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गाेशाला में क्षमता से अधिक गाेवंश सुविधाएं नहीं, सरकार से मांगी मदद
गाेशाला में गाेवंश के लिए चारा व उनके बेहतर इलाज तथा रहने के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने बारे गांव बात्ता की आदर्श गाेशाला में जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता बात्ता गौशाला प्रबंधक महंत मूर्ति पुरी ने की। बैठक में ढांड, सीवन, करोडा, पाई,गोपाल गाेशाला कैथल, पाढला गाेशाला प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में गाेशाला में गाेवंश की बढ़ती तादाद और चारे की कमी व बेहतर संसाधनों की कमी के चलते गहन विचार-विमर्श किया गया। महंत मूर्ति पुरी ने कहा कि अक्सर पशु पालकों द्वारा गायों को दूध पीने के बाद आवारा छोड़ दिया जाता है तथा उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए गौ भक्तों द्वारा गाेवंश को गाेशाला में लाया जाता है। जिले की लगभग सभी गाेशाला में क्षमता से अधिक गाय रखी जा रही हैं। गाेशाला में गाेवंश ज्यादा होने से गाेशाला के चारा गोदाम खाली पड़े हैं। अगर सरकार वक्त रहते पैसा दे देती तो सीजन में ही चारा स्टोर कर लिया जाता। उन्होंने कहा कि अधिकतर गाेशालाओं में जगह की कमी की वजह से सीजन में चारा स्टोर नहीं हो पाता। इस दौरान गाेवंश के रखरखाव व देखभाल के लिए गांव बात्ता के ग्रामीणों की 13 सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया। इस अवसर पर बात्ता सरपंच पवन शर्मा, पंच प्रेम सिंह, बैशाखी राम, दिलबाग, सीता राम, डाॅ. शमशेर, आनंद शर्मा, मंगत राम, नरेंद्र फौजी, राजेश शर्मा, लाजा राम, राम दास आदि मौजूद रहे।
सरकार से की गई मांगें
गायों की बढ़ती तादाद के कारण प्रबंधन के लिए गौशाला के खर्चे चलाना मुश्किल हो गया है। गायों के सामने चारे के संकट से गौशाला प्रबंधन परेशान है कि उन्हें चारा खिलाएं क्योंकि उनके पास बजट है ही नहीं। उन्होंने सरकार से 2 रुपए प्रतिदिन प्रति गाय अनुदान राशि, गौवंश की मृत्यु के पश्चात अ अंतिम संस्कार के लिए जमीन उपलब्ध करवाने, जमीन की बुआई के लिए लोडर, चारा काटने की मशीन, रेपर व अन्य यंत्र के साथ साथ गर्मी व सर्दी के मौसम में गाय को परेशानी न हो इसके लिए व चारा स्टोर करने के लिए शैड की व्यवस्था करने आदि की मांग की।
कलायत| गांव बात्ता की गौशाला में मौजूद गौशाला प्रतिनिधि|