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पिंक बसों में छात्राएं व महिलाएं ही कर सकेंगी सफर
अब छात्राओं को पुरुषों की भीड़ में बसों में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे क्योंकि रोडवेज पिंक बस सर्विस शुरू कर रहा है। इसके लिए हेडक्वार्टर से यमुनानगर रोडवेज वर्कशॉप में पांच बसें भेजी गईं हैं। मध्य प्रदेश के टेम्प्रेरी नंबर की पांचों बसों को इंश्योरेंस के बाद जीएम रोडवेज ने आरसी के लिए कह दिया है, ऐसी तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगले सप्ताह सर्विस शुरू हो जाएंगी। हालांकि सर्विस के पायलेट प्रोजेक्ट में बीते माह से सरकारी कॉलेजों के तीन ग्रामीण रूटों पर बड़ी 62 सीटर बसें चल रही हैं, जिन्हें हटाकर 32 सीटर पिंक बसें चलाई जाएंगी। वहीं अगले सत्र में सरकारी आईटीआई व पाॅलीटेक्निक को शामिल कर नया रूट चार्ट तैयार होगा, जिसमें जरूरत पड़ने पर पिंक बसों के अलावा रोडवेज की पुरानी बड़ी बसें भी लगाई जाएंगी।
डिपार्टमेंट ऑफ हायर एजुकेशन (डीएचई) ने सरकारी कॉलेजों से उनके यहां पढ़ रही छात्राओं के रूट मांगे थे, जिसकी रिपोर्ट बनाकर ट्रांसपोर्ट विभाग को भेजी गई। इसी मुताबिक छात्राओं के लिए रूट तय हुए और फरवरी माह से छछरौली व अहड़वाला के सरकारी कॉलेजों को कवर करते यमुनानगर-छछरौली, डारपुर-छछरौली व धनौरा-अहड़वाला रूटों पर 62 सीटर रोडवेज की पुरानी बड़ी बसें चलाई गईं, जो सुबह 7-8 बजे रवानगी कर दोपहर दो से ढाई बजे वापसी करती हैं। बसों में केवल छात्राएं बैठाई जा सकती हैं, जिनकी संख्या कम होने के चलते आधी बसें खाली चलती हैं। इसी तरह की दिक्कत अन्य जिलों में भी देखी गई जिस पर परिवहन विभाग ने प्रदेश के लिए 150 मिनी बसें खरीदीं, जिसमें यमुनानगर डिपो पर पांच बसें आईं। गुलाबी रंग होने से पिंक बस सर्विस नाम दिया गया है।
रूट पर अन्य युवतियों व महिलाओं के लिए भी सर्विस रहेगी ऑन| हालांकि यह पिंक बसें सिर्फ छात्राओं के लिए हैं, लेकिन उनके रूट पर अन्य युवतियों व महिलाओं के दिखने पर सीट खाली होने पर बसों के डोर खोले जाएंगे। इसका निर्णय कंडक्टर पूरे रूट पर छात्राओं की संख्या देख लेगा। अगर आगे रूट पर कोई छात्रा नहीं मिलेगी और सीट खाली होगी, तब अन्य युवतियों व महिलाओं को बसों में बैठाया जा सकेगा।
बटन दबाते ही बजेगा अलार्म, खुलेंगे डोर
पिंक बसों में छात्राओं को सुरक्षा की गारंटी देने के लिए तमाम तकनीक से लैस किया गया है। वहीं भविष्य में बसों में महिला कंडक्टर या अटेंडेंट रखे जाने का भी प्लान है। चालक-परिचाल बसों को तय रूट पर चला रहे हैं या नहीं और कितनी स्पीड से चला रहे हैं। इसके लिए बसों में जीपीएस व स्पीड गवर्नर लगे हैं, जिसकी मदद से अधिकारी मॉनिटरिंग कर पाएंगे। इसके अलावा पिंक बसों में सीसीटीवी कैमरा, इमरजेंसी डोर और अलार्म सुविधा है। बसों में फायर सेफ्टी सुरक्षा के भी यंत्र लगे हैं। बस से उतरने के लिए बस के दरवाजे के पास एक बटन दिया गया है, जिसके दबाने पर अलार्म बजेगा और ड्राइवर गाड़ी रोक देगा। यही नहीं, इन बसों में एक महिला पुलिस कर्मी तैनात करने पर भी बात चल रही है।
पांच मिनी बसें आ गईं हैं। इनका रंग गुलाबी है और 32 सीटर हैं। सुरक्षा के लिहाज से बसों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इनके इंश्योरेंस कराने के बाद आरसी के लिए अप्लाई कर दिया है। ऐसी औपचारिकताएं पूरी होने पर सप्ताह बाद पिंक बस सर्विस शुरू कर देंगे।
लेखराज, जीएम रोडवेज यमुनानगर।