अंहकार और प्यार एक-दूसरे के शत्रु : स्वामी ज्ञानानंद

Kurukshetra News - कुरुक्षेत्र| गीता ज्ञान संस्थानम में कृष्ण कृपा पर जिओ परिवार द्वारा आयोजित सत्संग के तीसरे दिन व्यास पीठ से...

Dec 07, 2019, 08:15 AM IST
Kurukshetra News - haryana news ego and love are enemies of each other swami gyananand
कुरुक्षेत्र| गीता ज्ञान संस्थानम में कृष्ण कृपा पर जिओ परिवार द्वारा आयोजित सत्संग के तीसरे दिन व्यास पीठ से बोलते हुए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि अंहकार और प्यार एक-दूसरे के शत्रु हैं। दोनों कभी इक्टठे नहीं रह सकते। जिस प्रकार बांसुरी खोखली होकर कन्हैया की ध्वनि बन जाती है, इसी प्रकार अपने-आपको खाली करके ही भगवत प्राप्ति हो सकती है। वृंदावन में बांसुरी की तान और कुरुक्षेत्र में गीता का ज्ञान दोनों एक-दूसरे के सामंजस्य है और यह सब भगवान की ही लीला है। गीता एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिसकी जयंती मनाई जाती है। गीता में मानव की हर समस्या का समाधान है। तनाव दूर होने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है, उन्होंने कहा कि भगवत गीता जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं अपने मुख से गाया, आज पूरे विश्व में पूजनीय है, विदेशों में गीता पर शोध किए जा रहे हैं। स्कूलों के पाठयक्रम में गीता को शामिल करने से इससे बच्चों में संस्कार आएंगे। सत्संग में महावीर शर्मा ने राधा-कृष्ण के भाव भरे भजन सुनाए। तू चाहिए तेरा प्यार चाहिए के भजन पर श्रद्घालु खूब झूमे।

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