रावण बनना आसान लेकिन राम बनना मुश्किल: महंत प्रणव पुरी

Bhiwani News - संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन दूसरे दिन रविवार को पुलिस स्टेशन के पीछे ऐतिहासिक किलसर तालाब पर स्थित जन्नाथ मंदिर...

Nov 11, 2019, 07:31 AM IST
संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन दूसरे दिन रविवार को पुलिस स्टेशन के पीछे ऐतिहासिक किलसर तालाब पर स्थित जन्नाथ मंदिर में किया गया। महंत प्रणव पुरी जी महाराज उज्जैन द्वारा श्री रामचरित मानस की महिमा का गुणगान किया गया।

प्रणव पुरी महाराज ने श्रीराम चरित्रमानस में श्रीराम के आदर्शों के बारे में श्रद्धालुओं को अवगत करवाया। संगीतमय श्रीराम कथा की महत्ता के बारे में फोकस किया गया। प्रणवपुरी महाराज ने रावण के अवतार के विषय में सूक्ष्म चर्चा करते हुए कहा कि रावण बनना आसान है। लेकिन श्रीराम बनना मुश्किल है। राजा प्रताप भानु एक कपटी मुनि के संसर्ग में आकर लोभी हो गए एवं धर्म से विमुख हो गए। ब्राह्मणों के श्राप से वहीं रावण के रूप में अवतरित हुए। रावण को भी अवतार माना गया है। जिसके अंत के लिए श्रीराम ने अवतार लिया।

महाराज प्रणवपुरी ने श्री राम जी की बाल लीला से बच्चों में क्या संस्कार होने चाहिए बतलाया। श्रीराम प्रात:काल उठकर माता, पिता, गुरूदेव व धरती माता को प्रणाम करते थे। आजकल बच्चों ने माता पिता को प्रणाम करना बंद कर दिया है। किंतु इसमें बच्चों की गलती नहीं है। माता पिता की गलती है क्योंकि यह संस्कार सत्संग, कथा में जाने से बच्चें सीखेगें। आज के आधुनिक दौर में बच्चें केवल मोबाइल तक ही सीमित हो गए है। महाराज प्रणवपुरी ने श्रीराम की मधुरमय बाल लीला पर विस्तार से चर्चा की।

श्रीराम कथा के अवसर पर पूर्व सूबेदार मेजर मेनपाल सिंह परमार, मा. कृप्याशंकर शर्मा, मा. निरंजन शर्मा, बिजेंद्र वशिष्ठ और विक्रम फौजी समेत अनेक श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

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