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- Karnal News Haryana News Neither The Board Of Directors Met In Chandigarh Nor Final Decision On Projects
न चंडीगढ़ में हुई बाेर्ड अाॅफ डायरेक्टर की मीटिंग, न प्रोजेक्ट्स पर लिया फाइनल निर्णय
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में विकास कार्य ठप पड़े हैं। मुगल कैनाल मार्केट फेज-टू अाैर पुरानी सब्जीमंडी में अत्याधुनिक पार्किंग का प्रोजेक्ट अभी तक सिरे नहीं चढ़ा है। सीएम के आदेश पर इस प्रोजेक्ट में बदलाव किए जाने के बाद यह प्रोजेक्ट फाइनल नहीं हाे पाया है, कयोंकि फरवरी के पहले सप्ताह में हाेने वाली बाेर्ड अाॅफ डायरेक्टर की मीटिंग अभी तक भी नहीं हाे सकी है। बीअाेडी की मीटिंग के बिना नया काेई भी प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं अा सका है। स्मार्ट सिटी से जुड़े अधिकारियों का एक ही जवाब है कि बाेर्ड अाॅफ डायरेक्टर की मीटिंग के बाद ही सबकुछ क्लियर हाे पाएगा। बाेर्ड अाॅफ डायरेक्टर की मीटिंग के बिना सभी प्रोजेक्ट्स अधूरे पड़े हैं। शहर में विकास कार्य नहीं हाे पा रहे हैं।
57 प्रोजेक्ट पर खर्च होने हैं 1200 करोड़ रुपए : स्मार्ट सिटी के तहत शहर में 57 प्रोजेक्ट्स पर करीबन 1200 कराेड़ रुपए खर्च हाेने हैं, लेकिन अभी तक करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड किसी भी बड़े प्रोजेक्ट पर काम नहीं कर पाई है। शहर के दो प्रोजेक्ट तैयार होकर भी फाइनल नहीं हो पाए हैं। मुगल कैनाल फेज-2 व 3 प्रोजेक्ट अपने आप में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है जो स्मार्ट सिटी के तहत 275 करोड़ रुपए का तय किया गया था, लेकिन जनवरी में सीएम ने इस प्रोजेक्ट में बदलाव के आदेश दिए थे। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की टीम ने सीएम के कहे अनुसार इसमें बदलाव को कर दिया है, लेकिन इस बदलाव पर फाइनल मोहर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग में ही लगनी है। इसी तरह से पुरानी सब्जी मंडी में बनने वाली अंडर ग्राउंड वाहन पार्किंग का प्रोजेक्ट भी कागजों में ही चल रहा है। करनाल स्मार्ट की तरफ से बार-बार काम शुरू करने के दावे किए गए, लेकिन काम शुरू होना तो दूर की बात अभी तक प्रोजेक्ट का डिजाइन भी फाइनल नहीं हो पाया है।
पैसा है पर कार्याें पर खर्च नहीं हाे रहा : स्मार्ट सिटी के तहत कराए जाने वाले विकास कार्याें के लिए निगम के पास पैसा है, लेकिन प्रोजेक्ट तैयार नहीं है। निगम का 103 कराेड़ रुपए बैंक में पड़ा है, लेकिन करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत विकास कार्याें पर खर्च नहीं किया जा सका है। इस तरह से करनाल काे स्मार्ट बनाने का प्रोजेक्ट अागे नहीं बढ़ रहा है। अभी तक 15 कराेड़ रुपए ही विकास कार्याें पर खर्च हाे पाए हैं।
शहर के लाेग पार्किंग बिना परेशान : बाजार में आने वाले लोगों को अपना वाहन पार्क करने के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोग बाजार में आते हैं वाहनों को इधर-उधर सड़क पर ही पार्क कर देते हैं। इस कारण सड़क पर वाहनों का आवागमन बाधित होता है। ऐसे में पार्किंग की महत्वपूर्ण जरूरत होने के बावजूद पार्किंग की सुविधा का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
बंद कमरे से बाहर नहीं निकल पा रहे प्रोजेक्ट्स : स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट्स बंद कमरे से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। विकास भवन में प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी प्रोजेक्ट में जुटे रहते हैं, लेकिन अभी तक उनके इस कार्य का लाभ शहर के लोगों को नहीं मिल पाया है। जबकि स्मार्ट सिटी के तहत इस कंपनी द्वारा प्रोजेक्ट तैयार करने पर 22 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। अभी तक कोई भी प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं आ रहा है। उधर, स्मार्ट सिटी अधिकारी भी कुछ बताने काे तैयार नहीं हैं।
नेकी की दीवार का निर्माण कार्य भी नहीं हुआ शुरू
शहर में स्मार्ट रोड का शुभारंभ दो सप्ताह पहले हो चुका है, लेकिन उसका निर्माण कार्य अभी तक भी शुरू नहीं हो पाया है। इसके अलावा नेकी की दीवार का निर्माण भी शुरू नहीं हो पाया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर को स्मार्ट बनाने में कितना समय लग जाएगा।
फिलहाल मीटिंग के लिए डेट 17 मार्च तय है
प्रोजेक्ट्स को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में रखा जाएगा। जहां से फाइनल होने पर उक्त विकास कार्यों के टेंडर लगाए जाएंगे। फिलहाल मीटिंग के लिए टेंटेटिव डेट 17 मार्च आई है। इस मीटिंग में इन दोनों प्रोजेक्ट के अलावा अन्य कई प्रोजेक्ट पर फाइनल डिसीजन होना है।
राजीव मेहता, सीईओ, करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड, करनाल।
स्मार्ट सिटी के दाे बड़े प्रोजेक्ट शुरू हाेने से पहले ठप
करनाल. अधर में मुगल कैनाल पार्ट-2