पर इसका निर्णय हो चुका है। केंद्रीय सिविल एविएशन के डीजी को इस संदर्भ में पत्र लिखकर परमिशन मांगी गई है। आम जगह पर इस तरह के सेंटर के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय की मंजूरी की जरूरत नहीं है, लेकिन प्रदेश सरकार भिवानी स्थित हवाई पट्टी पर ही यह सेंटर बनाना चाहती है। आमतौर पर एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा हवाई अड्डों व हवाई पट्टियों के आसपास ड्रोन के इस्तेमाल की मंजूरी नहीं देती। नागरिक उड्डयन विभाग का कहना है कि भिवानी में केवल हवाई पट्टी है। इसका इस्तेमाल भी वीवीआईपी लोगों द्वारा जहाज के लिए कभी-कभार किया जाता है। डिप्टी सीएम ने इस संदर्भ में डीजी सिविल एविएशन अरुण कुमार को पत्र लिखा है। पत्र के जरिए उन्होंने भिवानी हवाई पट्टी पर ड्रोन उड़ाने की मंजूरी देने का आग्रह किया है। इससे प्रदेश में युवाओं को ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग उपलब्ध हो सकेगी। न केवल सरकारी बल्कि इन दिनों प्राइवेट सेक्टर में ड्रोन प्रोफेशनल्स की डिमांड को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

कोर्स भी कर सकेंगे

भिवानी में ड्रोन ट्रेनिंग एंड डेवलेपमेंट सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। मंजूरी के लिए सिविल एविएशन के महानिदेशक को पत्र लिखकर मंजूरी मांगी गई है। परमिशन मिलने के बाद युवाओं को भिवानी हवाई पट्टी पर ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग के साथ-साथ ड्रोन डेवलपमेंट का कोर्स की भी सुविधा मिलेगी।
-दुष्यंत चौटाला, डिप्टी सीएम।

यहां बढ़ा है ड्रोन का प्रचलन

पुलिस द्वारा अब ड्रोन का प्रयोग बड़े कार्यक्रमों व रैली आदि में भी ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा है। ड्रोन चलाने के लिए सरकार से मंजूरी अनिवार्य है। अब ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में तो रोजगार के नए अवसर मिलेंगे ही, इसके अलावा सरकारी नौकरियों में भी ऐसे प्रोफेशनल्स को तवज्जो मिल सकती है। देश में इस समय तेलंगाना, ग्रेटर नोएडा, बेंगुलरु , चेन्नई व पांडिली में ड्रोन पायलट ट्रेनिंग स्कूल हैं। ये सभी स्कूल डीजीसीए से मान्यता प्राप्त हैं। यहां पर दो से 25 किलोग्राम तक के वजन वाले ड्रोन की ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रोन पायलट कोर्स के लिए सामान्य ट्रेनिंग के अलावा मास्टर डिप्लोमा व एडवांस डिप्लोमा कोर्स करवाए जाते हैं। ट्रेनिंग के बाद सर्टिफिकेट भी मिलते हैं।

नागरिक उड्डयन विभाग का कहना है कि भिवानी में केवल हवाई पट्टी है। इसका इस्तेमाल भी वीवीआईपी लोगों द्वारा जहाज के लिए कभी-कभार किया जाता है। डिप्टी सीएम ने इस संदर्भ में डीजी सिविल एविएशन अरुण कुमार को पत्र लिखा है। पत्र के जरिए उन्होंने भिवानी हवाई पट्टी पर ड्रोन उड़ाने की मंजूरी देने का आग्रह किया है। इससे प्रदेश में युवाओं को ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग उपलब्ध हो सकेगी। न केवल सरकारी बल्कि इन दिनों प्राइवेट सेक्टर में ड्रोन प्रोफेशनल्स की डिमांड को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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