- Hindi News
- National
- Beri News Haryana News Out Of 225 Electricity Defaulters 123 Collected 15 Million
225 बिजली डिफाल्टरों में से 123 ने 15 लाख जमा किए
बेरी डिविजन में आने वाले गांवों में 66607 बिजली उपभोक्ताओं में से 60750 बिल समय पर जमा कर रहे हैं। बेरी डिविजन के एक्सईएन सूरज प्रकाश सिंह ने बताया कि अब 5857 उपभोक्ता डिफाल्टर बचे हैं, जिनकी बकाया राशि 2141.75 लाख रुपए है। एसपी सिंह ने सोमवार को डिफाल्टरों के कनेक्शन काटने के लिए 14 जेई व 157 एओआर को नियुक्त किया। डिफाल्टरों से हाथापाई व दुर्व्यवहार से बचने के लिए थानों में एफआईआर दर्ज करने के लिए स्टाफ को नियुक्त किया है। अभियान के जरिए अब रोजाना डिफाल्टरों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। अब तक शहर में 225 डिफाल्टरों में से 123 डिफाल्टर ने 15.08 लाख रुपए का बिल जमा कर दिया है।
एक्सईएन ने बताया कि दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्र में 525 डिफाल्टरों ने 46.52 लाख रुपए जमा कर दिए हैं। इस महीने में अब तक 258 डिफाल्टरों के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इसके अलावा बिजली चोरी रोकने के लिए छापेमारी तेज कर दी है। इस संबंध में चोरी की सूचना देने वाले व्यक्ति को चोरी की जुर्माना की राशि का 10 फीसदी अदा की जाती है। सूचना देने वाले का नाम-पता गुप्त रखा जाता है। इस साल अब तक 306 बिजली चोरी पकड़ी जा चुकी हैं, जिनकी जुर्माना राशि 38. 04 लाख रुपए है। इसमें से 37. 74 लाख रुपए की रिकवरी विभाग में जमा की गई है। इस छापामारी को तेज करने के लिए दिन के अलावा रात में भी चोरी पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है।
िबजली कर्मचारी कनेक्शन काटते हुए।
िसवाना गांव में करंट लगने से मरी भैंस की जांच करते हुए पुलिसकर्मी।
बेरी | सिवाना गांव में जगह-जगह बिजली के करंट दौड़ते नीचे लटकते तार अाैर असुरक्षित पाेलाें की वजह से ग्रामीण दुखी हैं। इसी बड़ी लापरवाही के कारण मनोज की दुधारू भैंस पर बिजली के तार गिरने से मौत हो गई। इसके बाद सिवाना के ग्रामीणों में बिजली निगम के प्रति राेष जताया। पीड़ित पक्ष ने इस बारे में बिजली निगम के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है। मौके पर पुलिस टीम भी जांच करने आई। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली निगम कि इस लापरवाही को ग्रामीणों ने बार बार चेताया किंतु पिछले 1 वर्ष से बार-बार अवगत कराने पर भी बिजली निगम के किसी भी कर्मचारी ने इस बिजली के खंभे व लाइन को ठीक करने की जहमत नहीं उठाई। इस बारे में गांव के सरपंच ने बिजली निगम से बार-बार संपर्क किया, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। पूर्व सरपंच व ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया और पुलिस ने आकर मौका मुआयना किया। बिजली निगम की लापरवाही के कारण गांव में पहले भी कई बार पशुअाें को मौत हा़े चुकी, लेकिन बिजली निगम ने इस हालात की कभी सुध नहीं ली।
िसवाना में बिजली के तार की चपेट में अाने से भैंस की माैत