पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Kurukshetra News Haryana News More Than 200 Dairies Sewer Blocks And Dirt Running In The Middle Of The City Will Not Be A Problem Now The Dung Itself Will Pick Up Dung Charges Will Be Collected

शहर के बीचोंबीच चल रही 200 से अधिक डेयरी, सीवर ब्लॉक व गंदगी की नहीं रहेगी समस्या, अब नप उठाएगी खुद गोबर, वसूलेगी शुल्क

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

शहर के बीचोंबीच 200 से अधिक डेयरी चल रही हैं। इन डेयरी से गंदगी फैलाने से आसपड़ोस के लोग तो परेशान हैं, ही साथ को साफ-सुथरा रखने में ही ये रोडा बनी हैं। नगर परिषद खुद इनसे परेशान हैं। कई साल पहले से इन डेयरी को शहर से बाहर शिफ्ट करने के दावे हो रहे हैं, लेकिन अभी तक यह हकीकत नहीं बन सका। डेयरी जोन बनाने के लिए पहले 20 एकड़ से अधिक भूमि की व्यवस्था से लेकर सड़क, सीवर, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं देनी होंगी। लिहाजा यह प्रोजेक्ट बड़ा व अधिक बजट वाला होने के चलते फिलहाल इन डेयरी से होने वाली सीवर ब्लॉकेज से बचाने को अब नप खुद बाजारों के बीच चल रही इन डेयरियों का गोबर उठाएगी। इसके लिए डेयरी संचालकों से पैसा भी नप वसूलेगा। यह राशि कितनी होगी, यह नप अधिकारियों व पार्षदों के साथ बैठक के बाद तय होगा।

निर्धारित होगा शुल्क : डेयरी संचालकों से कितना पैसा वसूला जाएगा। यह नप हाउस की बैठक के बाद तय होगा। 500 से दो हजार के बीच प्रति महीना के बीच यह राशि नप वसूल सकती है। यह डेयरी के गोबर की मात्रा पर निर्भर करेगा, कितना गोबर किस डेयरी से निकलेगा। शहरवासी ऋषि अरोड़ा कहते हैं, रिहायशी एरिया में डेयरी चलाने से आस पड़ोस के लोगों को बेहद परेशानी उठानी पड़ती है । इसके कारण गलियों में सीवर व नालियां ब्लॉक हो जाती हैं । कारण अधिकतर डेयरी संचालक पानी के जरिए गोबर को नालियों व सीवर में बहा देते हैं, जिससे नालियां व सीवर ब्लाक हो जाते हैं । इस समस्या को लेकर कई बार सीएम विंडो तक उनके वार्डवासी कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हैं ।

बजट सत्र में भी उठा मुद्दा-वैकल्पिक व्यवस्था बनेगी : विधायक

विधायक सुभाष सुधा ने कहा यह सही हैं, कि शहर के बीचोंबीच खुली डेयरी सीवर व नाली ब्लॉकेज का कारण बनती हैं, बजट सत्र में भी यह मुद्दा उठा था, शहर के रिहायशी एरिया से डेयरी बाहर शिफ्ट करने की प्लानिंग में लंबा समय लगेगा। लिहाजा बजट सत्र में फैसला लिया गया कि जबतक डेयरी जोन शहर से बाहर स्थापित न हों, तब तक नगर परिषद, नगर निगम व नगर पालिकाएं ही बाजारों के बीच चल रही डेयरी से गोबर उठाएंगी। इसके लिए शुल्क भी गोबर की मात्रा के अनुसार निर्धारित होगा। डेयरी जोन शहर से बाहर निकालने को लेकर भी प्रयास चल रहे हैं, इसके लिए नप अपनी जमीन की तलाश में हैं। इससे पहले पांच एकड़ भूमि नप कूड़ा गिराने को डंपिंग जोन के लिए तलाश रही है। जल्द ही पांच एकड़ भूमि नप खरीदेगी। जमीन मिलने पर नप की दशकों से चली आ रही डंपिंग जोन की समस्या का भी स्थाई समाधान होगा ।

नाली से गोबर निकालते नप के सफाईकर्मी ।
खबरें और भी हैं...