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शेड के नीचे बाजरा, सरसों डालने को जगह नहीं

एक वर्ष पहले
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जिले में रबी फसल की खरीद सीजन शुरू होने जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद झज्जर की नई अनाज मंडी में किसानों के लिए बनाया गया शेड को खाली नहीं हो सका है, शेड में हैफेड की ओर से खरीदा गया बाजरा रखा गया है। मंडी प्रशासन का कहना है कि खरीद सीजन को देखते हुए डीएम हैफेड को पत्र लिखा जा चुका है।

पिछले वर्ष 28 मार्च को झज्जर में सरसों फसल की खरीद का काम शुरू हो गया था। 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होती है। यह दोनों ही फसलें क्षेत्र के लिए काफी अहम हैं। पानी की उपलब्धता वाले क्षेत्र में गेहूं की बिजाई रहती है, जबकि कम सिंचाई वाले साल्हावास क्षेत्र में सरसों की बिजाई रहती है। जानकारों का कहना है कि होली के बाद सरसों की फसल बड़ी तेजी से पक्क जाती है, ऐसे में सरसों की फसल भी उसी लिहाज से मंडी में पहुंचनी शुरू हो जाती है किसानों की भी यह प्रैक्टिस रहती है कि वह अपने फसल निकलने के बाद उसे घर रखने की बजाय सीधे मंडी लेने जाने के प्रयास में रहता है। ताकि फसल के वजन में किसी प्रकार की कमी न आ सके।

शेड खाली कराने के लिए प्रक्रिया चल रही है

मंडी में हैफेड की ओर से बाजरे का स्टॉक किया हुआ है और अब खरीद सीजन को देखते हुए डीएम हैफेड को पहले ही पत्र लिखा जा चुका है। मंडी शेड को खाली कराए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें और तेजी लाने के लिए कहा जाएगा। ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
-लीलू पहलवान, चेयरमैन, मार्केट कमेटी।

खराब मौसम से फसल बचाने के लिए शेड का खाली होना जरूरी

मंडी के अंदर जो भी फसल की खरीद होती है उसमें क्वालिटी से अधिक वजन का महत्व रहता है। पिछले वर्ष 28 मार्च को अनाज मंडी में सरसों की खरीद का काम शुरू हो गया था। इस बार भी उम्मीद यही है कि सरसों फसल की आवक को देखते यह काम 28 मार्च से पहले ही शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन जिस प्रकार से मंडी के किसान शेड के अंदर बाजरा स्टॉक है। उससे किसानों को काफी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। किसानों के लिए नई फसल डालने की जगह नहीं है। दरअसल मंडी में किसान शेड किसानों की सुविधा के लिए तैयार होते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से स्टाफ की समस्या को देखते मंडी में ही फसलें लगाई जा रही हैं। मंडी आढ़तियों का कहना है कि अभी तक शेड खाली हो जाना चाहिए। खरीद तिथि से पहले ही मंडी में उपज आनी शुरू हो जाती है। किसान अपनी उपज सरकार को देने की बजाए आढ़तियों को भी देते हैं। खराब मौसम से फसलों को बचाने के लिए शेड का खाली होना जरूरी है।

झज्जर की अनाज मंडी में शेड के नीचे रखी बाजरे की बोरियां।
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