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डायवर्सन मार्ग पर कीचड़ में धंसे डंपर व ट्रक से रातभर जाम एनएचएआई की चेतावनी... रूट सुधारें, वरना रोकेंगे पुल निर्माण
निर्माणाधीन नारनौल रोड (एनएच 11) पर सफर न केवल बेहद जोखिम भरा हो गया है, बल्कि डायवर्सन भी सही नहीं होने के कारण अब हर दिन जाम के हालात बन रहे हैं।
टींट गांव के समीप बनाए जा रहे ओवरब्रिज के लिए दिए डायवर्सन मार्ग पर कीचड़ की वजह से गुरुवार की रात को एक के बाद एक डंपर, ट्रक और
ट्रैक्टर धंस गए जिसकी वजह से रात को कई घंटों तक जाम लग गया। शुक्रवार को भी कीचड़ में धंसे वाहन नहीं निकल सके जिसके चलते नारनौल से आने वाले वाहनों को महेंद्रगढ़ रोड से निकाला गया। जाम के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो एनएच-11 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने खुद यहां पर पहुंचे और डायवर्सन सहित अन्य विकल्पों का जायजा लेकर पुल का निर्माण करने वाली एजेंसी की तरफ से सुधार नहीं करने पर काम बंद कराने की चेतावनी दी।
टींट के पास बन रहे पुल का निर्माण करने वाली एजेंसी की तरफ से डायवर्सन रूट को बेहतर नहीं किए जाने पर कंपनी के अधिकारियों से बातचीत करके इसे सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि डायवर्सन रूट को सही नहीं रखा गया तो राजमार्ग पर पुल का काम रोक दिया जाएगा। -पीके कौशिक, प्रोजेक्ट डायरेक्टर।
जाम के बाद किया रूट डायवर्ट : गुरुवार रात से बने जाम के हालात शुक्रवार को भी दिनभर रहे जिसके बाद पुलिस की तरफ से चौकी नंबर-11 से वाहनों को नांगल मूंदी के लिए डायवर्ट किया। इसी तरह शहर से नारनौल की तरफ भी जाने वाले वाहनों को महेंद्रगढ़ रोड से निकाला जिससे न केवल वाहन चालकों को परेशानी हुई अपितु सफर का भी समय भी बढ़ गया।
10 से अधिक स्थानों पर डायवर्सन : नारनौल रोड पर जिले की सीमा में राष्ट्रीय राजमार्ग का काम प्रारंभ किया जा चुका है, विभिन्न स्थानों पर 10 से अधिक डायवर्जन बनाए हैं। सबसे अधिक मुश्किल टींट के डायवर्जन पर ही हो रही है, इसकी लंबाई भी अधिक है और सड़क की हालत भी खस्ता है। पाली फाटक पर अस्थाई फाटक बनाने का काम शुरू नहीं हुआ है।
भारी वाहनों के दबाव से उखड़ जाता है कॉरपेट : नारनौल रोड पर वाहनों का बहुत अधिक दबाव है जिसकी वजह से बनाए गए डायवर्जन पर कारपेट मुश्किल से ही 15 से 20 दिन चल पाता है। सबसे अधिक मुश्किल ओवरलोड डंपर व ट्रक पैदा कर रहे हैं जिससे पूरे डायवर्जन में गहरे गड्ढ़े बने हैं। प्रशासन की तरफ से इन वाहनों को दूसरे रूट से भी डायवर्ट नहीं किया जा रहा है जिससे टींट के पास ही आकर ओवरलोडिंग की वजह से ये धंस रहे है अथवा खराब हो जाते हैं। अब दो-तीन पहले हुई बारिश के बाद टींट के पास कीचड़ अभी तक बरकरार है जिसमें ही गुरुवार रात को लगभग 6 डंपर, दो ट्रक व ट्रैक्टर सहित अन्य वाहन धंस गए।
हर स्तर पर फंसा पेंच, जिम्मेदार गंभीर नहीं नारनौल रोड पर मुंबई से यूपी के दादरी तक जाने वाली वेस्टर्न डेडीकेट फ्रेट कॉरिडोर के लिए इस पुल का निर्माण किया जा रहा है। चूंकि इस पुल का निर्माण वर्ष 2013 में प्रारंभ किया गया जिस समय यह सड़क पीडब्ल्यूडी के पास थी अब हाइवे प्राधिकरण के पास आ चुकी है। इसके चलते पुल का निर्माण चार लेन में शुरू किया गया था लेकिन अब इसे छह लेन का बनाया जा रहा है जिससे इसके निर्माण की भी अवधि बढ़ गई है। वहीं सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि यहां पर पीडब्ल्यूडी की जमीन नहीं है जिससे डायवर्जन मार्ग भी प्राइवेट जमीन से निकाला हुआ है। अब अवधि बढ़ने की वजह से यहां पर नए सिरे से काम शुरू करना होगा जिसके चलते समय लग रहा है। वहीं पुल के दोनों छोर पर प्राधिकरण की जमीन कम होने से इसमें पेंच लगातार फंसता जा रहा है। जमीन नहीं होने से पुल को चालू करना भी मुश्किल हो गया है।
टींट गांव के समीप डायवर्सन मार्ग पर खराब खड़ा ट्रक।
नारनौल रोड पर टींट के पास धंसे डंपरों की वजह से सड़क पर वाहन।
डायवर्जन मार्ग पर धंसे ट्रक को निकालती क्रेन।