तालाब की जमीन पर बनने वाले केंद्रीय विद्यालय का विरोध, ग्रामीण जाएंगे कोर्ट

Yamunanagar News - चौराही गांव में केंद्रीय विद्यालय के लिए दी जाने वाली पंचायती जमीन का गांववासी विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:23 AM IST
Bilaspur News - haryana news opposition to the central school being built on the land of the pond villagers will go to court
चौराही गांव में केंद्रीय विद्यालय के लिए दी जाने वाली पंचायती जमीन का गांववासी विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कोर्ट में जाने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि एक ओर तो सरकार भूजल को बचाने के लिए हर गांव में तालाब खुदवाने की बात कह रही है, दूसरी ओर उनके गांव का तालाब बंद किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए पंचायती जमीन का नुकसान करना चाहते हैं। वहीं चौराही गांव के सरपंच नरेश कुमार का कहना है कि पंचायत के रिकार्ड में उस जगह पर कोई तालाब नहीं है।

जिले में केंद्रीय विद्यालय खोलने का निर्णय हलका साढौरा के चौराही गांव में लिया गया है। इस बाबत ग्राम पंचायत चौराही ने स्कूल के लिए पांच छह एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेज दिया। इसकी खबर जब ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। गांववासी जसबीर सिंह, पूर्व सरपंच करनैल सिंह, धर्मवीर, अमन कुमार, टोनी, तेजबीर, सुखबीर सिंह, बिल्लू, पंच रवि व जयपाल का कहना है कि जिस जमीन पर स्कूल खोलने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है वह सिंगाड़े के लिए पट्टे पर दे रखी है। उसका ठेका अभी एक साल का बकाया है। उनका कहना है कि यह तालाब पांच दशक पुराना है। जिसे पंचायत बंद कराना चाहती है।

तालाब बंद नहीं किया जाएगा | हलका साढौरा विधायक चौधरी बलवंत सिंह का कहना है कि पंचायती तालाब को बंद करने का सरकार या पंचायत का कोई प्लान नहीं है। तालाब से अलग पंचायती जमीन को केंद्रीय विद्यालय के लिए दिया गया है। कुछ लोग जानबूझ कर पंचायत के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं।

पानी निकासी होगी अवरुद्ध : सरपंच करनैल सिंह

पूर्व सरपंच करनैल सिंह का कहना है कि तालाब के समीप पंचायती भूमि में सौ से अधिक प्लाट गरीबों के लिए काट रखे हैं जिनमें पचास से अधिक घर बन चुके हैं। उनके घरों के पानी की निकासी भी इसी तालाब में होती है। इस तालाब के बंद हो जाने से इनकी पानी निकासी भी अवरूद्ध हो जाएगी। पूर्व सरपंच करनैल सिंह का कहना है कि इसी रंजिश में जमीन स्कूल के लिए दी जा रही है। इससे पूरे गांव की सालाना इनकम बंद हो जाएगी जिससे गांव का विकास प्रभावित होगा। उनका यह भी कहना है कि गांव में स्कूल खोलने का प्रोजेक्ट एक बार रद्द हो गया था। इसे दोबारा फिर से उठाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि वे इसका विरोध करेंगे और कोर्ट में चुनौती देंगे।

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