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अब विज्ञान संकाय वाले वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को बनाया जाएगा कलस्टर विद्यालय
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में दिनों दिन गिरते शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए अब शिक्षा विभाग शिक्षा व्यवस्था में व्यवस्थित ढंग से आमूलचूल परिवर्तन करने जा रहा है। ताकि स्कूलों में शिक्षकों के साथ-साथ स्कूल गतिविधि की पूरी मॉनिटरिंग करके राजकीय विद्यालयों में भी विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध करवाई जा सकें। इसी के तहत प्रदेशभर में बनाए गए 1487 कलस्टर विद्यालय के ढांचे में भी परिवर्तन कर अब उन स्कूलों को कलस्टर विद्यालय बनाया जा रहा है जोकि सीनियर सेकेंडरी है। जिला में 99 कलस्टर काम कर रहे हैं। अब से पहले मिडल, सेकेंडरी व प्राइमरी स्कूलों को ही कलस्टर विद्यालय बनाए हुए थे। जिससे कलस्टर कोर्डिनेटर को मॉनिटरिंग करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
इसी के मद्देनजर पंचकुला में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें शिक्षा विभाग की ओर से असिस्टेंट डायरेक्टर नंद किशोर वर्मा, समग्र शिक्षा के राज्य सलाहकार बालकिशन यादव, प्रोग्राम ऑफिसर प्रमोद शर्मा, अजय कुमार, संजय कुमार मौजूद रहे। बैठक में प्रदेशभर के सभी समग्र शिक्षा के सहायक समन्वयकों, जिला गणित विशेषज्ञों व जिला विज्ञान विशेषज्ञ मौजूद रहे।
बता दें कि स्कूलों को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय व जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जोड़ने के लिए 8 से 10 स्कूलों का एक समूह बनाया हुआ है। जिसे कलस्टर का नाम दिया गया है। उस स्कूल के मुखिया को कलस्टर कोर्डिनेटर नियुक्त किया होता है।
जिले के 99 में से 33 कलस्टर में चल रहा है विज्ञान संकाय
समग्र शिक्षा के सहायक परियोजना समन्वयक अमित देवगुण, जिला गणित विशेषज्ञ नीरज पाहुजा और जिला विज्ञान विशेषज्ञ ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सिरसा में 99 कलस्टर हैं। जिनमें 33 में विज्ञान संकाय चल रहा है। जबकि 41 में विज्ञान संकाय शुरु की जा सकती है। इसके अलावा शेष 25 कलस्टर में 24 कलस्टर ऐसे हैं जहां सिर्फ हाई स्कूल हैं। अगर इनमें कलस्टर विद्यालय में सीनियर सेकेंडरी स्कूल की शर्ते आड़े आती हैं तो इन्हें सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अपग्रेड करने के लिए प्रस्ताव डालना होगा। वहीं शेष एक स्कूल जीएमएस भम्बूर को या तो अपग्रेड किया जाए या फिर मंगाला कलस्टर में शामिल करने का सुझाव रखा गया।
कलस्टर विद्यालय में शुरू होगा विज्ञान संकाय
पंचकुला में आयोजित बैठक में मुख्य रूप से कलस्टर विद्यालय, राज्यभर में 1000 बैग फ्री स्कूल खोलने, प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक मॉडल संस्कृति स्कूल बनाने, 4 हजार प्ले खोलने पर विचार-विर्मश किया गया। बैठक में विचार हुआ कि अब प्रत्येक कलस्टर में विज्ञान संकाय वाले वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को ही कलस्टर विद्यालय बनाया जाए। अगर किसी कलस्टर में विज्ञान संकाय वाला वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नहीं है तो वहां विज्ञान संकाय शुरू करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजा जाए। इसके अलावा राजकीय प्राथमिक विद्यालय, राजकीय मिडल विद्यालय व राजकीय हाई विद्यालय, जिन्हें कलस्टर विद्यालय बनाया हुआ है। उन्हें तुरंत प्रभाव से बदला जाए।
कलस्टर विद्यालय बनाने की विभाग की योजना
समग्र शिक्षा के सहायक परियोजना समन्वयक अमित देवगुण ने बताया कि अब सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को कलस्टर विद्यालय बनाने की विभाग की योजना है,जिसके मद्देनजर पंचकुला में प्रदेशभर के डीएमएस, डीएसएस व योजना संबंधित एपीसी विभाग की बैठक में शामिल हुए।\\\'\\\' -अमित,सहायक जिला परियोजना समन्वयक
हर कलस्टर पर नियुक्त है एबीआरसी व एएम
प्रत्येक कलस्टर पर एक कलस्टर विद्यालय के प्रिंसीपल को कलस्टर कोर्डिनेटर नियुक्त किया होता है। इसके अलावा कलस्टर पर एक-एक एबीआरसी व एएम बैठते हैं। एबीआरसी जहां विभाग की डाक सहित अन्य गतिविधियों को अपने कलस्टर में आदान-प्रदान करते हैं।