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20 एमएम बारिश के साथ ओलावृष्टि से लुढ़का तापमान, गेहूं व सब्जियों की फसलों को नुकसान

एक वर्ष पहले
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सेल्युलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उप महानिदेशक कर्नल (सेवानिवृत्त) विक्रम तेवतिया ने कहा कि भारत 5 जी सेवाओं के लिए तैयार है। इसके आने से पुलिसिंग के साथ कृषि, स्वास्थ्य, उद्योग, शिक्षा, व्यापार और चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उन्नति देखने को मिलेगी। देश में बेहतर डिजिटल नेटवर्क होने से पुलिसिंग में मदद मिलेगी, पुलिसकर्मी अपने रिस्पांस टाइम को कम करके नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने में सक्षम बनेंगे। विक्रम तेवतिया शुक्रवार की देर शाम हरियाणा पुलिस अकादमी के हर्षवर्धन सभागार में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि बोल रहे थे।

उप महानिदेशक कर्नल विक्रम तेवतिया ने कहा कि भारत में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बहुत अच्छे नियम और कानून बनाए गए हैं। जांच एजेंसियों को देशहित और अपराध को रोकने के लिए जहां सेलफोन और डिजिटल सूचना क्षेत्र में सुलभ सुविधा दी गई हैं। वहीं नागरिक की निजता और उसके हितों का संरक्षण भी इन नियमों में सुनिश्चित किया गया है।

जिंदगी बहुत कीमती है,इसे पूरी तरह जिएं

य दि आपके आसपास कोई बच्चा अवसाद ग्रस्त हो और आप उसे प्रेरित करना चाहते हैं, तो आप उसे वियतनाम के 10 वर्षीय डांग वान ख्यूएन की कहानी सुना सकते हैं, जो अब तक की सबसे अच्छी कहानी है।

दो साल पहले 15 नवंबर को डांग उत्तरी तुयेन क्वांग प्रोविंस स्थित अपने स्कूल में पढ़ रहा था, तभी उसके चाचा दौड़ते हुए कक्षा में आए और बताया कि उसके पिता का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया है। डांग कांपने लगा और अपने आंसू रोक लिए। सिर झुकाए उसने शिक्षक से तीन दिन की छुट्टी मांगी। फिर उसने अपनी पुरानी साइकिल से तीन किलोमीटर तक का पहाड़ी रास्ता पार किया। घर पर उसके चाचा और पड़ोसियों ने उसके पिता की फोटो ढूंढने में मदद की।

कुछ लोगों का कहना है कि कम उम्र में ही उसकी मां की मृत्यु हो गई थी, जबकि कुछ का कहना है कि उसकी मां ने पिता से अलग होने के बाद दोबारा शादी कर ली थी और उनके गांव से 60 किलोमीटर दूर चली गई थी। इसलिए उसे अपनी दादी के साथ रहना पड़ा, जबकि उसके पिता शहर में दूर मजदूरी करने जाते थे। गांव से दूर काम करते हुए उन्हें पांच साल हो गए थे। डांग अपनी जरूरतों के लिए आर्थिक रूप से अपने पिता पर और दैनिक भोजन के लिए दादी पर निर्भर था। कुछ समय बाद उसकी दादी का निधन हो गया। उसकी देखभाल करने के लिए कोई नहीं होने से वह घर में अकेला रह गया। पिता के निधन की खबर ने उसे पूरी तरह अकेला कर दिया। वह अपने चाचाओं को परेशान नहीं करना चाहता था, क्योंकि वे भी गरीब ही थे। ऐसे में शहर से शव लाने और अंतिम संस्कार के लिए उसके शिक्षकों ने पैसे इकट्‌ठा किए थे। दादी व पिता की मृत्यु के बाद उसने जल्द ही सभी काम खुद करना सीख लिया था।

रोजाना सुबह पांच बजे उठकर वह पिता की तस्वीर देखता है, कंबल और चटाई तह करके कोने में रख देता है। उसके घर में इसके अलावा और कुछ नहीं है। छत और फर्श में छेद हैं। उसकी संपत्ति में कुछ बर्तन, टोकरी और अन्य लोगों द्वारा हाल में दिए गए कटोरे शामिल हैं। पैसे कमाने के लिए फावड़ा लेकर वह पांच किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर जाता है। वहां कसावा की जड़ें खोदता है और उसे बेचता है। अपने में रहना और स्वयं के खाने के लिए सब्जियां उगाना, यह समय के साथ उसकी आदत बन गई है। वह आसपास उपलब्ध खेतों में काम करता है, भोजन के लिए सब्जियां उगाता है और खाने की अन्य चीजें खोजता है। ऐसा कई बार होता है जब ठंडी, तूफानी हवाएं उसके छोटे से घर की दीवारों से टकराती हैं और रात हो या दिन, वह अपनी चटाई पर पड़ा कांपता रहता है। डांग को पड़ोसी, परिचितों और अजनबियों से भी उसे गोद लेने के प्रस्ताव आ चुके हैं, लेकिन वो हमेशा इनकार कर देता है।

