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137 बच्चों का स्वास्थ्य जांचा, 42 की नजर कमजोर, 55 को कान का व 40 को हड्डी रोग
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत बाल स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ डॉ. विजय दहिया सिविल सर्जन ने किया। शिविर का उद्देश्य जन्म से विकृत दोष वाले बच्चों, पौष्टिकता के अभाव से ग्रस्त बच्चों, जन्म से बीमार बच्चों व विकास में देरी एवं विकलांग बच्चों की जांच व उपचार शुरू करना रहा।
इस अवसर पर डॉ. दहिया ने कहा कि आरबीएस के कार्यक्रम के तहत बच्चों के रोगों को चार भागों में बांट कर उपचार किया जाता है। इनमें पहले स्थान पर जन्म से विकृत दोष जैसे न्यूरल ट्यूब विकृत्ति, डाउंस सिन्ड्रोम, होंठ या तालू का कटे होने पर, पैरों-टांगों में विकृति, कूल्हे का ठीक से विकास न होने पर, जन्मजात मोतियाबिंद, जन्म से बहरापन या हृदय रोग या दृष्टिपटल विकृति वाले बच्चे आते हैं। दूसरे स्थान पर पौष्टिकता का अभाव के अंतर्गत रक्तअल्पता, विटामिन-ए की कमी, विटामिन-डी की कमी, गंभीर कुपोषण तथा घेंघा से ग्रस्त बच्चे आते हैं। तीसरे स्थान पर बाल्यावस्था के रोग के अन्तर्गत त्वचा के रोग, दमा की शिकायत, दंत क्षय, मिर्गी अथवा ऐंठन विकार मिल हैं जबकि चौथे स्थान पर विकास संबंधी देरी एवं विकलांगता के अंतर्गत दृष्टि रोग, श्रवण रोग, हाथ-पैर चलाने में देरी, बोध ज्ञान में विलंब, देरी से बोलना, विद्यालय के छात्रों में नई चीजें सीखने की अक्षमता तथा व्यवहार को नियंत्रित करने में कठिनाई होने वाले बच्चे शामिल किए जाते हैं।
एमएस डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि इस कैंप के दौरान कुल 137 बच्चों की जांच की गई, जिनमें से नेत्र रोग से ग्रस्त 42 बच्चों की, श्रवण दोष से ग्रस्त 55 बच्चों की तथा 40 हड्डी रोग से ग्रस्त बच्चों की जांच की गई। इनमें से श्रवण दोष के 6 बच्चों को सर्जरी के लिए तथा 5 बच्चों को कान की मशीन देने के लिए चिन्हित किया गया। हड्डी रोग से ग्रस्त बच्चों में से सात बच्चों को सर्जरी व 28 दिव्यांग बच्चों को चिन्हित किया गया है तथा नेत्र रोग से ग्रस्त बच्चों में से 8 को सर्जरी व 3 को चश्मे देने के लिए। इस मौके पर अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे।
यमुनानगर| सिविल अस्पताल में लगे बाल स्वास्थ्य कैंप में बच्चों को फल वितरित करते डॉ. विजय दहिया।