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14 से सैनी धर्मशाला में शुरू होगा हरियाणा सृजन उत्सव
सैनी समाज भवन में देस हरियाणा एवं सत्य शोधक फाउंडेशन की ओर से चौथा 2 दिवसीय हरियाणा सृजन उत्सव 14 व 15 मार्च को होगा। प्रो. सुभाष चंद्र ने कहा कि मनुष्य एक बौद्धिक और सांस्कृतिक प्राणी है। बौद्धिकता जैविक गुण नहीं है वह अर्जित करना पड़ता है, जो इस तरह के उत्सवों से ही प्राप्त होता है। मनुष्य के बौद्धिक पक्ष को कुंद करके ही अमानवीय और असामाजिक शक्तियां उसकी मानवीय गरिमा पर कुठाराघात करती हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से लगातार हो रहे इस उत्सव में पंजाबी के महाकवि सुरजीत पातर, हिंदी आलोचक चौथीराम यादव, राजनीतिक विचारक योगेंद्र यादव, वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश, बॉलीवुड अभिनेता यशपाल शर्मा, हिंदी कथाकार असगर वजाहत, हिंदी गजलकार ज्ञानप्रकाश विवेक, मीडिया विश्लेषक अनिल चमड़िया, समीक्षक बजरंग बिहारी तिवारी, कवि व संपादक आलोक श्रीवास्तव, पूर्व आईएएस प्रदीप कासनी, मीडिया विशेषज्ञ डॉ. गुरमीत सिंह, रंग समीक्षक व रंगकर्मी दुष्यंत, हरविंद्र मलिक, र| कुमार सांभरिया, वरिष्ठ कवि मदन कश्यप, वरिष्ठ राजस्थानी कवि राम स्वरूप किसान, पंजाबी की कवयित्री नीतू अरोड़ा, लघु कथाकार अशोक भाटिया सहित देश-प्रदेश की प्रतिभाएं हिस्सा ले चुकी हैं। इस बार सृजन उत्सव से पहले 29 फरवरी व एक मार्च को यात्रा निकाली गई थी।
सांस्कृतिक संध्या में होगा नाटकों का मंचन| सांस्कृतिक संध्या में थिएटर आर्ट ग्रुप की ओर से प्रेमचंद की कहानी पर आधारित नाटक ईदगाह और रंगटोली नाटक मंडली हबीब तनवीर के नाटक चरणदास चोर का मंचन किया जाएगा। 15 मार्च को विश्वविद्यालय परिसरों का माहौल व शैक्षिक परिदृश्य विषय पर परिसंवाद होगा। जिसमें अलीगढ़ विश्वविद्यालय से प्रो. कमलानंद झा, जाकिर हुसैन कॉलेज दिल्ली से डॉ. लक्ष्मण यादव, एमडीयू से छात्र नेता अरविंद इंद्रजीत, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की छात्र नेत्री सुमन विचार रखेंगी। माैके पर डॉ. कृष्ण कुमार, बृजपाल, नरेश दहिया, प्रदीप स्वामी, योगेश शर्मा, सैनी सभा के प्रधान गुरनाम सैनी और करनैल सिंह सरपंच मौजूद रहे।
उद्घाटन समारोह में भारतीय संविधान पर होगी चर्चा
प्रो. सुभाष ने बताया कि दो दिन तक चलने वाले कार्यक्रम का शुभारंभ 14 मार्च को होगा। छत्तीसगढ़ के कानूनविद् कनक तिवारी भारतीय संविधान और हम भारत के लोग विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। इस मौके पर पूर्व सांसद गुरदयाल सैनी विशिष्ट अतिथि रहेंगे। 14 मार्च को गांधी, अंबेडकर व भगत सिंह के चिंतन की सांझी जमीन विषय पर परिसंवाद आयोजित किया जाएगा। जिसमें शहीद भगत सिंह के भांजे प्रो जगमोहन, दलित चिंतक सुभाष गाताड़े व वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत विचार व्यक्त करेंगे। डॉ. सुभाष चंद्र ने बताया कि गांधी, अंबेडकर और शहीद भगत सिंह की विचारधाराओं को एक दूसरे के विरोधी के रूप में पढ़ने-समझने का जमाना बीत गया है। डॉ. सुभाष ने बताया कि हरियाणा का बौद्धिक वर्ग अपनी परंपरा व सृजन के प्रति उदासीन रहता है। चाहे समाज में कुछ भी घटना घटित होती रहे लेकिन बौद्धिक प्रतिक्रिया बहुत कम देखने को मिलती है। हरियाणवी समाज व सृजन और बौद्धिक उदासीनता विषय पर परिसंवाद होगा। जिसमें समाजशास्त्री प्रो. टीआर कुंडू, उपन्यासकार अमित ओहलान व मीडिया विश्लेषक महेंद्र सिंह करेंगे। कवि व वैज्ञानिक गौहर रजा व जामिया मिलिया विश्वविद्यालय से रहमान मुसव्विर कविता पाठ करेंगे।