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शराब ठेका खोलने से मना करने वाले आधे सरपंच ही दे पाए तार्किक जवाब
प्रदेश सरकार के निर्देश पर आबकारी व कराधान विभाग द्वारा गांवों में शराब ठेका नहीं खोलने के लिए लिया गए रिजोल्यूशन पर विभाग ने अपना फैसला सुना दिया है। जिसके तहत पूरे जिले से 48 पंचायतों ने आवेदन दिया था। विभाग ने अपने मानकों पर मात्र 24 को खरा पाया और बंद करने की इजाजत दे दी है। नया आदेश एक अप्रैल-2020 से लागू होगा। सभी पंचायतों को पत्र व्यवहार कर इसकी जानकारी दे दी गई है।
गांव में शराब ठेका नहीं खुलने से ग्रामीण काफी खुश हैं। इसके साथ ही विभाग से पंचायत को मिलने वाली ग्रांट भी बंद हो जाएगी। शराब ठेका नहीं खोलने के लिए प्रदेश सरकार ने पंचायतों के 10 प्रतिशत मतदाता की अनुमति का रिजोल्यूशन मांगा था। जो पंचायतें ऐसा कर पाई उनके गांव में ठेका नहीं खोलने की बात की कही गई थी। जिसके बाद पंचायतों ने रिजोल्यूशन दिया था। विभागीय अधिकारियों की मानें तो बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बगैर वोटिंग का ब्यौरा दिए ही आवेदन कर दिया था। जिसके कारण उनका आवेदन रद्द कर दिया गया।
इन्होंने भी आवेदन किया था
सोनीपत में 48 गांवाें के प्रतिनिधियों ने गांव में शराब ठेका नहीं खोलने का रिजोल्यूशन दिया है। रिजोल्यूशन एक वित्त वर्ष पहले लिया जाता है। जिसके तहत 2019 में जैनपुर, मीमारपुर, राठधना, गन्नौर के अहुलाना, बिधलान, दातौली, गढ़ी हकीकत, कंवाली, खांडा, खेड़ी तगा, माहरा मोहान, राम नगर, रोहणा, तिहाड़ मलिक व तिहाड़ कलां, पाई, गुहणा, जसराना, शामड़ी सिसाना, शहजादपुर, जाहरी, मंडोरा, बोहला, पबनेरा, रुखी, सलीमपुर ट्राॅली, करेवड़ी, सरढाना, बली कुतुबपुर, महम्मदपुर माजरा, कैलाना खास, ठरू, बिलबिलान, हुल्ला हेड़ी, कामी, रसूलपुर, माहरा गोहाना ने रिजोल्यूशन दिया है। जबकि इस साल पांच पंचायतों ने रिजोल्यूशन किया है।
इन गांवों में बंद होंगे ठेके
प्रदेश सरकार द्वारा 24 गांवों में ठेके नहीं खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। इसमें सलीमपुर ट्राली, भौवापुर, महमूदपुर माजरा, रानाखेड़ी, कुंडल, भौरा रसूलपुर, झुंडपुर, बली ब्राह्मणान, दहिसरा, जैनपुर, खेड़ी गुज्जर, मर्तंड, कहल्पा, बादशाहपुर माछरी, उम्मेदगढ़, बिलबिलान, न्यात, दुभेटा, कतलूपुर, रामपुर, टेहा, पबसरा, महमूदपुर मान और सिवांका गांव शामिल है। जहां से ण्क अप्रैल को शराब ठेके हट जाएंगे।
बंद कर दिए जाएंगे ठेके
सरकार और उच्च अधिकारियों ने 24 गांवों में ठेका नहीं खोलने की अनुमति प्रदान की है। इन पंचायतों के प्रतिनिधियों को पत्र व्यवहार कर सूचित कर दिया जाएगा। निलामी के बाद इन सभी गांवों से ठेकों को हटा लिया जाएगा। नई घोषणा अप्रैल से लागू होगी। -नरेश कुमार, डीईटीसी सोनीपत।
शराब के कारोबार में जमकर उछाल: 10 सालों में चार गुना बढ़ा राजस्व
सोनीपत जिला पिछले 10 सालों में चार गुना अधिक राजस्व देने वाला जिला बना है। यानी दाे साल में शराब से राजस्व दाे गुना बढ़ गया है। 2017 में जिले में स्थित शराब ठेकों की कुल बोली एक कराेड़ 36 लाख में हुई थी। 2018 में विभाग ने एक कराेड़ 36 लाख का रिजर्व अमाउंट फिक्स कर दिया। उन्होंने इन ठेकों को एक करोड़ 89 लाख रुपए में बेच दिया। 2019 में विभाग ने एक करोड़ 63 लाख रुपए का रिजर्व अमाउंट कर दिया। तब भी रिकॉर्ड बढ़त के साथ दो करोड़ 49 लाख में ठेकों की नीलामी की। इसके साथ ही फीस, परमिट, शराब फैक्ट्रियों से आने वाले राजस्व सहित पूरे साल में करीब 400 कराेड़ रुपए का राजस्व सोनीपत से सरकार को केवल शराब से मिल रहा है।
48 गांवों के ग्रामीणों ने सरपंच सहित सौंपा था रिजॉल्यूशन
नशे के खिलाफ }नया आदेश एक अप्रैलसे लागू होगा, पंचायतों को भेजेंगे पत्र
साेनीपत. सुभाष चाैक पर शाराब का ठेका।