डांग के शिक्षक ने सोशल मीडिया पर उसकी कहानी और वीडियो को शेयर किया जो वायरल हो गया। इससे दुनियाभर के लोगों का ध्यान उसकी ओर आकर्षित हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद से कई लोगों ने उसे आर्थिक मदद और वस्तुएं उसे भेजी हैं। उसने यह दान स्वीकार कर लिया, लेकिन गोद लिए जाने प्रस्ताव को इनकार कर दिया। उसे लगता है कि वह स्वयं अपनी देखभाल करने में सक्षम है। इस तरह जीना वाकई में कठिन है, लेकिन डांग इसका आदी हो चुका है। अच्छी बात यह है कि इतना कठिन जीवन जीने के बावजूद उसने एक भी दिन स्कूल मिस नहीं किया। वह रोजाना जल्दी उठकर अपने काम निपटाता है, फिर साइकिल से स्कूल जाता है। घर लौटकर रोजमर्रा के काम करता है। इतनी कम उम्र में ही डांग काफी जिम्मेदार बन गया है।

फंडा यह है कि डांग जानता है कि जिंदगी बहुत कीमती है और इसमें उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। इन सबसे लड़ना और जिंदगी पूरी तरह से जीना एक अच्छे इंसान की निशानी है।

बारिश से नगरपालिका की व्यवस्थाओं की खुली पोल

महज कुछ घंटे हुई बारिश ने नगरपालिका की पोल खोल दी है। सड़कें, बाजार, रेलवे अंडरपास, नई अनाज मंडी व अन्य स्थानों पर पानी भर गया। नालियों का कचरा सड़कों पर पसर जाने से आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तकिया मार्केट व एसडी मंदिर चौक के पास पानी भरने से दुकानदारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

किसानों पर मौसम की मार

भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष सेवा सिंह आर्य का कहना है कि किसानों पर मौसम की मार पड़ी है। नुकसान बढ़ता जा रहा है। सब्जियां तो पूरी तरह से खराब ही होने की कगार पर है। ओला पड़ेगा तो गेहूं का 30 से 35 प्रतिशत नुकसान होने की आशंका है। सरकार को गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा देना चाहिए।

तेज बारिश से घरौंडा शहर में भरा पानी, बिजली बाधित

घरौंडा | शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवा व बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई। जिससे न सिर्फ जन-जीवन प्रभावित हुआ है, बल्कि मौसम साफ न होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। इसके अतिरिक्त खेतों में काटकर रखी गई सरसों की फसल के बारिश से सड़ने का खतरा मंडराने लगा है। तेज हवा के साथ हुई बारिश से गेहूं समेत अन्य फसलें जमीन पर गिर गई।

बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और सर्दी बढ़ गई है। मौसम की मार से जिले के किसान उभर नहीं पा रहे हैं। पिछले दिनों तेज हवा के साथ हुई भारी बारिश ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। बारिश के कारण बिजली सप्लाई बाधित रही।

जल्द ही तरावड़ी में विकास की गति तेज होगी : गोंदर

तरावड़ी | विधायक धर्मपाल गोंदर शनिवार को तरावड़ी पहुंचे और पैदल चलते शहर के करनाली गेट बाजार के प्रत्येक दुकान पर जाकर हालचाल पूछा। इसके बाद उनका बाजार के प्रधान सतीश गुलाटी की दुकान पर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने जल्द ही तरावड़ी में विकास की गति तेज होने वाली है, क्योंकि तरावड़ी के विकास के लिए जो फाईलें चंडीगढ़ भेजी है वह आखिरी पड़ाव पर है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साफ कहा है कि विधायक अपने क्षेत्र के विकास की फाइल लेकर आएं और जितनी जरूरत है उतना फंड लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें विधायक बनाया है और वह जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं। उन्होंने कहा कि शहर के किसी भी व्यक्ति को किसी भी तरह की परेशानी या समस्या हो तो वह आधी रात को भी उनका दरवाजा खटखटा सकते हैं। इस अवसर पर अमित बंसल, रमेश कादयान, राजू गुलाटी, दिलप्रीत चहल, हंस राज कालड़ा, सुमित गोयल, कुलदीप गुलाटी, यशपाल गुलाटी, संजीव रहेजा, नरेश छाबड़ा, नरेश जुनेजा व मनित वधवा उपस्थित रहे।

