अस्पताल के ब्लड बैंक में कंपोनेंट मशीन लगाने को पर्याप्त जगह नहीं

Kurukshetra News - जिला अस्पताल में ब्लड सेपरेटर कंपोनेटर मशीन की सुविधा सिरे ही नहीं चढ़ पा रही। दो साल से जिला अस्पताल में 61 लाख की...

Feb 21, 2020, 08:21 AM IST
Kurukshetra News - haryana news not enough space to install component machine in hospital39s blood bank

जिला अस्पताल में ब्लड सेपरेटर कंपोनेटर मशीन की सुविधा सिरे ही नहीं चढ़ पा रही। दो साल से जिला अस्पताल में 61 लाख की मशीनें सेंट्री फ्यूज मशीन के अभाव में ब्लड बैंक में धूल फांक रही थी लेकिन अब हाल ही में जिला अस्पताल को 37-37 लाख की दो सेंट्री फ्यूज मशीनें मिली हैं।

मशीनों के मिलने के बाद अब जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में जगह की कमी खल रही है। जगह के अभाव में अब 137 लाख की मशीन शोपीस बनकर रह गई है। अभी तक यह डिसाइड नहीं हो पाया कि ब्लड कंपोनेटर को कहां लगाया जाएगा। हालांकि ब्लड बैंक इंचार्ज ने सिविल सर्जन को मशीनों के इंस्टॉलेशन के लिए उचित जगह देने को लेकर पत्राचार किया है। चाहिए 150 स्कवेयर यार्ड जगह लेकिन है 100 स्कवेयर यार्ड . अस्पताल में कंपोनेटर के लिए उचित जगह मिलने के बाद ही कंपोनेटर के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बता दें कि ब्लड सेपरेटर कंपोनेटर मशीन लगाने के लिए 150 स्कवेयर यार्ड जगह की जरूरत है जबकि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में 100 स्कवेयर यार्ड जगह ही उपलब्ध है। अब ऐसे में मशीनों को ब्लड बैंक में इंस्टॉल नहीं किया जा सकता।

कंपोनेटर शुरू होने के बाद खून की खपत में आएगी कमी : कंपोनेटर शुरू होने के बाद खून की खपत में कमी आएगी। मशीनों की सहायता से खून की एक यूनिट से प्लाजमा, प्लेटलेट्स, लाल रक्त कणिकाएं अलग की जाएंगी। खून की एक यूनिट तीन मरीजों के काम आएगी। इससे जिला अस्पताल में खून की खपत भी कम होगी। बता दें कि अभी जिला अस्पताल में रोजाना 25 से 30 यूनिट रक्त की खपत है।

गर्मियों में खपत 35 से 45 यूनिट तक पहुंच जाती है। कंपोनेट के बाद खपत कम हो जाएगी। वहीं मरीजों को प्लाज्मा, प्लेटलेट्स के लिए करनाल व चंडीगढ़ तक की दूरी नहीं नापनी पड़ेगी। ब्लड सेपरेटर कंपोनेटर मशीन की व्यवस्था जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में बन सकती है। इसके अलावा जिला अस्पताल में कंपोनेटर लगाने की कहीं भी जगह नहीं है। नई बिल्डिंग में कैंटीन की जगह में ही कंपोनेटर स्थापित हो सकता है। वहीं अस्पताल प्रशासन भी कैंटीन की जगह में कंपोनेटर स्थापित करने की तैयारी कर रहा है।

जल्द बनाएंगे व्यवस्था : मार्च माह में मिलनी शुरू होंगी कैटगरी. सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि मार्च माह में मरीजों को खून की अलग-अलग कैटेगरी मिलनी शुरू होंगी। मशीनों के इंस्टॉलेशन के लिए जल्द ही जगह का चुनाव कर लिया जाएगा। मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

कुरुक्षेत्र | जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रखी सेंट्री फ्यूज मशीन।

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