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सत्संग से दूर हाेते हैं नकारात्मक विचार

एक वर्ष पहले
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सत्संग सुनने से नकारात्मक विचार खत्म होकर मनुष्य में सकारात्मक विचारों का संचार होता है। यह बात महंत परमानन्द गिरि महाराज ने सिद्ध शक्तिपीठ बाबा प्रसाद गिरि महाराज मंदिर के वार्षिकोत्सव में चल रहे संत सम्मेलन में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही। महंत ने कहा कि सत्संग में आकर बुरे विचार स्वयं ही समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि सत्संग तनाव से छुटकारा दिलवाने में भी सहायक साबित होता है। आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में हर मनुष्य तनावग्रस्त नजर आता है। अगर हमने तनाव से छुटकारा पाना है तो हमें धार्मिक आयोजनों का सहारा लेना चाहिए। श्रीमहंत ने कहा कि सत्संग स्थल पर विद्वान संत महात्माओं द्वारा कही गई बातों का अगर गृहस्थ लोग अनुसरण करें तो गृहस्थ जीवन सुखमय हो सकता है। महंत परमानंद गिरि महाराज ने कहा कि सिद्ध बाबा प्रसाद गिरी की समाधी के विषय में सभी भक्त जानते हैं कि समाधी पर सच्चे मन से की गई अरदास बाबा जरूर पूरी करते हैं। उन्होंंने कहा कि बाबा प्रसाद गिरि महाराज ने अपनी तपस्या के बल पर कई चमत्कार दिखाए। यही कारण रहा कि उन्हें सिद्ध पुरूष की संज्ञा दी गई। हरियाणा के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा की समाधी पर माथा टेकने पहुंचते हैं। वहीं संत सम्मेलन में पधारे कई संत महात्माओं ने भी विचार रखे। सभी का एक ही मत था कि सत्संग करने से जहां भगवान प्रसन्न होते हैं वहीं मनुश्रू के स्वयं के आचरण में भी शुद्धता आती है।

वार्षिकोत्सव का समापन अाज

वार्षिकोत्सव का समापन 13 मार्च को भंडारे के साथ होगा। भंडारे में सैकड़ों संत महात्माओं के अलावा भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच कर प्रसाद ग्रहण करेंगे।

संताें के अागमन से धार्मिक नगरी में बदला झज्जर

शहर में तीन दिवसीय विराट संत सम्मेलन में दूर-दराज से पहुंचे सैकड़ों संत महात्माओं के कारण शहर में हर तरफ भगवा ही भगवा दिखाई दे रहा है। जगह-जगह संत महात्माओं की टोली को धार्मिक नगरी का अहसास करवा रही है। शहर वासी भी संत महात्माओं के स्वागत में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। सुबह से ही संत महात्माओं के लिए चाय-नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम की चाय के अलावा बीच-बीच में फल, मिठाई वितरित करके श्रद्धालु सेवा भाव में जुटे हैं।

बाबा प्रसाद गिरि महाराज मंदिर में संत सम्मेलन में सत्संग करते महंत परमानंद गिरि।
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