संदिग्ध हालात में लालुपुरा गांव से बुजुर्ग लापता, मामला दर्ज

घरौंडा | लालुपुरा गांव से एक बुजुर्ग व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजनाें ने बुजुर्ग की हर जगह तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। परिजनों ने बुजुर्ग के गायब होने की शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गांव लालुपुरा का रहने वाला प्रेम सिंह (65 वर्ष) पुत्र बारूराम बीती 26 फरवरी की सुबह करनाल जाने के लिए निकला था, लेकिन देर शाम तक वह वापस नहीं लौटा। जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने आसपास के क्षेत्र व रिश्तेदारियों में कई सप्ताह तक तलाश की लेकिन कहीं पर कोई भी सुराग नहीं लगा। अंत में परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने अजीत सिंह की शिकायत पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी सतबीर सिंह ने बताया कि परिजनों ने प्रेम सिंह के गायब होने की शिकायत दी थी। जिसके आधार पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।

जेल की कैंटीन में टोकन की व्यवस्था की जाए : जगदीप

करनाल | जिला एवं सत्र न्यायधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीप जैन ने शुक्रवार शाम को जिला कारागार करनाल का औचक निरीक्षण किया। सैशन जज ने हर बैरक में जाकर कैदियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। कारागार में बंद कैदियों की मुख्य समस्या फोन नंबर चालू न होना थी। जिस पर सेशन जज ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द कैदियों की समस्याओं का समाधान किया जाए।

एक अन्य निर्देश में सेशन जज ने जेल प्रशासन को कहा कि जेल में स्थित कैंटीन में टोकन की व्यवस्था की जाए, ताकि लंबी लाइन न लगे। इस दौरान उनके साथ एडीजे आरएस मेहता, एडीजे सौरभ गोसांई, एडीजे विवेक सिंगल, एडीजे अक्षदीप महाजन, एसीजेएम हरीश गोयल, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम अमित शर्मा, सीजेएम सुकृति, जेएमआईसी मुकेश कुमार, जेएमआईसी अक्षय चौधरी तथा जेएमआईसी हरलीन पाल मौजूद रहे।

डिजिटल सुविधा से अपराध रोक सकेगी पुलिस

राजकीय कॉलेज मंे वाईफाई कैंपस न होने से एक साल से शिक्षा सेतु एप नहीं हो पाया शुरू

एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु [raghu@dbcorp.in]

25 हजार रुपए प्रति एकड़ दिया जाए किसानों काे मुआवजा : गोगी


किसानों ने बरसात में खराब हुई फसलों का मांगा मुआवजा

भास्कर न्यूज | करनाल

राजकीय कॉलेज में पिछले एक साल से शिक्षा सेतु एप की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन अभी तक विद्यार्थियों को ऑनलाइन हाजिरी, क्लास, लर्निंग पीरियड, छात्रवृत्ति, सेमेस्टर एग्जाम, नोटिस, रिजल्ट, सिलेबस कॉलेज में किसी भी प्रकार की एक्टिविटी की ऑनलाइन सुविधाएं प्राप्त नहीं हुई है। जिसका मुख्य कारण राजकीय कॉलेज पूरी तरह से वाईफाई कैंपस न हो पाना है। इंटरनेट के बिना विद्यार्थियों ने शिक्षा सेतु एप को डाउनलोड नहीं किया है।

कॉलेजों में विद्यार्थियों की उपस्थित है या नहीं अभी अभिभावकों को नहीं पता चल पाता है। जबकि राजकीय कॉलेजों द्वारा विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं की पूरी रिपोर्ट उच्चतर शिक्षा विभाग के पास जा चुकी है। जिसके अनुसार कुछ माह पहले ही राजकीय कॉलेजों को उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से ग्रेड दिए गए थे। लेकिन अभी तक विभाग की ओर से पुराने शहर के राजकीय कॉलेजों को वाईफाई कैंपस नहीं किए गए है। अभी जिले में नए राजकीय महिला कॉलेजों के निर्माण कार्य चल रहे है जहां बिल्डिंग के निर्माण कार्य के बाद ही वाई-फाई कैंप हो पाएंगे।

