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सुप्रीम कोर्ट के आदेश व एफआईआर होने पर भी शिफ्ट नहीं हुईं मीट शॉप
सुप्रीम कोर्ट के आदेश व एफआईआर दर्ज करवाने के बाद भी नगरपरिषद मीट शॉप को शहर से बाहर निर्धारित किए गए स्थान पर स्थानांतरित नहीं करवा पाई है। इस संबंध में नप हाउस की मीटिंग में एक कमेटी का गठन किय गया था। इसके बावजूद शहर की मुख्य सड़कों की फुटपाथों पर खुले में मीट की बिक्री की जा रही हैं। इस संबंध में गुरुवार को अनेक लोगों ने सीएम को पत्र प्रेषित कर मीट शॉप को निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित करवाने की मांग की है।
एनसीआर क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शहर के अंदर मीट शॉप का संचालन करना अवैध है। इसके बावजूद शहर के आबादी क्षेत्र में अनेक स्थानों पर खुले आम मीट शॉप का संचालन किया जा रहा है। वर्ष 2018 में नगरपरिषद ने मीट शॉप संचालकों को हालुवास रेलवे फाटक के नजदीक निर्धारित किए गए स्थान पर मीट शॉप का संचालन करने के आदेश दिए थे लेकिन आदेश का पालन न करने पर 12 शॉप संचालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई थी। पिछले साल नगरपरिषद ने फिर से ऐसे लोगों को नोटिस दिए और दुकानों को सील किया लेकिन दो दिन बाद लोगों ने खुद सील तोड़कर दुकानों का संचालन करना शुरू कर दिया था।
नगर परिषद के ईओ और
डीसी को सौंपे ज्ञापन
स्थानीय निवासी सुरेश कुमार, रोकी, महेंद्र सिंह, बाबूलाल, श्यामा, किरोड़ी, कृष्ण कुमार, राजेश, अनिल आदि ने बताया कि उन्होंने 26 मई 2019 को डीसी को ज्ञापन सौंपकर शहर से मीट शॉप बाहर स्थापित करवाने की मांग की थी। सात जून 2019 को नगरपरिषद के ईओ को ज्ञापन सौंपा था। इसके बावजूद संबंधित विभाग व प्रशासन की तरफ से कोई संज्ञान नहीं लिया गया। उन्होंने बताया कि शहर में गली व मोहल्लों में मीट शॉप का संचालन किया जा रहा हैं। इससे लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही हैं वहीं मीट शॉप से निकलने वाले वेस्ट को भी आसपास के क्षेत्र में फेंक दिया जाता है। कुछ संचालक डस्टबीन का भी इस्तेमाल नहीं करते, जिससे मक्खियां जमा रहती है। इसे बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती है। दुकान संचालक नियमों की पालन भी नहीं कर रहे हैं। दुकान का सामान फुटपाथों पर फैला रहता है और जानवर भी सड़क के किनारे बंधे दिखाई देते है। उन्होंने बताया कि सीएम को इस संबंध में पत्र प्रेषित कर समस्या के समाधान की मांग की है।