अब तक के शिखर पर पहुंचा प्याज का भाव, मंडी में Rs.90 प्रति किलो बिक रहा

Sonipat News - महंगाई को लेकर हाय तौबा मची है। विशेषकर कुछ दिनों से प्याज के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। सोनीपत में...

Dec 04, 2019, 08:51 AM IST
महंगाई को लेकर हाय तौबा मची है। विशेषकर कुछ दिनों से प्याज के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। सोनीपत में अच्छी क्वाॅलिटी की प्याज मंडी में 90 रुपए प्रति किलो बिक रही है। इसका मुख्य कारण स्थानीय प्याज का स्टॉक खत्म होना बताया जा रहा है। वहीं, उपभोक्ता व्यापारियों द्वारा स्टॉक करके जानबूझकर कीमतें बढ़ाने के आरोप लगा रही हैं। मंगलवार को डीएफएससी मनीषा मेहरा ने सब्जी मंडी में आढ़तियों और रिटेलर का स्टॉक चेक किया।

प्याज की आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा सेंटर नासिक है। लेकिन वहां से भी प्याज आवक कम हो गई है। इन दिनों अफगानिस्तान और राजस्थान से प्याज आ रही है। जिसके कारण प्याज का ट्रांसपोर्ट बढ़ रहा है। इसका असर सीधे ग्राहकों पर पड़ रहा है। लोकल बाजारों में 100 रुपए किलो तक बेचा जा रहा है। रेहड़ी व फेरी वाले अब गुणवत्ता युक्त प्याज बंद कर चुके हैं। वह छोटी-छोटी प्याज लेकर गलियों में घूमकर 80 रुपए किलो में बेंच रहे हैं। लोग अब यही प्याज खरीद भी रहे हैं। गृहिणियों का कहना है कि उन्होंने प्याज का प्रयोग कम कर दिया है।

हर दिन 300 क्विंटल प्याज की बिक्री : सब्जी मंडी में प्रतिदिन करीब 300 क्विंटल प्याज की बिक्री होती है। जीटी रोड पर ढाबे होने के कारण मंडी सोनीपत मंडी में प्याज की मांग अधिक रहती है। ढाबों वालों को तो बेचना होता है, इसलिए उन्हें रेट से कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन घरों में प्याज ने लोगों को आंसू निकालना शुरू कर दिया है। मंगलवार को डीएफएससी मनीषा मेहरा ने सब्जी मंडी में आढ़तियों और रिटेलर का स्टॉक चैक किया। उन्होंने कहा कि सरकार का निर्देश है कि मंडियों में प्याज पर नजर बनाई जाए, ताकि कोई भी प्याज का तय पैमाने से अधिक स्टॉक नहीं कर पाए। जांच में उन्होंने सामान्य ग्राहक की तरह पहले तो रैकी की, इसके बाद सभी का रजिस्टर चैक किया। उनके साथ इंसपेक्टर विरेंदर दहिया और प्रवेश कुमार भी मौजूद रहे। स्टॉक में खामी नहीं होना बताया गया है।

सोनीपत. सब्जी मंडी में स्टाॅक चेक करते डीएफएससी मनीषा मेहरा।

स्थानीय आवक होने पर 10 रुपए किलो हो जाती है

स्थानीय किसानों के खेतों से जब प्याज की आवक शुरू होती है तो प्याज का दाम 10 रुपए किलो पहुंच जाता है। किसान रोहताश बैनीवाल ने कहा कि सरकार के पास मंडियों का सही प्रबंधन नहीं है। जिसके कारण किसान की फसल औने-पौने दामों में खरीद ली जाती है, फिर उसी का भंडारण कर ऊंचे दामों में बेंचा जाता है। किसान आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. राजेश दहिया ने कहा कि सरकार को जिले स्तर पर कमेटी का गठन करना चाहिए जो आपूर्ति और खपत के हिसाब से रेट तय करे। इसके बाद ही मनमानी तरीके से किए जाने वाले कार्य पर विराम संभव है।

अभी राहत की नहीं है उम्मीद : प्याज की स्थानीय फसल फरवरी से मार्च के बीच शुरू होगी। यानि कि इन दिनों में खेतों में प्याज का बीज तैयार किया जाता है। करीब 50 से 55 दिनों में प्याज की फसल तैयार होती है। जो फिलहाल अभी दो महीने बाद आएगी। तब तक लोगों को इसी तरह से महंगी प्याज के साथ समझौता करना होगा।

भास्कर न्यूज | सोनीपत

महंगाई को लेकर हाय तौबा मची है। विशेषकर कुछ दिनों से प्याज के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। सोनीपत में अच्छी क्वाॅलिटी की प्याज मंडी में 90 रुपए प्रति किलो बिक रही है। इसका मुख्य कारण स्थानीय प्याज का स्टॉक खत्म होना बताया जा रहा है। वहीं, उपभोक्ता व्यापारियों द्वारा स्टॉक करके जानबूझकर कीमतें बढ़ाने के आरोप लगा रही हैं। मंगलवार को डीएफएससी मनीषा मेहरा ने सब्जी मंडी में आढ़तियों और रिटेलर का स्टॉक चेक किया।

प्याज की आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा सेंटर नासिक है। लेकिन वहां से भी प्याज आवक कम हो गई है। इन दिनों अफगानिस्तान और राजस्थान से प्याज आ रही है। जिसके कारण प्याज का ट्रांसपोर्ट बढ़ रहा है। इसका असर सीधे ग्राहकों पर पड़ रहा है। लोकल बाजारों में 100 रुपए किलो तक बेचा जा रहा है। रेहड़ी व फेरी वाले अब गुणवत्ता युक्त प्याज बंद कर चुके हैं। वह छोटी-छोटी प्याज लेकर गलियों में घूमकर 80 रुपए किलो में बेंच रहे हैं। लोग अब यही प्याज खरीद भी रहे हैं। गृहिणियों का कहना है कि उन्होंने प्याज का प्रयोग कम कर दिया है।

हर दिन 300 क्विंटल प्याज की बिक्री : सब्जी मंडी में प्रतिदिन करीब 300 क्विंटल प्याज की बिक्री होती है। जीटी रोड पर ढाबे होने के कारण मंडी सोनीपत मंडी में प्याज की मांग अधिक रहती है। ढाबों वालों को तो बेचना होता है, इसलिए उन्हें रेट से कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन घरों में प्याज ने लोगों को आंसू निकालना शुरू कर दिया है। मंगलवार को डीएफएससी मनीषा मेहरा ने सब्जी मंडी में आढ़तियों और रिटेलर का स्टॉक चैक किया। उन्होंने कहा कि सरकार का निर्देश है कि मंडियों में प्याज पर नजर बनाई जाए, ताकि कोई भी प्याज का तय पैमाने से अधिक स्टॉक नहीं कर पाए। जांच में उन्होंने सामान्य ग्राहक की तरह पहले तो रैकी की, इसके बाद सभी का रजिस्टर चैक किया। उनके साथ इंसपेक्टर विरेंदर दहिया और प्रवेश कुमार भी मौजूद रहे। स्टॉक में खामी नहीं होना बताया गया है।

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