िवदेशों में भी आिर्थक ही नहीं सांस्कृितक पताका फहरा रही हैं भारतीय महिलाएं

Sonipat News - भारत अब महिलाओं के लिए सामाजिक बंदिशों वाला देश नहीं रहा बल्कि यहां की महिलाएं अपनी प्रगतिवादी सोच से विश्वभर में...

Jan 18, 2020, 08:30 AM IST
Rai News - haryana news indian women are also flaunting cultural flags not only in foreign countries
भारत अब महिलाओं के लिए सामाजिक बंदिशों वाला देश नहीं रहा बल्कि यहां की महिलाएं अपनी प्रगतिवादी सोच से विश्वभर में अपनी योग्यता का डंका बजा रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि वह टूट रहे सामाजिक और नैतिक ढांचे के बीच अपनी संस्कृति और परंपराओं को ऊंची पहचान दे रहीं हैं और दूसरों को इसके प्रति अाकर्षित कर रही हैं। यह बातें ताऊ देवीलाल राजकीय महिला महाविद्यालय में आयोजित इंटरनेशनल सेमीनार में विभिन्न देशों से अाए प्रतिनिधियों ने कहीं।

महिला सशक्तिकरण विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्वीडन, नार्वे, अॉस्ट्रेलिया से 22 सदस्यीय का दल भारत भ्रमण पर आया हुआ है। इस दौरे के दौरान वे महिला सशक्तिकरण विषय और भारतीय परिवेश को जानने के लिए अलग- अलग प्रदेशों में जा रहे हैं। सेमीनार में ऑस्ट्रेलिया के निल्स ओला, इवा हेस्सल, नार्वे से पहुंचे निल्स व क्रिस्टन नोरेन व स्वीडन से पहुंचे मेजोर व किम सिंट्रोन ने अपने विचार दिए। कहा भारत में पिछले कुछ समय में महिला शिक्षा में जबर्दस्त बदलाव हो रहा है। अब वह विश्व की प्रगतिवादी सोच में पुरुषों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चल रही हैं। उनके साथ ही भरतीय समाज में भी तेजी से बदलाव आ रहा है। भारतीय महिला सशक्त हैं और समृद्धि की और बढ़ रही हैं। जो कमियां आज भी रहती हैं, यहां आने से लगता है कि जल्दी ही अपनी मंजिल तक पहुंच जाएंगी।

स्वीडन दंपत्ति मेजोर तथा किम ने कहा कि अब भारत की महिलाएं हर देश में अपनी मेहनत से अमिट छाप छोड़ रही हैं। वहां भी अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए रख रही हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वाइस चांसलर प्रोफेसर आरके अनायत थे। कीनोट स्पीकर प्रोफ़ेसर श्रीमती विनय कपूर वाइस चांसलर डॉ बी आर अंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सोनीपत व श्रीमती रेखा कौशिक वेलफेयर ऑफीसर गवर्नमेंट ऑफ़ दिल्ली रही। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ प्राचार्य डॉ. सरोज मलिक ने की। ताऊ देवीलाल राजकीय महिला कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. सुनील पंवार ने बताया कि कॉलेज में भी वे भारतीय महिलाओं का परिवेश व ग्रामीण रहन- सहन से रूबरू होने के लिए पहुंचे हैं।

राई . महिला कॉलेज मुरथल में पहुंचा विदेशी प्रतिनिधिमंडल।

िवदेशों में भी संस्कृति को बनाए रखे हैं

विदेशी प्रतिनिधियों ने कहा कि भारत का लोकतंत्र सबसे मजबूत है। नारी हिंसा और भ्रूण हत्या जैसी समस्याएं जागरूकता से कम हो रही हैं। भारतीय महिलाएं विदेशों में काम करते हुए भी अपनी संस्कृतिक को बरकरार रखती हैं। भारत की महिलाएं जो स्वीडन, आस्ट्रेलिया व नार्वें में काम कर रही हैं, वे आत्मनिर्भर बना चुकी है। हमारी सभ्यता व संस्कृति मेल खा रही हैं।

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