माघ स्नान के पुण्य से राजा चित्ररथ ने पाई मुक्ति: भारद्वाज

Kaithal News - श्री सनातन धर्म शिव मंदिर मेें सर्व कामना सिद्धि उपद्रव शांति हेतु श्री गायत्री महायज्ञ में मंगलवार को मुख्य...

Jan 22, 2020, 08:25 AM IST
Pundri News - haryana news king chitraratha attained salvation by virtue of bathing in magh bharadwaj
श्री सनातन धर्म शिव मंदिर मेें सर्व कामना सिद्धि उपद्रव शांति हेतु श्री गायत्री महायज्ञ में मंगलवार को मुख्य यजमान के रूप में सोहनलाल मित्तल ने प|ी सुनीता मित्तल सहित हिस्सा लिया। यज्ञ के आचार्य पंडित सुरेश कुमार भारद्वाज ने माघ स्नान के अध्याय का वर्णन करते हुए कहा कि एक बार ब्राह्मण वेदनिधि ने महर्षि लोमेश से कहा कि प्राचीन काल में द्रविड़ देश में चित्ररथ नाम का राजा राज्य करता था। वह संपूर्ण शास्त्रों का ज्ञाता, विद्वान तथा शूरवीर था। साथ अति विषयी और कामाचारी भी था। सदैव वासनों में लिप्त रहता था। उसे संपूर्ण ज्ञान होने के बावजूद उसके हृदय में धर्म और ईश्वर के प्रति कोई आस्था नहीं थी। पापयुक्त और दुराचारी जीवन व्यतीत करते हुए राजा की एक समय मृत्यु हो गई। राजा चित्ररथ को उसके कर्म भोगानुसार सभी यातनादायी नरकों में क्रमानुसार पहुंचाया गया। पहले उन्हें तामसी नामक नरक में डाला गया। इसके बाद उन्हें उग रौरव नाक, महानर्क, तापन, संप्रतापन, प्रतापन व यंत्रणादायी नर्कों में डाला गया। भगवान विष्णु से द्रोह रखने के कारण राजा चित्ररथ को इक्कीस युग पर्यंत घोर नरक यातनाएं भोगनी पड़ी। उसके बाद उन्हें गिरीराज पर भयंकर पिशाच के रूप में जन्म मिला। पिशाच देहधारी चित्ररथ युगों से कष्ट भोग रहा था परंतु महात्मा देवद्युति के कथन अनुसार माघ स्नान के पुण्य प्रताप से घोर नरक भोग रहे राजा चित्ररथ भी मुक्त होकर विष्णुलोक को प्राप्त हुए। इस मौके पर सभी श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति डाली।

पूंडरी | यज्ञ में भाग लेते श्रद्धालु।

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