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शिक्षा विभाग ने स्वच्छता पखवाड़ा मनाने का जारी किया पत्र, सरकारी स्कूलों में सफाई कर्मी ही नहीं

Kurukshetra News - एक ओर प्रदेश का शिक्षा विभाग स्कूलों में महात्मा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में स्वच्छता पखवाड़ा मनाने का पत्र...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 08:17 AM IST
Kurukshetra News - haryana news education department issued a letter to celebrate cleanliness fortnight not only sanitation workers in government schools
एक ओर प्रदेश का शिक्षा विभाग स्कूलों में महात्मा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में स्वच्छता पखवाड़ा मनाने का पत्र जारी कर रहा है। वहीं जिन स्कूलों में यह पखवाड़ा मनाया जाना है, उनमें सफाई कर्मी तक नहीं हैं। ऐसे में स्वच्छता पखवाड़ा और स्वच्छता अभियान की बातें केवल कागजी साबित हो रही हैं। जिलेभर में 450 से अधिक राजकीय प्राथमिक स्कूल हैं। जिनमें से अधिकतर में सफाई कर्मी ही नहीं हैं। कई स्कूलों के शिक्षक अपनी जेब से पैसे देकर सफाई करवा रहे हैं तो कई गांवों की पंचायत ही स्कूलों में गांव के सफाईकर्मी को भेजकर सफाई करवाने का काम कर रही है।

शौचालयों की सफाई चुनौती : राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिला प्रधान विनोद चौहान ने कहा कि स्कूलों में सबसे बड़ी चुनौती बिना सफाईकर्मी के शौचालयों को साफ रखने की है। शिक्षकों की ओर से जो सफाईकर्मी लगाया जाता है वह झाड़ू तो मार देता है, लेकिन शौचालयों की सफाई नहीं करता। इस कारण राजकीय प्राथमिक स्कूलों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है।

प्राथमिक स्कूलों में पार्ट टाइम सफाई कर्मी का पद : प्राथमिक स्कूलों में सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से पार्ट टाइम स्वीपर का ही पद है। पार्ट टाइम स्वीपर पहले अधिकतर स्कूलों में थे, लेकिन 10 साल से लगे कर्मचारियों के पक्का होने की पॉलिसी में आए इन स्कूलों में लगे पार्ट टाइम स्वीपर पक्के होते ही हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चले गए। इसके चलते राजकीय प्राथमिक स्कूलों से पार्टटाइम स्वीपर भी खत्म हो गए। शिक्षक विकास कुमार ने कहा कि शिक्षकों को आपस में पैसे इकट्ठे करके सफाई कर्मी नियुक्त करना पड़ रहा है। बिना सफाई कर्मी के स्कूल को मेंटेन करने में दिक्कत आती है। इस बारे में अधिकारियों को भी कई बार बता चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।

शिक्षक बोले
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान राजेंद्र टंडन और प्रवक्ता सूबे सिंह सुजान ने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों को सफाई तक खुद करवानी पड़ रही है। ऐसे में स्वच्छता पखवाड़े के निर्देश विभाग की ओर से दिए जा रहे हैं। शिक्षकों ने कहा कि विभाग को सभी स्कूलों में सफाई कर्मी की नियुक्ति करनी चाहिए ताकि स्कूलों का प्रांगण और शौचालय पूरी तरह साफ हों।

इन स्कूलों में नहीं है स्वीपर : भेरियां, चंद्रभानपुर, कैंथला, बकाना शाहाबाद, उदारसी, लाडवा, छैलों, झांसा, रावल खेड़ी, सूरा, सलपानी कलां, बड़ोंदी, रामपुरा, गिरधारपुर, अढ़ोनी, अहमदपुर, धीरपुर, सारसा, हबाना, घिसरपड़ी, गोबिंदगढ़, दीवाना, खिड़की वीरान, भट्टमाजरा, भटेड़ी, मुकीमपुरा, सरस्वती खेड़ा, अरनैचा, ठसका मीरांजी, अजमतपुर, किला फार्म, नैसी, गलेडवा, मांडी, बरगट जाटान, बुहावा, दयालपुर, हलालपुर, बांगड़ो और आलमपुर सहित सैकड़ों प्राथमिक स्कूल शामिल हैं।

राजकीय प्राथमिक स्कूल बांगड़ो में नहीं है सफाई कर्मचारी।

आला अधिकारियों के स्तर का है मामला : सतनाम भट्टी

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतनाम भट्टी ने कहा कि प्राथमिक स्कूलों में पार्ट टाइम स्वीपर ही लग सकते हैं, लेकिन कई पार्ट टाइम स्वीपर नियमित होने से हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चले गए। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में सफाईकर्मी नियुक्त करने का मामला आला अधिकारियों के स्तर का है। भट्टी ने कहा कि सफाई कर्मी की व्यवस्था गांव की पंचायत से करवाने का प्रयास किया जाता है।

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