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पेपर शुरू होते ही मोबाइल पर आ जाता है हर काेड, फिर नकल कराने की तैयारी
हरियाणा बोर्ड की 12वीं की परीक्षा मजाक बनकर रह गई है। शुक्रवार को सबसे आसान माना जाने वाला सब्जेक्ट फिजिकल एजुकेशन का पेपर था, लेकिन पेपर शुरू होने के कुछ देर बाद ही पेपर के चारों कोड सेंटर के बाहर खड़े नकल फेंकने वालों के मोबाइल में पहुंच गए। इसके बाद पेपर में प्रश्न देख कर किताब से पर्चियां परिक्षार्थियों तक पहुंचना शुरू हो गई। वहीं, जिले में कुल 23 केस नकल के पकड़े गए। इनमें सोनीपत में 13, गन्नौर में 1, गोहाना में 5, खरखौदा में 4 केस बने हैं। एसडीएम गोहाना के उडऩदस्ते द्वारा बाहरी हस्तक्षेप एवं परीक्षा की पवित्रता भंग होने के कारण परीक्षा केंद्र रिंढाना को 14 मार्च की परीक्षा के बाद परीक्षा केन्द्र मंडी गोहाना-13 पर शिफ्ट कर दिया गया है।
गन्नौर क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने को लेकर पुलिस कर्मी हर सेंटर पर तैनात है, लेकिन नकल फेंकने वालों के सामने बेबस नजर आ रहे है या कहे कि सिर्फ डराने का ड्रामा करते है। फिजिकल एजुकेशन के पेपर में भास्कर टीम ने घसौली के सेंटर पर पेपर स्टार्ट होने से 5 मिनट पहले पहुंची। दीवार से देख रहे थे कि एक व्यक्ति आकर बोला कि अभी पेपर नहीं बंटा, 10 मिनट बाद पेपर बाहर आ जाएगा। आखिर पेपर किस तरह बाहर आता है ये जानने की कोसिस की गई तो पेपर में ड्यूटी दे िशक्षकों के साथ मिलीभगत कर पेपर बाहर आ जाता है
12वीं की परीक्षा बनी मजाक, जिले में नकल के 23 केस पकड़े गए
सीधी बात कुलदीप दाहिया, जिला शिक्षा अधिकारी**
अभिभावक से बातचीत के अंश
रिपोर्टरः कोई बालक है कि क्या अपना जो पेपर दे रहा है।
अभिभावकः हां, लड़की है, उसके पेपर चल रहे हैं।
रिपोर्टरः सेंटर पर पेपर तो ठीक हो रहे होंगे इबकै नै।
अभिभावकः बहुत बढ़िया हो रहे है, बेचारे मास्टर भी ठीक सै, चपड़ासी भी, पुलिस भी कुछ नहीं कहती।
रिपोर्टरः फिर तो सब बालक पास हो ज्यागें इकै न।
अभिभावकः इब तक सारे पेपर बढ़िया हौगे, इब फलाइंग है, उसके जाने के बाद पेपर अच्छा हो ज्याएगा।
चतुर्थ श्रेणी कर्मी महिला से बातचीत
रिपोर्टरः पेपर चालू नहीं हुआ कै
महिला कर्मीः होरया है जी।
रिपोर्टरः नकल क्यूकर गेरै एक बालक था म्हारा, दूसरे नंबर के कमरे में है।
महिला कर्मीः दो नंबर के कमरे में बैठा है, कै नाम सै कोड पूछना है कै
रिपोर्टरः संदीप नाम है कोड तो पूछना है पेपर भी चाहिए था।
महिला कर्मीः फोन दे सके तौ दे...दो कोड तो इब फोन में खिंच कै ले आई डर सा लाग्यो ज्या सै। संदीप का कोड पूछ कर लेकर आना है कै पेपर
रिपोर्टरः ए कोड का पेपर चाहिए था।
महिला कर्मीः ठीक है, मास्टर तै पूछ लू... शायद ए कोड तो बाहर अभी भेजा था। ना ये सी व डी कोड भेजे हैं अभी
चतुर्थ श्रेणी कर्मी व पेपर दिलवाने आए अभिभावक से बातचीत
Q. आखिर क्या कारण है जो नकल रूक नहीं पा रही है?
जवाब : सबसे बड़ा कारण बाहरी दखल का है। धारा 144 के बाद भी युवाओं का हुजूम आता है। पुलिस के तमाम प्रयास के बाद भी वे नकल अंदर भेजने की कोशिश करते हैं।
Q. लगातार पेपर आउट होने की सूचनाएं बाहर आ रही हैं, उन्हें कैसे रोका जाएगा?
जवाब : सभी केन्द्र अधीक्षकों को आज ही नोटिस जारी किया गया है कि कि केन्द्र में मोबाइल का प्रवेश नहीं होने पाए।
Q. शिक्षा विभाग की ओर से ऐसे लाेगों पर क्या कार्रवाई की गई है जिनकी लापरवाही सामने आ रही है?
जवाब : एक जेबीटी टीचर को निलंबित किया गया है, इसके अतिरिक्त हर दिन जहां नकल के मामले होते हैं वहां लापरवाह को तुरंत रिलीव कर दिया जाता है।
Q. आगे नकल नहीं हो इसे लेकर विभाग की ओर से क्या तैयारी है?
जवाब : सभी कर्मियों को चेतावनी की गई हैं, औचक निरीक्षण बढ़ाए जा रहे हैं। स्टाफ की ड्यूटी को बढ़ाया गया है। नकल को लेकर समाजसेवी संगठनों को आगे आना होगा, वे केन्द्रों के बाहर जिम्मेदारी संभाले, क्योंकि नकल से पास होने वाला विद्यार्थी समाज को सही दिशा नहीं दे सकता।
गन्नौर. घसौली में मोबाइल में पेपर आने के बाद उत्तर देखते युवा।