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9 एमएम बारिश में ही शहर की कई सड़कों पर जलभराव, ओले पड़ने से सफीदों, जुलाना व उचाना क्षेत्र में फसलों को नुकसान
डिप्टी सीएम के आदेश के बाद भी शहर की सड़कों के नहीं सुधरे हालात
पिछले सप्ताह हुई बारिश से अभी शहर की सड़कों की हालत सुधरी भी नहीं थी कि बुधवार रात को हुई 9 एमएम बारिश से फिर से लोगों के लिए सड़कों से निकलना मुश्किल हो गया। बारिश के कारण शहर की खस्ताहाल सड़कों पर जलभराव हो गया। इसके कारण लोगों को पैदल निकलने में भी दिक्कत हो रही है। इसी तरह से बुधवार रात को सफीदों, जुलाना, उचाना क्षेत्र के गांवों में हुई ओलावृष्टि के कारण रबी की फसल गेहंू, सरसों को काफी नुकसान हुआ है। इससे किसान चिंतित है। इससे पहले भी हुई बारिश से जिले के कई गांवों के खेतों में जलभराव होने से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि सरकार ने जिले में अभी तक हुए नुकसान पर स्पेशल गिरदावरी के आदेश नहीं दिए हैं।
जिले में बुधवार रात को सफीदों क्षेत्र में सबसे अधिक 26 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि नरवाना क्षेत्र में इस दौरान 19 एमएम बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण शुक्रवार को भी जिले में बादल छाने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश के कारण शहर के बड़े बाईपास पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। अनूपगढ़ गांव के पास पुल के पास बाईपास पर बने गहरे गड्ढों के कारण बुधवार रात को एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। गड्ढाें के कारण माल से भरा एक ट्रक पलट गया। गनीमत यह रही इसमें ड्राइवर-कंडक्टर को चोट नहीं आई।
उचाना में बारिश के साथ आए ओलों से गेहूं की फसल को हुआ नुकसान
उचाना | बुधवार रात को बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। किसानों ने कहा कि बीते कुछ दिनों से बेमौसमी बारिश हो रही है। बारिश के साथ तेज हवाओं के चलने, ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों, सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ है। किसान रामभज, जगरूप, बलजीत, राजेश ने कहा कि मार्च में तीन बार तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हो चुकी है। तेज हवाओं के बारिश के साथ चलने से गेहूं की फसल भी बिछौने की तरह खेतों में बिछ गई है। गेहूं का उत्पादन बारिश, तेज हवाओं, ओलावृष्टि से प्रभावित होगा।
किसानों ने की स्पेशल गिरदावरी की मांग
जिले में बारिश से खेतों में हो रहे जलभराव व ओलो से गेहूं अाैर सरसों की फसल काे नुकसान होने पर किसान अब सरकार से स्पेशल गिरदावरी करवाकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं। गढ़वाली गांव के किसान रामनिवास ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में सरकार ने स्पेशल गिरदावरी के आदेश दिए हैं। लेकिन जींद को इसमें शामिल नहीं किया गया। इसी तरह से निडाना गांव के किसान बलवान सिंह ने बताया कि रात को हुई ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। सरकार को स्पेशल गिरदावरी करवा कर मुआवजा देना चाहिए।
रोहतक रोड, मिनी बाईपास रोड की हालत बदहाल
