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बजट की कमी से पालिका भवन व सामुदायिक केंद्र का कार्य अधर में लटका, एस्टिमेट भेजा
मुख्यमंत्री द्वारा नगर विकास के लिए पालिका कार्यालय एवं सामुदायिक केंद्र के रूप में दी गई सौगात नगर पालिका के पास बजट की कमी होने के कारण अधर में लटकी पड़ी हैं।
कलायत में नगर पालिका कार्यालय व समुदायिक केंद्र का निर्माण कार्य जुलाई-अगस्त 2018 में शुरू किया गया था जो फरवरी माह में पूरा हो जाना चाहिए था। करोड़ों रुपए की लागत से नगर पालिका कार्यालय व सामुदायिक केंद्र की इमारतें तो बनकर तैयार हो गई है लेकिन नगरपालिका में बजट में होने के कारण कार्य करीब 6 माह से रुका हुआ है। सौंदर्यीकरण न होने के कारण नव निर्माणाधीन इमारतों पर धूल जमने लगी है। जो कार्य लगभग 3 माह पूर्व पूरा हो जाना चाहिए था वह अभी तक पूरा नहीं हो पाया जिसके कारण नगर के लोगों में रोष व्याप्त है। नगरपालिका में तैनात कनिष्ठ अभियंता मंदीप श्योकंद ने अधूरे पालिका भवन व सामुदायिक केंद्र बारे बताया कि निर्माण कार्य के लिए पूर्व में जो बजट निर्धारित किया गया था उसमें निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। एस्टीमेट भेजा जा चुका है तथा बजट उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य पूरा करवा दिया जाएगा।
बजट नहीं होने के कारण अधर में लटका है सौंदर्यीकरण: एजेंसी संचालक : निर्माण एजेंसी संचालक कृष्ण कुमार ने बताया कि नगरपालिका द्वारा करीब 3 करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक केंद्र का निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। भवन निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है तथा नवंबर 2019 में सौंदर्यीकरण के लिए करीब 96 लाख रुपए के रिवाइज्ड एस्टीमेट भेजे गए थे। बजट समाप्त हो जाने के कारण सामुदायिक केंद्र का निर्माण व सौंदर्यीकरण का कार्य 5 माह बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है। जब तक राशि उपलब्ध नहीं होती कार्य पूरा नहीं हो सकता।
पालिका भवन का निर्माण पूरा, सौंदर्यीकरण अधूरा: भगवान दास : नगर पालिका के भवन का निर्माण कर रहे निर्माण एजेंसी संचालक भगवान दास बंसल ने निर्माण में हो रही देरी बारे बताया कि उन्हें पालिका भवन निर्माण का 3 करोड़ 28 लाख रुपए का टेंडर मिला था। पालिका भवन का निर्माण कार्य पूरा करवा दिया गया है तथा सौंदर्यीकरण के लिए करीब 1 करोड़ 55 लाख रुपए के रिवाइज्ड एस्टिमेट भेजे गए थे। लेकिन बजट की कमी के चलते केवल 45 लाख रुपए ही उपलब्ध हो पाए।
कलायत | नगर के वार्ड नंबर आठ में अधूरा पड़ा पालिका कार्यालय।
कलायत | नगर के वार्ड नंबर सात में अधूरा सामुदायिक केंद्र।