शिक्षा सेतु एप से ये मिलेगी सुविधा : इस एप से शिक्षक व छात्रों के बीच तालमेल बनेगा। रोज छात्रों की हाजिरी के साथ इसमें पूरा रिकार्ड भी होगा। एप के माध्यम से नोटिस, फीस, स्कॉलरशिप, लर्निंग मैनेजमेंट संबंधी जानकारी, एनओसी असाइनमेंट, चैट रूम, छुट्टी की अर्जी के विकल्प आदि रहेंगे। छात्र अपना पूरा ब्यौरा इस पर प्राप्त कर सकेंगे।

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पानीपत, रविवार 15 मार्च, 2020

5जी आने से पुलिसिंग के साथ कृषि, स्वास्थ्य, उद्योग, शिक्षा में देखने को मिलेगी महत्वपूर्ण उन्नति

फर्जी आईडी पर सिम लेने पर लगी रोक

तेवतिया ने बताया कि आधार वेरीफिकेशन से सही व्यक्ति को ही सिम देने में मदद मिलती थी। दूरसंचार कंपनियों ने अब डिजिटल केवाईसी आरंभ की है जिससे भी सिम के अन्य व्यक्ति के हाथ में जाने से रोक लगी है। उपभोक्ता का गतिशील फोटो लिया जाता है जिसमें उसकी लोकेशन जहां पर सिम लिया गया है वहां आता है।

मोबाइल गुम होने पर सिम काे करवाएं तुरंत बंद

विक्रम तेवतिया ने कहा कि किसी भी विकट परिस्थिति में, जनहित को ध्यान में रखते हुए राज्य या केंद्र के गृह सचिव के आदेश पर दूरसंचार सेवाएं अस्थाई निलंबन नियम 2017 के तहत दूरसंचार सेवाओं को अस्थाई तौर पर बंद किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत अपने सिम को बंद कराएं। ऐसे उपभोक्ताओं की मदद के लिए केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीईआईआर) डिजिटल रूप से तैयार किया गया है। इस पर ऑनलाइन अपने गुम हुए मोबाइल फोन का आईईएमआई नंबर जरूर दर्ज कराएं। इससे गुम हुए फोन को किसी भी नेटवर्क में उपयोग नहीं किया जा सकेगा। अकादमी निदेशक योगिंद्र सिंह नेहरा ने कर्नल तेवतिया से परिचय कराया। इस अवसर पर अकादमी की डीएसपी लक्ष्मी देवी भी उपस्थित रहीं।

घरौंडा. हरियाणा पुलिस अकादमी के हर्षवर्धन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जानकारी देते हुए सेल्युलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उप महानिदेशक कर्नल (सेवानिवृत्त) विक्रम तेवतिया।

पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण कार्यक्रम में सेवानिवृत्त उप महानिदेशक कर्नल तेवतिया बोले-

करनाल. जिला कारागार में औचक निरीक्षण करते जज जगदीप जैन।

एप डाउनलोड करवाया जा रहा है : डॉ. रेखा

शिक्षा सेतु एप की शुरआत कॉलेज के वाई-फाई कैंपस न होने के कारण अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। शिक्षा सेतु एप विद्यार्थियों को डाउनलोड करवाई जा रही है। वाई-फाई कैंपस होने के बाद ही शिक्षा सेतु एप को पूरी तरह से शुरू किया जा सकेगा।
-डॉ. रेखा शर्मा, प्रिं. पंडित चिरंजीलाल शर्मा महाविद्यालय, करनाल।

करनाल. शिक्षा सेतु एप।

 मैनेजमेंट फंडा एन. रघुरामन की आवाज में मोबाइल पर सुनने के लिए 9190000071 पर मिस्ड कॉल करें।


मैनेजमेंट फंडा**

असंध | उपमंडल में पिछले कई दिनों से हो रही बेमाैसमी बरसात ने गेहूं की फसल का सबसे ज्यादा नुकसान किया है। शनिवार को बरसात के साथ हुई ओलावृष्टि के कारण फसल को अाैर ज्यादा नुकसान पहुंचा है।