रविवार को डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों के साथ बैठक कर बारिश से खस्ताहाल हुई सड़कों की हालत सुधारने के निर्देश दिए थे। लेकिन 4 दिन बीत जाने के बाद शहर की सड़कों को सुधारने के लिए कोई कदम नगरपरिषद या पीडब्ल्यूडी द्वारा नहीं उठाया गया। सड़कों से पहले हुई बारिश के पानी की निकासी हो पाती उससे पहले बुधवार रात को शहर में हुई बारिश से फिर से कई सड़कों पर जलभराव हो गया। शहर के रोहतक रोड, मिनी बाईपास रोड, रानीतालाब के आसपास, बालभवन रोड सहित कई सड़कें जलभराव के कारण खस्ताहाल हो गई हैं। इससे कभी हादसा हो सकता है।
बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर कई गांवों के किसानों ने की मुआवजे की मांग
भास्कर न्यूज | सफीदों
बुधवार देर रात सफीदों क्षेत्र में हुई जबरदस्त बारिश व ओलावृष्टि से फसलों के काफी नुकसान हुआ है। इस पर गुरुवार को ऐंचरा कलां, ऐंचरा खुर्द, रामनगर, बिटानी, हाट, कारखाना, कुरड़, सिंघपुरा, बहादुरपुर, खरकड़ा, निमनाबाद, साहनपुर, डिडवाड़ा, खातला, भुसलाना, बड़ौद व बसीनी गांव के किसान लघुसचिवालय पहुंचे और सरकार से 50 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की। किसानों ने एसडीएम के न मिलने पर बीडीपीओ को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना था कि रात को हुई बारिश व ओलावृष्टि ने उनकी फसल को नष्ट कर दिया है। इससे अनेक किसानों को काफी नुकसान हुआ है। सरकार को मुआवजा देकर किसानों के नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। (संबंधित खबरें पेज 3 पर भी)
जींद कार्यालय में आॅफलाइन देनी है शिकायत
जुलाना में बूंदाबांदी हुई है। खराब हुई फसल के लिए किसानों को जींद कार्यालय में शिकायत ऑफलाइन देनी है। कार्यालय में पूरी जानकारी दी जा रही है। जो भी किसान कृषि विभाग कार्यालय में आता है उसे पूरी जानकारी देकर ही जींद कार्यालय में भेजा जाता है। वहां किसानों के जाते ही फार्म जमा कर लिए जाते हैं।-पुरुषोतम, कृषि विकास अधिकारी जुलाना
जुलाना में दो फीट तक फसलों में भरा पानी, 90 प्रतिशत फसल खराब होने के कगार पर
जुलाना | गत रात्रि देर शाम बरसात के साथ हुई ओलावृष्टि से जुलाना के आसपास के गांवों में गेहूं की 90 प्रतिशत फसल खराब होने के कगार पर है। बरसात से किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया है। खेतों में एक से लेकर दो फीट तक पानी खड़ा है। फसल का रंग पीला पड़ रहा है। फसल की शिकायत के लिए किसानों को सीधे जींद कार्यालय भेजा जा रहा है। किसानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। गत रात्रि हुई बरसात से गतौली, शामलो कलां, रामकली, खेमा खेड़ी, ढिग़ाना, गोसाई खेड़ा, पौली व हथवाला सहित दर्जनों गांवों में बरसात के साथ ओलावृष्टि हुई।
जिले के किसी गांव को सरकार ने अब तक नहीं किया स्पेशल गिरदावरी में शामिल
बारिश से सड़क से लेकर खेत तक बिगड़ रहे हालात
के न मिलने पर बीडीपीओ को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना था कि रात को हुई बारिश व ओलावृष्टि ने उनकी फसल को नष्ट कर दिया है। इससे अनेक किसानों को काफी नुकसान हुआ है। सरकार को मुआवजा देकर किसानों के नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। (संबंधित खबरें पेज 3 पर भी)
कहां कितनी बारिश (एमएम में) } जींद 09 | नरवाना 19 | सफीदों 26 | उचाना 05 | पिल्लूखेड़ा 09 | अलेवा 09 | जुलाना 02
छत पर नजर आ रहे ओले।
जुलाना. शामलो कलां गांव में खेतों में भरा बरसाती पानी।
सफीदों. मुआवजे की मांग को लेकर लघु सचिवालय पहुंचे किसान।
जींद. बारिश और तेज हवाओं के कारण एक खेत में बिछी गेहंू की फसल।