क्रिकेट में कुड़ल ने ढाणा को हराया
खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को पहचान मिलती है। टीम का खेल खेलने से आपसी भाईचारा बढ़ता है और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। खेल में मिली हार से अपने खेल की कमी की पहचान करके दूर करनी चाहिए।
यह बात कुड़ल में सात दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में राजन शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि गांव के युवाओं को खेल की तरह गांव के विकास में भी टीम बनाकर काम करना चाहिए। इससे गांव सर्वांगीण विकास हो सकता है। आयोजक कमेटी के सदस्य रमेश यादव ने बताया कि तीन मार्च को शुरू हुई इस प्रतियोगिता में कुल 46 टीमों ने भाग लिया। फाइनल में कुड़ल और ढाणा गांव की टीम पहुंची। टॉस जीतकर ढाणा की टीम ने पहले फील्डिंग करने का फैसला लिया। कुड़ल टीम तरफ से मैच की ओपनिंग करते हुए मुकेश और रमेश ने अच्छी बल्लेबाजी की। मुकेश ने 28 गेंदों पर पांच छक्कों के साथ 35 रन बनाए और रमेश ने दो छक्के और एक चौके के साथ 26 रन बनाए। कुड़ल टीम ने 10 ओवर के मैच में तीन विकेट के नुकसान पर 118 रन का स्कोर किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए ढाणा की टीम दस ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर केवल 80 रन ही बना सकी। ढाणा के खिलाड़ी माेंटी ने कुल पांच मैचों में 172 रन बनाए और 6 विकेट लिए। इस पर उन्हें मैन आफ दा सीरीज का खिताब दिया गया। अंतिम मैच में कुड़ल आल राउंडर खिलाड़ी मुकेश कुमार ने 35 रन बनाकर दो विकेट लेने पर मैन आफ द मैच का खिताब दिया गया।
विजेता व उप विजेता टीम को इनाम देकर सम्मानित किया। निर्णायक की भूमिका प्रदीप कोकी और शिबू शर्मा ने निभाई। स्कोरर की भूमिका में अजय जांगड़ा और उमेद जांगड़ा ने निभाई। इस अवसर पर गांव व आसपास के खिलाड़ी, खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
क्रिकेट स्पर्धा के विजेता और उपविजेता टीमों के साथ आयोजक कमेटी।