ओले से खराब हुई फसल का मुआयना करने के लिए असंध विधायक शमशेर सिंह गोगी ने हलके के कई गांवों का दौरा किया। इसके बाद असंध कार्यालय में पत्रकारवार्ता के दौरान गोगी ने कहा कि बेमौसमी बरसात के कारण कई जगह किसानों की गेहूं की फसल लगभग खत्म हो गई है। गोगी ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल को तुरंत प्रभाव से सेटेलाइट और ड्रोन के माध्यम से खराब फसलों की जांच करवाकर 25 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देना चाहिए। इस दौरान उनके साथ सुनील कुमार, बलजौर सिंह, साहब सिंह, जितेंद्र चोपड़ा, पदम गुप्ता मौजूद रहे।

असंध. पत्रकारों को जानकारी देते कांग्रेस विधायक शमशेर सिंह।

घरौंडा में हुई बरसात के कारण मंडी में भरे पानी से गुजरते वाहन चालक।

बल्ला . बारिश के कारण गलियों में भरा पानी।

करनाल. दोपहर बाद हुई बरसात के कारण सेक्टर- 7 रोड पर भरे पानी से गुजरते वाहन चालक।

भास्कर न्यूज | करनाल/बल्ला

मौसम की अठखेलियों के दौरान शनिवार को दोपहर दो बजे के बाद काली घटाओं के बीच से बादल झमाझम बरसे। बारिश के साथ जिले में ओले भी पड़े। हालांकि शहर में ओले बहुत छोटे साइज में पड़े, जबकि ग्रामीण अंचल में नुकसानदायक साइज में पड़े। बारिश की मात्रा 20 एमएम रही। बारिश होने पर तापमान लुढ़क गया। अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के साथ ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार 15 मार्च को भी तेज हवाओं के साथ बारिश आने की संभावना है। बारिश से किसान चिंतित हैं। अगर और बारिश आती तो किसानों की फसलों के नुकसान में बढ़ोतरी होगी। डेढ़ घंटा झमाझम बरसे बादल, जलभराव की समस्या बनी

बल्ला क्षेत्र में शनिवार को हुई भारी बारिश से गलियों में हुए जलभराव से ग्रामीणों की दिनचर्या को नरक में तब्दील कर दिया। राहगीरों को चलने में घोर परेशानियों का सामना करना पड़ा। गलियों में शनिवार को लगभग डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश हुई। जिससे क्षेत्र में हुई बारिश से जहां पारा लुढ़क गया, वहीं कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। गांव में नया बस स्टैंड, शिव मंदिर चौक, स्टेडियम आदि इलाकों में नाली का पानी सड़कों पर बहने लगा। जहां बारिश से हुए सड़क पर जलजमाव एवं कीचड़ ने लोगों को सड़क पर चलना भी मुश्किल कर दिया है।

निसिंग. गुरुद्वारा रोड़ी साहिब में सरकार के खिलाफ रोष जताते किसान।

निसिंग | निसिंग के गुरुद्वारा रोड़ी साहिब में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के नेताओं व क्षेत्र के किसानों की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता खंड प्रधान कुलदीप सिंह बब्बर ने की। जिसमें मुख्य रूप से जिला प्रधान सुक्खा सिंह लागर पहुंचे।

कुलदीप सिंह बब्बर ने कहा कि भोले-भाले किसानों के ऊपर बीते कई दिनों से लगातार हुई बारिश के कारण आफत बरस गई है। जिससे उनकी मेहनत पर पूरी तरह से पानी फिर गया है। उनकी खेतों में खड़ी करीब 70 प्रतिशत फसलें नष्ट हो चुकी हैं। जिससे किसान मजबूर अाैर बेसहारा हो गया है। सरकार ने पहले भी कई बार फसल खराबे के मुआवजे देने के खोखले दावे किए थे। जिनमें से किसानों को आज तक तीन तीन वर्ष पूरी फसल खराबे का मुआवजा नहीं मिला है। यदि सरकार ने समय रहते किसानों को फसल खराबे का उचित मुआवजा नहीं दिया तो भाकियू को मजबूरन एक बड़ा आंदोलन करने के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस मौके पर प्रधान गुरदीप सिंह, सचिव जोगिंद्र सिंह चीमा, महिंद्र सिंह बदोरता, मलूक सिंह चीमा, लालसिंह, गुरदयाल लागर, अजीत सिंह, अमरीक सिंह लागर, कमलजीत बराड़, कंवल सिंह, गुरलाल बब्बर, कश्मीर सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कैदियों की सुनीं समस्याएं
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