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राज्यपाल डॉ. देवव्रत बोले-34 साल गुरुकुल में शिक्षक रहा और आज भी शिक्षक बन प्राकृतिक खेती के बारे में बता रहा हूं
गुजरात के राज्यपाल व गुरुकुल के संरक्षक डॉ. देवव्रत आचार्य ने गुरुवार को शिक्षक बनकर हरियाणा सीएम मनोहर लाल, मंत्रियों, विधायकों व अधिकारियों को प्राकृतिक खेती का पाठ पढ़ाया। डॉ. देवव्रत ने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने वाली, लागत कम करने वाली, खाद्य पदार्थों को जहर मुक्त बनाने वाली और पानी, पर्यावरण व मिट्टी को बचाने वाली है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि वे 34 साल तक गुरुकुल में शिक्षक रहे हैं और आज भी शिक्षक बनकर प्राकृतिक खेती के बारे में बता रहे हैं। डॉ. देवव्रत ने बताया कि प्राकृतिक खेती के लिए देसी गाय सबसे जरूरी है क्योंकि शोध में पाया गया है कि देसी गाय के गोबर व मूत्र में ही सबसे अधिक जीवाणु होते हैं। भैंस, बैल और विदेशी गायों के गोबर व मूत्र में लाखों की संख्या में जीवाणु हैं जबकि देसी गाय के गोबर व मूत्र में इनकी संख्या करोड़ों में है।
विधायक के आलुओं में 10 दिन में पटाखे बज जाएंगे गुरुकुल वालों में नहीं| राज्यपाल डॉ. देवव्रत ने कहा कि यमुनानगर विधायक घनश्याम दास बड़े किसान हैं। वे रसायनिक खेती से आलू उगाते हैं तो 10 दिन आलू बाहर रह जाएं तो उनमें पटाखे बज जाते हैं और खराब हो जाते हैं। वहीं गुरुकुल कुरुक्षेत्र प्राकृतिक तरीके से आलू उगा रहा है। यह सब बिना खाद व दवा के की जा रही प्राकृतिक खेती का कमाल है।
सीएम बोले-देसी गायों को पालने वालों को पैसे देने की बनाएंगे नीति | सीएम मनोहर लाल ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने से देसी गाय भी बचेंगी।
सरकार की पाठशाला में सीएम समेत पहुंचे चार मंत्री, 16 विधायक और पूर्व विधायक
कुरुक्षेत्र | गुरुवार को गुरुकुल में प्राकृतिक खेती पर वर्कशाप भी हुई जिसमें सीएम समेत प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों व विधायकों के शामिल होने के दावे थे। लेकिन प्राकृतिक खेती की इस पाठशाला में सीएम मनोहरलाल तो पहुंचे, लेकिन मंत्री तीन ही शामिल हुए। वहीं विधायकों में भी अधिकांश नहीं पहुंचे। भाजपा के 16 मौजूदा व पूर्व पार्षद ही शामिल हुए। उनके साथ कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, महानिदेशक विजय दहिया, डीसी धीरेन्द्र खड़गटा, एसपी आस्था मोदी, जिप चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी, धर्मबीर मिर्जापुर, रविंद्र सांगवान, सुशील राणा, राहुल राणा, एडीसी वीना हुड्डा, एसडीएम अश्विनी मलिक, डाॅ. किरण सिंह, सीटीएम सतबीर कुंडू, कृषि विभाग के उपनिदेशक डाॅ. प्रदीप मिल, एसडीओ जितेन्द्र मेहता, धर्मबीर डागर व विनित कवातरा समेत कई भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी साथ रहे।
मंत्री विधायकों ने चखे बेर | मुख्यमंत्री मनोहर लाल, मंत्री और विधायक वर्कशाप के बाद मिर्जापुर के निकट गुरुकुल के फार्म हाउस देखने पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती से पैदा किए गए बेर का स्वाद भी चखा। बोले बेर का स्वाद लाजवाब है।
राज्यपाल ने भेंट में दी सब्जियां| आचार्य डाॅ. देवव्रत ने गुरुकुल प्राकृतिक कृषि फार्म हाउस की हरि सब्जियां व फल भी मेहमानों को भेंट किए। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती के अनुभवों को साझा करे।
गुरुकुल में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से पदमश्री सुभाष पालेकर कृषि कार्यशाला का उद् घाटन
} खेती के लिए ऐसे तैयार करें जीवामृत
डॉ. देवव्रत ने बताया कि प्राकृतिक खेती के लिए जीवामृत तैयार करने के लिए देसी गाय का पूरे दिन का गोबर व गोमूत्र इकट्ठा करके 200 लीटर के ड्रम में डाल दें। इसके साथ ही उसमें दो किलो चने का आटा और एक किलो बड़े पेड़ के नीचे की मिट्टी डाल दें। इसे डंडे से दिन में दो बार घुमाएं। जब खेतों में पानी दें तो पानी के बहाव के साथ ही इस ड्रम में टूंटी लगाकर तैयार जीवामृत को खेतों में दें। इससे खेतों में करोड़ों की संख्या में मित्र कीट पैदा होंगे और जमीन के नीचे चला गया केंचुआ भी खेतों में आकर किसानों की मदद करना शुरू कर देगा। डॉ. देवव्रत ने बताया कि बड़े पेड़ के नीचे की मिट्टी इसलिए ली जाती है।
} कार्यक्रम में नहीं पहुंचे कई मंत्री-कई विधायक
कार्यक्रम में सभी मंत्रियों व विधायकों को आमंत्रित किया गया था। सरकार की तरफ से ही न्याेता था लेकिन सीएम मनोहरलाल के अलावा बिजली मंत्री रणजीत चौटाला, कृषि मंत्री जेपी दलाल, खेलमंत्री व पिहोवा से विधायक संदीप सिंह ही पहुंचे। विस अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, विधायक सुभाष सुधा, लीलाराम गुर्जर, घनश्यामदास अरोड़ा, हरविंद्र कल्याण, महिपाल ढांडा, जजपा की तरफ से विधायक रामकरण काला, डाॅ. कृष्णचंद्र मिड्ढा, विनोद भ्याना, पूर्व मंत्रियों में देवेंद्र शर्मा व पूर्व विधायक डाॅ. पवन सैनी ही शामिल हुए। खेलमंत्री संदीप सिंह भी कुछ ही देर के लिए पहुंच सके। परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा का प्रोग्राम भी ऐन मौके पर टल गया।
} जजपा व कांग्रेस के विधायकों की भी रही दूरी
कार्यक्रम में जजपा व कांग्रेस के विधायकों को भी बुलाया गया था लेकिन रामकरण काला को छोड़कर जहां जजपा के अन्य विधायक नहीं आए। वहीं कांग्रेसी विधायक भी नहीं पहुंचे। लाडवा से कांग्रेस विधायक चौ. मेवा सिंह का कहना है कि उन्हें सरकार की तरफ से न्याेता मिला था। लेकिन कुछ शादी समारोह में व्यस्त रहने के चलते वे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
}प्राकृतिक खेती से उगाई फसलों को सीएम को दिखाते राज्यपाल
प्राकृतिक खेती से उगाई सब्जी को उठाकर देखते सीएम मनोहर लाल, साथ में मौजूद राज्यपाल व अन्य।