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सिविल अस्पताल वेंटिलेटर पर, मरीजों को कर रहे रेफर
लोगों को जीवनदान देने के मकसद से प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीस साल पहले बनाया गया रतिया का नागरिक अस्पताल सुविधाओं के अभाव में खुद की हालत खराब है। सुविधा के अभाव में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों को हादसों मेें गंभीर घायलों व रोगियों को फतेहाबाद या अग्रोहा मेडिकल रेफर करना पड़ता है।
इस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं तक नहीं हैं। नागरिक हस्पताल की स्थापना साल 1990 में हुई थी। उस समय पीएचसी बनाया गया था। साल 1997 में बंसी लाल की हविपा सरकार मेें पीएचसी को अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया। तब नया भवन बना। भाजपा सरकार में करीब 5 साल पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर सामान्य अस्पताल का दर्ज दे दिया। तीस साल में अस्पताल केवल अपग्रेड होता गया लेकिन सुविधाएं वही पुरानी रही। मौजूदा समय में अस्पताल 66 बेड का है लेकिन मुख्य सुविधाएं नहीं है।
रेडियो ग्राफर भी नहीं : अस्पताल में पहले अंग्रेजों के जमाने की एक्सरे मशीन चलती थी। कुछ समय पहले नई एक्सरे मशीन मंगवाई गई है। मशीन तो है लेकिन एक्सरे करने के लिए रेडियो ग्राफर नहीं है। रोगियों व आम लोगो को फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल से सेवाएं लेनी पड़ती हैं।
नागरिक अस्पताल के एसएमओ डाॅ. घनश्याम दास ने कहा कि अस्पताल में मुख्य सुविधाएं मुहैया करवाने को लेकर सीएमओ व अन्य उच्चाधिकारियों को अवगत करवा रखा है। जल्द सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी।
समस्या को लेकर स्वास्थ्य मंत्री से मिला जाएगा : विधायक
विधायक लक्ष्मण नापा ने कहा कि नागरिक अस्पताल में बेहतर सुविधाओं को लेकर सीएम व स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष समस्या रखी जाएगी ताकि हलके के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाए मिलें।
मरीज परेशान
अस्पताल में हर माह प्रधान मंत्री मातृत्व योजना के तहत साढे तीन सौ गर्भवती महिलाओं को चेकअप के लिए अल्ट्रासाउंड होता है। लेकिन अस्पताल में मशीन न होने के कारण लोगों निजी अल्ट्रासाउंड से 700 रुपये देकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है।
मुख्य सुविधाएं नहीं
अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। वेंटिलेटर के अभाव में मरीज सांस के अभाव में या तो दम तोड़ देता या फिर उसे रेफर करना पड़ता है। इसके अलावा डेफिएमलेटर का भी अभाव है ये मशीन हार्ट अटैक व बिजली के करंट से बेहोश हुए रोगी को झटका देकर होश में लाने के काम आता है।
सिविल अस्पताल में सुविधाओं को अभाव।